
Manoj Jarange Patil 500 Crore Audio Clip: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में घटक दलों के बीच की अंदरूनी तल्खी अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपए के कथित ऑडियो क्लिप विवाद ने भाजपा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के रिश्तों में दरार को उजागर कर दिया है।
इस मामले में जहां शिवसेना के वरिष्ठ नेता अपनी ही सहयोगी भाजपा पर शिंदे को राजनीतिक रूप से कमजोर करने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं, वहीं भाजपा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
क्या है 500 करोड़ का ऑडियो क्लिप मामला?
ताज़ा राजनीतिक तूफ़ान मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे-पाटिल द्वारा जारी एक कथित ऑडियो क्लिप के बाद शुरू हुआ।
- आरोप : इस क्लिप में दावा किया गया कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे-पाटिल तक 500 करोड़ रुपए पहुंचाए जाने की चर्चा हुई थी।
- सफाई : एकनाथ शिंदे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, जबकि भाजपा ने इस ऑडियो क्लिप की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसके फर्जी होने की आशंका जताई है।
- जांच के आदेश : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की फोरेंसिक जांच (Forensic Investigation) के आदेश दिए हैं ताकि रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता और इसमें शामिल आवाजों की पहचान की जा सके। फडणवीस ने सवाल उठाया कि हमें यह भी पता लगाना होगा कि यह ऑडियो क्लिप ढाई साल बाद अब क्यों सामने आई है। इस बीच, मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुंबई पुलिस ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
The Mumbai Police has formed a Special Investigation Team (SIT) following instructions from Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis. The SIT has been formed to investigate the allegations surrounding a ₹500 crore transaction involving Maratha quota activist Manoj Jarange Patil, alongside an alleged audio recording connected to the matter
— ANI (@ANI) October 26, 2026
यह SIT मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल से जुड़े 500 करोड़ रुपए के लेन-देन के आरोपों और इस मामले से जुड़ी एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच करेगी।
शिंदे को खत्म करने की साज़िश : शिवसेना का सीधा हमला
इस विवाद के बाद शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने भाजपा के भीतर मौजूद कुछ तत्वों पर खुलकर हमला बोला।
कदम ने तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि भाजपा में वे कौन लोग हैं, जिन्होंने एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने का बीड़ा उठाया है? जनता के सामने उनकी पहचान उजागर होनी चाहिए। एकनाथ शिंदे ने आप पर भरोसा जताकर हाथ मिलाया था, लेकिन क्या अब आप भी उनके बढ़ते कद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगे हैं?
इसके जवाब में भाजपा एमएलसी प्रवीण दरेकर ने पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी बिना किसी ठोस सबूत के अपने नेताओं या मंशा पर लगाए जा रहे आरोपों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।
2022 से 2026 : कैसे बदलता गया शक्ति संतुलन?
शिंदे और भाजपा के बीच यह तनाव नया नहीं है, लेकिन इस बार का विवाद नीतिगत मतभेदों से आगे बढ़कर आपसी अविश्वास और राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई बन गया है।


