
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का गुजरात के जामनगर में स्वागत किया। जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी स्थित है। इस दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री और राजदूत को रिलायंस के अत्याधुनिक रिफाइनरी परिसर का भ्रमण कराया गया। उन्हें रिफाइनरी के विशाल परिचालन ढांचे, आधुनिक तकनीक और एकीकृत संचालन व्यवस्था की जानकारी दी गई।

न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स का भी जायजा
रिलायंस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मार्को रुबियो और सर्जियो गोर को कंपनी की न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्रियों के बारे में भी बताया गया। इन फैक्ट्रियों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें निर्माणाधीन डेटा सेंटर परियोजनाओं की जानकारी भी दी गई।
मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने जामनगर परिसर के लिए रिलायंस के दीर्घकालिक विजन को साझा किया। उन्होंने जामनगर को डीप-टेक, नवाचार और उन्नत विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना के बारे में बताया। इस दौरे के जरिए रिलायंस के ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे निवेश के साथ-साथ उन्नत विनिर्माण और डीप-टेक क्षमताओं को भी प्रदर्शित किया गया।

ऊर्जा क्षेत्र में कारोबारी साझेदारी पर चर्चा
दौरे के दौरान वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और पारंपरिक तथा नई ऊर्जा के क्षेत्रों में कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। इस बातचीत में भरोसेमंद और किफायती ऊर्जा आपूर्ति, तकनीकी विकास, मजबूत सप्लाई चेन और बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जरूरी निवेश जैसे विषय शामिल रहे।
दोनों पक्षों ने ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच बढ़ते तालमेल पर भी विचार साझा किए। इसमें डेटा सेंटर के संचालन के लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार में ऊर्जा की भूमिका पर चर्चा की गई।

अमेरिकी कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं
मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने अमेरिकी कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर भी अपने विचार रखे। इसमें तकनीक, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में दोनों देशों की पूरक क्षमताओं का लाभ उठाने पर जोर रहा। रिलायंस के अनुसार, इस बातचीत से उद्योग जगत के अनुभव साझा करने और दोनों पक्षों के लिए कारोबारी हितों वाले क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला।


