Jammu Kashmir में 16,397 महिलाएं और बच्चियां लापता, 4,271 का अब तक नहीं मिला सुराग

Jammu Kashmir में 16,397 महिलाएं और बच्चियां लापता, 4,271 का अब तक नहीं मिला सुराग

जम्मू कश्मीर में महिलाओं और बच्चियों के लापता होने के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। गृह विभाग से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2019 से 2026 के बीच 16,397 महिलाएं और नाबालिग बच्चियां लापता दर्ज की गईं। इनमें से 12,126 का पता लगा लिया गया, जबकि 4,271 का अब भी सुराग नहीं है। यह आंकड़ा कुल मामलों का 26 प्रतिशत से अधिक है। एक समाचार पत्र में आरटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जिलावार विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।

आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 तक 14,593 वयस्क महिलाएं लापता हुईं। इनमें से 11,338 को खोज लिया गया, जबकि 3,255 अब भी लापता हैं। वहीं, अगस्त 2026 तक 18 वर्ष से कम आयु की 1,804 बच्चियां लापता दर्ज हुईं। इनमें से 788 का पता चला, जबकि 1,016 का कोई सुराग नहीं मिला। यानी नाबालिग बच्चियों के 56 प्रतिशत से अधिक मामले अब भी अनसुलझे हैं। वर्षवार आंकड़े बताते हैं कि 2019 में 1,388 वयस्क महिलाएं लापता हुईं। 2021 में यह संख्या 1,854 और 2023 में 2,242 रही। वर्ष 2025 में सर्वाधिक 2,595 वयस्क महिलाओं के लापता होने के मामले दर्ज हुए, जिनमें 493 का पता नहीं चला।
 

नाबालिग बच्चियों के मामले भी बढ़े। 2019 में 150 बच्चियां लापता हुईं, जबकि 2023 में 261 और 2025 में 289 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2026 में अगस्त तक 286 बच्चियां लापता हुईं, जिनमें 158 का पता नहीं चला। उम्रवार आंकड़े केवल 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक के वर्गों में उपलब्ध हैं। पांच, दस या 15 वर्ष जैसी आयु-श्रेणियों का अलग विवरण रिपोर्ट में नहीं है। आंकड़े पूरे दस साल के बजाय 2019 से 2026 तक की अवधि के हैं।