
उत्तराखंड के गठन में अहम भूमिका निभाने वाली मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में धामी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण और सहकारी प्रबंधन समितियों में 33% आरक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और स्वावलंबी बनाया जा रहा है।
मातृशक्ति के संघर्षों को किया नमन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक खास पोस्ट साझा करते हुए राज्य निर्माण की उस संघर्षपूर्ण यात्रा को याद किया, जिसमें महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अपनी जान की परवाह किए बिना आंदोलन किया था। सीएम ने कहा कि राज्य के गठन के सपने को साकार करने में महिलाओं का साहस और संकल्प अविस्मरणीय है, और आज उनकी सरकार उसी मातृशक्ति के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सशक्त नारी, सशक्त उत्तराखंड का विजन
सरकार का मानना है कि राज्य की प्रगति में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास अधूरा है। इसी उद्देश्य के साथ सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 30% क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 33% आरक्षण दिया गया है।
उत्तराखंड राज्य निर्माण की संघर्षपूर्ण यात्रा में मातृशक्ति का योगदान अविस्मरणीय रहा है। राज्य आंदोलन में सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने वाली महिलाओं ने अपने साहस और संकल्प से अलग राज्य के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। हमारी सरकार द्वारा महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण और सहकारी प्रबंधन समितियों में 33% आरक्षण प्रदान कर उन्हें सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता की नई राह दी जा रही है। राज्य स्थापना के 26 वर्षों के इस गौरवशाली सफर में नारी शक्ति का सम्मान ही सशक्त उत्तराखंड की पहचान है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) November 4, 2026
26 वर्षों का गौरवशाली सफर
उत्तराखंड राज्य स्थापना के 26 वर्षों के इस गौरवशाली सफर में नारी शक्ति का सम्मान ही अब राज्य की असली पहचान बन चुका है। सरकार के इन दूरदर्शी फैसलों से न केवल महिलाओं को नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि वे समाज में नेतृत्व करने की ओर भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।


