ट्रम्प ने अपना नया विमान ‘एयरफोर्स-1’ दिखाया:कहा- यह उड़ता हुआ व्हाइट हाउस, ऐसी लग्जरी कहीं नहीं; कतर ने पिछले साल गिफ्ट किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को नया एयरफोर्स वन विमान दिखाया। यह विमान पहले कतर सरकार के पास था। पिछले साल मई में कतर ने बोइंग 747 का यह आधुनिक मॉडल ट्रम्प को उपहार में दिया था। बाद में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में तैयार किया गया। मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में ट्रम्प ने इस विमान को दुनिया का सबसे शानदार राष्ट्रपति विमान बताया। उन्होंने कहा, “इस विमान को उड़ते हुए व्हाइट हाउस की तरह बनाया गया है। इतनी लग्जरी शायद दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी।” नए एयरफोर्स-1 की 3 फोटोज पुराने एयरफोर्स-1 की पहचान खत्म, ट्रम्प की पसंद के रंगों में तैयार नए विमान का रंग-रूप मौजूदा एयर फोर्स वन से पूरी तरह अलग है। पुराने विमान के हल्के नीले रंग की जगह इसके निचले हिस्से को गहरे नेवी ब्लू रंग से रंगा गया है, जबकि उसके ऊपर लाल पट्टी बनाई गई है। विमान के उस हिस्से पर, जहां से राष्ट्रपति चढ़ते हैं, राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर लगाई गई है। वहीं पिछले हिस्से पर अमेरिकी झंडा बनाया गया है। ट्रम्प ने कहा कि जब यह प्लेन लंदन, जर्मनी या दुनिया के किसी अन्य एयरपोर्ट पर उतरेगा तो कोई भी इसकी बराबरी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे देश का प्रतिनिधित्व इसी तरह होना चाहिए। रंग और डिजाइन मेरी पसंद के हैं, यह मैं मानता हूं।” उन्होंने यह भी बताया कि नया एयर फोर्स वन अगले महीने 4 जुलाई को अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट करेगा। ट्रम्प NATO समिट में हिस्सा लेने नए प्लेन से जाएंगे ट्रम्प ने पुष्टि की कि वह अगले महीने तुर्किए की राजधानी अंकारा में होने वाले NATO समिट में इसी से जाएंगे। इसके बाद वे नवंबर में भी चीन दौरे पर इसका इस्तेमाल करेंगे। ट्रम्प ने कहा कि इस हफ्ते G7 समिट के दौरान फ्रांस दौरे पर उन्होंने आखिरी बार इस प्लेन का इस्तेमाल किया। 2028 तक ही कतर के गिफ्ट प्लेन का इस्तेमाल ट्रम्प सरकार का कहना है कि कतर से मिला यह प्लेन एक ‘ब्रिज एयरक्राफ्ट’ यानी अस्थायी समाधान है। इसका इस्तेमाल तब तक किया जाएगा, जब तक बोइंग नए राष्ट्रपति विमान तैयार नहीं कर देता। बोइंग के नए प्लेन 2024 में मिलने थे, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी हो गई। अब उनकी डिलीवरी 2028 तक होने की संभावना है। ट्रम्प ने कहा, हम थोड़ी मुश्किल स्थिति में फंस गए थे क्योंकि नए प्लेन समय पर नहीं मिल रहे थे। इसलिए मैंने कतर के अमीर से पूछा कि क्या उनके किसी प्लेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।सामान्य राष्ट्रपति ऐसा नहीं करते। वे इन सबसे दूरी बनाए रखना चाहते हैं। कतर के से मिले गिफ्ट पर उठे थे सवाल नए एयरफोर्स वन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ डॉलर (3600 करोड़ रुपए) बताई गई है। हालांकि विदेशी सरकार से इतना महंगा उपहार स्वीकार करने को लेकर अमेरिका में नैतिकता और कानूनी सवाल उठे थे। आलोचकों ने पूछा था कि क्या किसी विदेशी सरकार से इतना महंगा विमान लेना उचित है। ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद वह इस विमान का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि बाद में इसे किसी राष्ट्रपति पुस्तकालय को दान कर दिया जाएगा। ट्रम्प की पहली पारी से जुड़ा है रंग बदलने का विवाद राष्ट्रपति विमान का रंग बदलने की ट्रम्प की योजना नई नहीं है। अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने नए एयर फोर्स वन को अपने निजी विमान की तरह लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग देने का फैसला किया था। लेकिन मार्च 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यह फैसला बदल दिया था। एयर फोर्स की समीक्षा में कहा गया था कि गहरे रंगों के इस्तेमाल से लागत बढ़ सकती है और विमान की डिलीवरी में और देरी हो सकती है। हालांकि सत्ता में लौटने के बाद ट्रम्प ने फिर अपनी पसंद की रंग योजना लागू कर दी। एयर फोर्स ने यह भी बताया कि भविष्य में कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी विमानों पर भी इसी तरह का लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग इस्तेमाल किया जाएगा। पुराने एयरफोर्स वन अभी सर्विस में रहेंगे एयर फोर्स के एक अधिकारी के अनुसार मौजूदा राष्ट्रपति विमान, जिन्हें VC-25A कहा जाता है, अभी रिटायर नहीं होंगे। वे तब तक सेवा में बने रहेंगे जब तक नए VC-25B विमान पूरी तरह तैयार होकर बेड़े में शामिल नहीं हो जाते। इस दौरान कतर से मिला नया विमान और मौजूदा दोनों एयर फोर्स वन राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। राष्ट्रपति एयरलिफ्ट ग्रुप हर मिशन की जरूरत के हिसाब से तय करेगा कि किस यात्रा में कौन सा विमान इस्तेमाल किया जाएगा। पुराने एयरफोर्स वन के बारे में जानिए ट्रम्प अब तक बोइंग 747-200B का एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। बोइंग 747-200B अपनी सुरक्षा, संचार, और कमांड क्षमताओं के कारण दुनिया का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक चलते-फिरते ऑफिस की तरह है। वैसे तो दो बोइंग 747-200B विमान हैं, जिन्हें एक साथ तैयार रखा जाता है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सवारी वाला विमान ही एयर फोर्स वन कहलाता है। नए एयरफोर्स वन में हवा में ईंधन भरने वाली खूबियां नहीं एयर फोर्स वन में हवा में ही ईंधन भरने वाली खूबियां हैं जो नए एयर फोर्स वन में नहीं है। पुराना विमान परमाणु युद्ध जैसी स्थिति में करीब 7 दिन तक बिना रुके आसमान में रह सकता था। नया विमान अधिकतम 16 घंटे (14,430 किमी) ही उड़ पाएगा। नए प्लेन को तैयार करने के बजट को कंट्रोल में रखने के लिए व्हाइट हाउस ने इस फीचर को हटाने का फैसला किया था, क्योंकि हवा में ईंधन भरने का सिस्टम लगाने में बहुत ज्यादा खर्च आता है। पिछले 30 साल के इतिहास में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के सवार रहते हुए कभी भी हवा में ईंधन नहीं भरा गया है। सुरक्षा कारणों से हमेशा सुरक्षित सैन्य ठिकानों पर ही ईंधन भरना पसंद किया जाता है। नए एयर फोर्स की अपनी बिना ईंधन भरे उड़ान भरने की रेंज पुराने वाले विमान से लगभग 1,100 मील (करीब 1,770 किलोमीटर) अधिक है। यह एक बार में बिना रुके लगभग 8,900 मील (14,300+ किमी) तक उड़ सकता है, जो कि राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए काफी मानी गई है। —————————- ट्रम्प से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले-मेलोनी मेरे साथ फोटो खिंचाने के लिए बेताब थीं:इटली PM का जवाब- उनकी कहानी झूठी, विदेश मंत्री ने US दौरा रद्द किया इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

‘शांति समझौता’ के बहाने अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान की जोरदार किरकिरी, जेडी वेंस ने बताया PAK में क्यों नहीं हुआ MoU साइन

एक पॉडकास्ट में बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन सवालों का जवाब दिया, जिनमें कहा गया था कि 15 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अंतरिम समझौते की घोषणा के तुरंत बाद वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) का टेक्स्ट सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया

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संयुक्त राष्ट्र में इजराइली राजदूत ने UN अफसर को फटकारा:यौन हिंसा से जुड़ी रिपोर्ट में इजराइल का नाम आने से नाराज थे

संयुक्त राष्ट्र (UN) में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। बैठक में इजराइल के राजदूत ने UN की अधिकारी पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट की वजह से इजराइल का नाम पहली बार यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में आया। उनका कहना था कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और इसमें इजराइल के खिलाफ पक्षपात दिखाया गया। डैनन ने पैटन पर आरोप लगाते हुए कहा, “आप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल-विरोधी रवैये के दबाव में आ गईं।” उनका दावा था कि गुटेरेस लगातार इजराइल की आलोचना करते रहे हैं और पैटन की रिपोर्ट भी उसी सोच से प्रभावित थी। बहस में कूदीं UN अधिकारी विवाद बढ़ने के बाद UN की अधिकारी वेनेसा फ्रेजर ने हस्तक्षेप किया। फ्रेजर ने डैनन से कहा कि वह व्यक्तिगत हमले करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट सबूतों पर आधारित है। इस पर डैनन और नाराज हो गए। उन्होंने फ्रेजियर से कहा कि वे चुप रहें। डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और आप संयुक्त राष्ट्र की कर्मचारी हैं। अब आप चुप रहेंगी। आप और आपकी यह शर्मनाक रिपोर्ट दोनों ही चुप रहेंगी… इजराइल और हमास भी लिस्ट में शामिल दरअसल, संयुक्त राष्ट्र हर साल उन देशों, सेनाओं और सशस्त्र समूहों की सूची जारी करता है जिन पर संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के गंभीर आरोप होते हैं। इस बार पहली बार इजराइल को इस लिस्ट में शामिल किया गया। इसके साथ ही हमास और दूसरे फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों को भी लिस्ट में रखा गया। 29 मई को जारी इस रिपोर्ट में के मुताबिक- वेनेसा फ्रेजर बोली- रिपोर्ट सत्यापित सबूतों पर आधारित है फ्रेजर बच्चों और सशस्त्र संघर्ष मामलों की प्रतिनिधि हैं। वह बच्चों और सशस्त्र संघर्ष से जुड़े मामलों पर काम करती हैं। उन्होंने इस हफ्ते एक अलग रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ कथित उल्लंघनों का जिक्र है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कुछ इजराइली सेटलर समूहों को भी ब्लैकलिस्ट में जोड़ा जा सकता है। इजराइल पहले से ही इस रिपोर्ट की लिस्ट ऑफ शेम में शामिल है। पिछले महीने प्रमिला पैटन की रिपोर्ट जारी होने पर इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने इसे एक नया निचला स्तर बताया था। वहीं, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ सभी संबंध समाप्त कर देगा। गुटेरेस का 10 साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग में दुनिया से 115 करोड़ बैरल तेल गायब:ऑयल रिजर्व 36 साल में सबसे कम; ट्रम्प बोले- 4 हफ्ते में भंडार खत्म हो जाते ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि, दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। पूरी खबर पढ़ें

बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने श्रीराम प्रतिमा का प्रोजेक्ट रुकवाया:मूर्ति के अपमान का आरोप, विरोध में हिंदुओं का प्रदर्शन, जय श्रीराम के नारे लगे

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार रात को हजारों हिंदुओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। भगवान राम की प्रतिमा निर्माण का प्रोजेक्ट को रोकने से गुस्साए हिंदू समाज के लोगों ने हाथों में मशाल लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उत्तरी बांग्लादेश के गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी इलाके में एक मंदिर परियोजना के दौरान भगवान राम की तस्वीर को कट्‌टरपंथियों ने अपवित्र किया और निर्माण कार्य को जबरन रोक दिया। यह मार्च शाहबाग से शुरू होकर नेशनल प्रेस क्लब तक पहुंचा। पूरे रास्ते जय श्री राम के नारे गूंजते रहे। इसमें अलग-अलग हिंदू संगठनों के सदस्य और छात्र शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की गिरफ्तारी और तुरंत कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि घटना को लेकर मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रंगपुर में एक छोटे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प की भी जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन से जुड़ी 3 तस्वीरें… भगवान कृष्ण और भगवान शिव की प्रतिमाएं भी बननी थी गैबांधा जिले के पलाशबाड़ी में एक प्रस्तावित मंदिर परिसर में भगवान राम की 81 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण चल रहा था। इसके साथ 53 फुट की भगवान कृष्ण और 30 फुट की भगवान शिव की प्रतिमा भी बनाई जा रही थी। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका यानी 16.9 करोड़ रुपए बताई गई है। यह निर्माण 2025 की शुरुआत में निजी फंडिंग से शुरू हुआ था। श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति के मुताबिक निर्माण कार्य के दौरान कुछ कथित इस्लामिक समूहों ने धमकियां दीं, जिसके बाद काम रोकना पड़ा। समिति ने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और सुरक्षा कारणों से निर्माण अस्थायी रूप से बंद किया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इसी दौरान एक प्रदर्शन में भगवान राम की तस्वीर का अपमान किया गया और उसे नुकसान पहुंचाया गया। अल्टीमेटम और देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी हिंदू संगठनों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठनों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात और औपचारिक ज्ञापन देने की भी घोषणा की है। यह ज्ञापन शनिवार को धार्मिक मामलों के मंत्रालय को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही देशभर में रैलियों और विरोध कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है। कुछ संगठनों ने 64 जिलों में राम मंदिर निर्माण अभियान शुरू करने की बात भी कही है। हिंदू संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में कार्रवाई करने में ढिलाई बरत रही है। कट्टरपंथियों ने फंडिंग-खातों की खुफिया जांच की मांग की कट्टरपंथी संगठन इमाम-उलमा परिषद और अन्य ने इस प्रोजेक्ट की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि खुफिया एजेंसियां जांच करें कि क्या किसी विदेशी सरकार या संगठन से पैसा आया है। इस मांग में परोक्ष रूप से भारत की ओर इशारा माना जा रहा है। विरोधियों ने इस पहल से जुड़े लोगों के बैंक खातों व संपत्तियों की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट का हमारी संप्रभुता पर असर होगा। बीते दो साल में दो और प्रोजेक्ट पर लग चुकी है रोक राम प्रतिमा प्रोजेक्ट से पहले भी दो साल में हिंदू आस्था से जुड़े 2 प्रोजेक्ट पर रोक लग चुकी है। 2025 में कट्टपरंथियों के विरोध पर ढाका में दुर्गा मंदिर प्रशासन ने गिराई। 2024 में ढाका के उत्तरा में दुर्गा पूजा मूर्ति स्थापना पर आपत्ति के बाद उसकी जगह बदलनी पड़ी। दो साल में हिंदुओं पर 2,839 हमले व 100 हत्याएं अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर 2,839 हमले हुए हैं। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, 4-20 अगस्त 2024 के बीच 2,010 घटनाएं हुईं। 2025 में 522 तो 2026 के पहले 3 महीनों में 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 100 से ज्यादा हत्याएं, यौन हिंसा, घर-दुकान पर हमला, मंदिरों-प्रतिमाओं की तोड़फोड़, लूट, आगजनी और जमीन कब्जे जैसी घटनाएं शामिल हैं। —————
बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के दबाव में राम-प्रतिमा का प्रोजेक्ट रुका: फंडिंग की जांच व अधूरा निर्माण गिराने की मांग, 2025 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट बांग्लादेश के गैबांधा जिले में 82 फीट ऊंची राम प्रतिमा का प्रोजेक्ट कट्टरपंथी दबाव के बाद रोक दिया गया है। यह प्रतिमा श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर में बन रही थी। मंदिर समिति ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अस्थायी रोक बताया है, लेकिन इसकी असली वजह कट्टरपंथी संगठनों का दबाव बताया जा रहा है। प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे कट्टरपंथी संगठनों ने अधूरी संरचना गिराने तक की मांग की है। इमाम-उलमा परिषद ने प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द करने, भविष्य में ऐसी किसी पहल पर रोक लगाने और फंडिंग की जांच कराने की मांग रखी है। पूरी खबर पढ़ें… बांग्लादेश लौटने के लिए खुद सामने आ रहे अवैध प्रवासी:बंगाल में रोज 200-300 लोगों का वेरिफिकेशन पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की हकीमपुर चेकपोस्ट पर इन दिनों अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ जुट रही है। ये लोग खुद अपनी पहचान बताकर बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:3 घायल; क्षेत्र में और बम होने की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पहले धमाके के घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी कुछ देर बाद दूसरा धमाका हुआ। यह विस्फोट पहले हमले की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। इसमें 2 और लोगों की मौत हो गई और एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) यासिर अफरीदी ने बताया कि सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बयान जारी कर इन हमलों को कायरतापूर्ण आतंकी कार्रवाई बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों गाड़ियों को रिमोट कंट्रोल से किए गए धमाकों में निशाना बनाया गया। राहत और बचाव टीमों ने मृतकों के शव और घायलों को डोमेल ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। बाद में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों को आशंका है कि क्षेत्र में और भी बम मौजूद हो सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आतंकियों को चेतावनी दी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले की कड़ी निंदा की और नागरिकों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति जरदारी ने आतंकियों और उन्हें सुरक्षित ठिकाने, आर्थिक मदद के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले को चेतावनी दी है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या:हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पूरी खबर पढ़ें

पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:3 घायल; क्षेत्र में और बम होने की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी

पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पहले धमाके के घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी कुछ देर बाद दूसरा धमाका हुआ। यह विस्फोट पहले हमले की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। इसमें 2 और लोगों की मौत हो गई और एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) यासिर अफरीदी ने बताया कि सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बयान जारी कर इन हमलों को कायरतापूर्ण आतंकी कार्रवाई बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों गाड़ियों को रिमोट कंट्रोल से किए गए धमाकों में निशाना बनाया गया। राहत और बचाव टीमों ने मृतकों के शव और घायलों को डोमेल ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। बाद में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों को आशंका है कि क्षेत्र में और भी बम मौजूद हो सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आतंकियों को चेतावनी दी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले की कड़ी निंदा की और नागरिकों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति जरदारी ने आतंकियों और उन्हें सुरक्षित ठिकाने, आर्थिक मदद के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले को चेतावनी दी है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या:हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पूरी खबर पढ़ें

वर्ल्ड अपडेट्स:डोमिनिकन रिपब्लिक के बीचफ्रंट रिजॉर्ट में आग लगी, 1 की मौत; 1700 लोग सुरक्षित निकाले गए

कैरेबियाई देश डोमिनिकन रिपब्लिक के पर्यटन स्थल बायाहीबे स्थित एक बीचफ्रंट रिजॉर्ट में आग लग गई। हादसे में इटली की एक महिला पर्यटक की मौत हो गई, जबकि करीब 1,700 पर्यटकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मृतक की पहचान फ्रांसेस्का वैलेंटिनो के रूप में हुई है। आग विवा विंडहैम डोमिनिकस बीच होटल में लगी थी। DAEH के मुताबिक, 3 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जबकि 6 अन्य का मौके पर ही इलाज किया गया। फायर ब्रिगेड ने कई घंटों के बाद आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, होटल की छत का कुछ हिस्सा ताड़ (पाम) के पत्तों से बना था, जिससे आग तेजी से फैल गई। तेज हवा ने भी आग फैलने में मदद की। फिलहाल आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के इलाकों में पर्यटन गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं। डोमिनिकन रिपब्लिक कैरेबियाई क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। इस साल के पहले पांच महीनों में यहां 56 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… लंदन के बेडफोर्ड में दो ट्रेनों की टक्कर, 1 की मौत; 89 घायल ब्रिटेन की राजधानी लंदन से करीब 90 किलोमीटर दूर बेडफोर्ड इलाके में शुक्रवार शाम दो ट्रेनों की टक्कर हो गई। हादसे में एक ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि 89 लोग घायल हुए हैं। इनमें 11 की हालत गंभीर है। रेलवे ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, दोनों ट्रेनें लंदन के सेंट पैनक्रास स्टेशन की ओर जा रही थीं। शाम करीब 5:15 बजे बेडफोर्ड के पास उनकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर एयर एम्बुलेंस समेत बड़ी संख्या में राहत-बचाव दल भेजे गए। पुलिस ने बताया कि घटना को मेजर इंसिडेंट घोषित कर दिया गया है। ईस्ट ऑफ इंग्लैंड एम्बुलेंस सर्विस के मुताबिक, हादसे में 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 22 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि 56 लोगों को मामूली चोट लगी है। घटना के बाद रेलवे कंपनी ने शुक्रवार के बाकी दिन के लिए सेंट पैनक्रास आने-जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दीं। शनिवार की सेवाओं को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।

वर्ल्ड अपडेट्स:डोमिनिकन रिपब्लिक के बीचफ्रंट रिजॉर्ट में आग लगी, 1 की मौत; 1700 लोग सुरक्षित निकाले गए

कैरेबियाई देश डोमिनिकन रिपब्लिक के पर्यटन स्थल बायाहीबे स्थित एक बीचफ्रंट रिजॉर्ट में आग लग गई। हादसे में इटली की एक महिला पर्यटक की मौत हो गई, जबकि करीब 1,700 पर्यटकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मृतक की पहचान फ्रांसेस्का वैलेंटिनो के रूप में हुई है। आग विवा विंडहैम डोमिनिकस बीच होटल में लगी थी। DAEH के मुताबिक, 3 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जबकि 6 अन्य का मौके पर ही इलाज किया गया। फायर ब्रिगेड ने कई घंटों के बाद आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, होटल की छत का कुछ हिस्सा ताड़ (पाम) के पत्तों से बना था, जिससे आग तेजी से फैल गई। तेज हवा ने भी आग फैलने में मदद की। फिलहाल आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के इलाकों में पर्यटन गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं। डोमिनिकन रिपब्लिक कैरेबियाई क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। इस साल के पहले पांच महीनों में यहां 56 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… लंदन के बेडफोर्ड में दो ट्रेनों की टक्कर, 1 की मौत; 89 घायल ब्रिटेन की राजधानी लंदन से करीब 90 किलोमीटर दूर बेडफोर्ड इलाके में शुक्रवार शाम दो ट्रेनों की टक्कर हो गई। हादसे में एक ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि 89 लोग घायल हुए हैं। इनमें 11 की हालत गंभीर है। रेलवे ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, दोनों ट्रेनें लंदन के सेंट पैनक्रास स्टेशन की ओर जा रही थीं। शाम करीब 5:15 बजे बेडफोर्ड के पास उनकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर एयर एम्बुलेंस समेत बड़ी संख्या में राहत-बचाव दल भेजे गए। पुलिस ने बताया कि घटना को मेजर इंसिडेंट घोषित कर दिया गया है। ईस्ट ऑफ इंग्लैंड एम्बुलेंस सर्विस के मुताबिक, हादसे में 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 22 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि 56 लोगों को मामूली चोट लगी है। घटना के बाद रेलवे कंपनी ने शुक्रवार के बाकी दिन के लिए सेंट पैनक्रास आने-जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दीं। शनिवार की सेवाओं को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। ऑस्ट्रेलिया में पहली बार मिला H5 बर्ड फ्लू, अब सभी महाद्वीप इसकी चपेट में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार H5 बर्ड फ्लू स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही यह वायरस अब दुनिया के सभी महाद्वीपों में पहुंच चुका है। ऑस्ट्रेलिया की कृषि मंत्री जूली कॉलिन्स ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। जूली कॉलिन्स ने बताया कि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एक दूरदराज इलाके में प्रवासी समुद्री पक्षी ब्राउन स्कुआ में H5 बर्ड फ्लू पाया गया है। इसकी पुष्टि देश की राष्ट्रीय विज्ञान एजेंसी ने की है। इसके अलावा एक बीमार जायंट पेट्रेल पक्षी के सैंपल में संक्रमण की आशंका जताई गई है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ही दुनिया का एकमात्र महाद्वीप था, जहां H5 बर्ड फ्लू स्ट्रेन नहीं मिला था। यह वायरस मुर्गियों और जंगली पक्षियों में तेजी से फैलता है और बड़ी संख्या में उनकी मौत का कारण बन सकता है।
मामले को देखते हुए पशु स्वास्थ्य और कृषि अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई है। इसमें वायरस के फैलाव को रोकने और राष्ट्रीय स्तर पर जवाबी रणनीति पर चर्चा की गई। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि यह चिंता की बात है। सरकार वायरस के फैलाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, यह संक्रमण प्रवासी पक्षियों के जरिए यहां पहुंचा है। दुनिया के कई देशों में ऐसा हो चुका है और इसी वजह से हम पहले से तैयारी कर रहे थे। गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने बताया था कि H5 बर्ड फ्लू के कारण उप-अंटार्कटिक क्षेत्र के एक ज्वालामुखीय द्वीप पर स्थित हाथी सील की एक प्रजनन कॉलोनी में 13 हजार से ज्यादा सील के बच्चों की मौत हो चुकी है। यह द्वीप ऑस्ट्रेलिया के बाहरी क्षेत्रों में शामिल है और वैज्ञानिक वहां संक्रमण के असर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

ईरान बोला- समझौता टूटा तो अमेरिका जिम्मेदार होगा:लेबनान समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म कराए वॉशिंगटन; हिजबुल्लाह बोला- इजराइल का कब्जा मंजूर नहीं

ईरान ने कहा है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म कराने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। अगर समझौते का उल्लंघन होता है, तो इसके लिए वॉशिंगटन को जिम्मेदार माना जाएगा। यह बयान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत में दिया। इधर, इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू होने की खबरों के कुछ घंटे बाद हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने कहा कि संगठन इजराइली कब्जे को कभी स्वीकार नहीं करेगा। बेरूत में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने के अपने लक्ष्य पर कायम है। संगठन लेबनान के संविधान के दायरे में काम करता है और विदेशी दबदबे को खारिज करता है। कासिम ने कहा, अगर दुश्मन हमारे खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल करता है, तो हम भी हथियारों से जवाब देंगे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका वार्ता टली: अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाली पहली औपचारिक वार्ता टाल दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबनान में लगातार इजराइली हमलों को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं। 2. लेबनान में इजराइली हमलों में 47 लोगों की मौत: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में शुक्रवार देर रात से हुए इजराइली हवाई हमलों में 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए। 2 मार्च से अब तक मरने वालों की संख्या 3,980 पहुंच गई है। 3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बढ़ी: अमेरिका-ईरान समझौते के बाद 18 जून को 25 कारोबारी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। यह अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा संख्या है। हालांकि, 500 से ज्यादा जहाज और 11 हजार नाविक अब भी खाड़ी में फंसे हुए हैं। 4. ट्रम्प बोले- ईरान को एक पैसा भी नहीं मिलेगा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका मजबूरी में बातचीत की मेज पर नहीं आया, बल्कि ईरान खुद आया है। उन्होंने कहा कि अगले 60 दिनों तक ईरान को अमेरिका से एक पैसा भी नहीं मिलेगा। 5. पाकिस्तानी PM ने सऊदी क्राउन प्रिंस से की बात: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने साऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति और अगले दौर की बातचीत को कूटनीति और संवाद के जरिए आगे बढ़ाने पर जोर दिया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

FATF के उपाध्यक्ष बने भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल:1994 बैच के IAS हैं; FATF दुनियाभर में मनी लॉन्ड्रिंग-आतंकी फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था

भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) का उपाध्यक्ष चुना गया है। FATF दुनिया भर में मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग पर नजर रखने वाली सबसे अहम संस्थाओं में से एक है। विदेश मंत्रालय ने इसे भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। मंत्रालय का कहना है कि यह नियुक्ति आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति और वैश्विक स्तर पर आतंकियों की फंडिंग रोकने के प्रयासों को और मजबूती देगी। 1994 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल फिलहाल संस्कृति मंत्रालय में सचिव हैं। उन्हें प्रशासनिक सेवा में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वैश्विक वित्तीय सुरक्षा में बढ़ेगी भारत की भूमिका विदेश मंत्रालय के अनुसार, विवेक अग्रवाल का चुनाव इस बात का संकेत है कि वैश्विक वित्तीय सुरक्षा और अवैध धन के खिलाफ कार्रवाई में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। FATF दुनिया के देशों के लिए ऐसे नियम और मानक तय करती है, जिनका उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगाना है। FATF में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं अग्रवाल विवेक अग्रवाल पहले FATF में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर चुके हैं। वह फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) के निदेशक भी रह चुके हैं। इस दौरान उन्होंने आर्थिक अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय खुफिया से जुड़े मामलों पर काम किया। भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का संकेत संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि FATF में यह जिम्मेदारी मिलना दुनिया के 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों के बीच भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल पेमेंट, वर्चुअल एसेट्स और नए वित्तीय जोखिमों से जुड़े वैश्विक नियम बनाने में भी भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। FATF ने पहलगाम हमले की निंदा की थी जून 2025 में FATF ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की थी और सभी देशों से आतंक की फंडिंग रोकने की अपील की थी। इसके बाद, भारत ने FATF को पाकिस्तान को दोबारा ‘ग्रे लिस्ट’ में डालने का औपचारिक अनुरोध दिया था। भारत का आरोप है कि पाकिस्तान से हो रही फंडिंग के कारण ही सीमा पार से आतंकी गतिविधियां चल रही हैं। …………… यह खबर भी पढ़ें… ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के पांच और आरोपी अरेस्ट: पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने का टार्गेट दिया गया था, दो दिन में अब तक 12 गिरफ्तार दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 17 जून को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मंगलवार को इस मॉड्यूल के 7 अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस तरह दो दिनो में मॉड्यूल के 12 सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक फरार है। पूरी खबर पढ़ें…