
Meta Fined 25 Billion Dollars: अमेरिका के न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा को 25 अरब डॉलर (2.35 लाख करोड़ रुपए) का भुगतान करने का आदेश दिया है। जूरी ने माना कि डोनाल्ड ट्रंप के 2016 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान से जुड़े इस मामले में एक राजनीतिक परामर्श फर्म ने लाखों फेसबुक यूजर्स का डाटा उनकी सहमति के बिना प्राप्त किया था। मेटा ने पहले ही फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है। ALSO READ: Top News 22 October: दिल्ली-NCR की हवा खराब, मेटा पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना
जिला अदालत के जज फ्रांसिस जे. मैथ्यू ने अपने फैसले में लिखा कि फेसबुक का व्यवहार जानबूझकर किया गया था। कंपनी के अधिकारी लगातार यूजर्स को इस बारे में गुमराह करते रहे कि प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है? उन्होंने कहा कि फेसबुक ने यूजर्स से वादा किया था कि उनके डेटा पर उनका नियंत्रण होगा। यह दावा झूठा था।
जूरी ने पाया था कि कंपनी की ओर से मामले में दिए गए 29 में से 26 बयान भ्रामक थे। कंपनी ने राज्य के उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के 43 लाख से अधिक उल्लंघन किए। यह संख्या फेसबुक यूजर्स या न्यू मेक्सिको के निवासियों की संख्या पर आधारित थी।
राज्य के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने कहा कि इस फैसले को टेक कंपनियों के लिए चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए। यह फैसला सिलिकॉन वैली के लिए एक संकेत और स्पष्ट संदेश होना चाहिए। न्यू मैक्सिको ऐसी कंपनियों को जवाबदेह ठहराएगा।
क्या है मामला?
ब्रिटिश राजनीतिक परामर्श फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका ने थर्ड-पार्टी एप के जरिये करीब 87 मिलियन फेसबुक यूजर्स का निजी डाटा एकत्र किया था। राज्य के अटॉर्नी जनरल ने 2021 में मेटा पर मुकदमा दायर किया था। मेटा पर न्यू मेक्सिको में फेसबुक यूजर्स से झूठ बोलने का आरोप लगाया था। यह झूठ डाटा तक पहुंच, हेट स्पीच और गलत सूचना को संभालने और अन्य आंतरिक नीतियों के बारे में था।


