Post Office MIS: अगर आप अपनी जमा पूंजी से हर महीने एक तय कमाई चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) बढ़िया विकल्प हो सकती है। इसमें एकमुश्त पैसा जमा किया जाता है। इसके बाद पोस्ट ऑफिस हर महीने ब्याज देता है। स्कीम की अवधि पूरी होने पर जमा की गई मूल रकम वापस मिल जाती है।
खास बात यह है कि इस स्कीम में निवेश के लिए उम्र की कोई तय सीमा नहीं है। ऐसे में नौकरीपेशा लोग, रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे लोग और नियमित इनकम चाहने वाले निवेशक इसमें पैसा लगा सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस MIS पर कितना ब्याज मिल रहा है?
अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही में पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। सरकार ने इस तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है।
इस स्कीम में ब्याज हर महीने मिलता है। खाता खोलते समय लागू ब्याज दर पूरे 5 साल की अवधि के लिए तय रहती है। यानी बाद में सरकार ब्याज दरों में बदलाव करती है, तो आपके खाते पर उसका असर नहीं पड़ेगा।
₹9 लाख जमा करने पर हर महीने कितनी कमाई होगी?
पोस्ट ऑफिस MIS में सिंगल अकाउंट के लिए अधिकतम ₹9 लाख जमा किए जा सकते हैं। इस रकम पर 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से निवेशक को हर महीने ₹5,550 मिलेंगे।
यानी ₹9 लाख जमा करने पर सालाना ब्याज आय ₹66,600 होगी। 5 साल की पूरी अवधि में कुल ब्याज ₹3.33 लाख बनता है। इस दौरान हर महीने ब्याज मिलता रहेगा और मैच्योरिटी पर मूल रकम वापस मिल जाएगी।
Post Office MIS का पूरा कैलकुलेशन
| पैमाना | कैलकुलेशन |
| कुल निवेश | ₹9,00,000 |
| सालाना ब्याज दर | 7.40% |
| मासिक ब्याज | ₹5,550 |
| सालाना ब्याज | ₹66,600 |
| 5 साल का कुल ब्याज | ₹3,33,000 |
| मैच्योरिटी पर मूल रकम | ₹9,00,000 |
5 साल में कुल कमाई सहित रकम | ₹12,33,000 |
नोट: यह कैलकुलेशन 7.4% सालाना ब्याज दर पर आधारित है। टैक्स शामिल नहीं है।
पोस्ट ऑफिस MIS की अवधि कितनी है?
पोस्ट ऑफिस MIS की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। इस दौरान निवेशक को हर महीने ब्याज मिलता है। पांच साल पूरे होने पर जमा की गई मूल रकम वापस मिल जाती है।
अगर निवेशक को मैच्योरिटी के बाद भी नियमित इनकम की जरूरत है, तो वह नियमों के अनुसार नया MIS अकाउंट खोलकर फिर से निवेश कर सकता है।
इन बातों का भी ध्यान रखें
- पोस्ट ऑफिस MIS में सिंगल अकाउंट के तहत अधिकतम ₹9 लाख जमा कर सकते हैं।
- जॉइंट अकाउंट में निवेश की अधिकतम सीमा ₹15 लाख है।
- इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है।
- ब्याज का भुगतान हर महीने किया जाता है। इसे सालाना या एकमुश्त नहीं लिया जा सकता।
- MIS से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। इसलिए निवेश से पहले अपनी टैक्स देनदारी को भी समझ लें।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

