
विश्व हिन्दी परिषद नई दिल्ली द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में इंदौर के डॉ. अशोक कुमार भार्गव, आईएएस, पूर्व कमिश्नर रीवा एवं शहडोल संभाग को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
डॉ.भार्गव इस सम्मेलन में ‘भारत रत्न अटल : हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन’ विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। 30-31 अक्टूबर 2026 को आयोजित यह सम्मेलन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन उनके बहुआयामी व्यक्तित्व, हिन्दी के प्रति उनके विशेष अनुराग तथा सुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के प्रति समर्पित है।
यह सम्मेलन देश-विदेश के विद्वानों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं एवं गणमान्य अतिथियों की सहभागिता से समृद्ध होगा इसके साथ ही सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत की संकल्पना पर भी गहन विचार विमर्श किया जाएगा। डॉ. भार्गव ने बताया कि अटल जी ने भारतीय राजनीति में संवाद, सहमति और शुचिता की जो परंपरा स्थापित की वह आज भी अनुकरणीय है।
एक प्रखर चिंतक, संवेदनशील कवि और दूरदर्शी नेता के रूप में उन्होंने देश को नई दिशा प्रदान की। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित की तथा संयुक्त राष्ट्र संघ में हिन्दी को पहली बार गौरान्वित करने का अभूतपूर्व कार्य संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में 17 देशों के प्रतिनिधि सम्मिलित हो रहे हैं।


