
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। रविवार से दिल्ली की सीमाओं (बॉर्डर्स) पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं, जिसके तहत दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर BS-6 वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह सख्ती अगले तीन महीनों यानी जनवरी 2027 तक जारी रहेगी।
गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, मंगलवार सुबह अक्षरधाम मंदिर के आसपास के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 349 और इंडिया गेट तथा जनपथ के आसपास के इलाके में AQI 335 पर पहुंचा। इसे ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में रखा गया है।
पुलिस ने दिखाई सख्ती
दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने संयुक्त रूप से बॉर्डर्स पर मोर्चा संभाल लिया। नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई है और जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई है। गुरुग्राम यातायात पुलिस की पांच विशेष टीमें दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित सरहौल बॉर्डर, कापसहेड़ा, आया नगर, रजोकरी और बजघेड़ा बॉर्डर के साथ-साथ ग्वाल पहाड़ी पर तैनात की गई हैं।
मानेसर में पचगांव के पास भी एक विशेष नाका लगाया गया है। यहां दूसरे राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों को रोककर KMP एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे भेजा जा रहा है। 2020 से पहले के भारी वाहनों को भी यहीं रोककर वैकल्पिक मार्गों से जाने की सलाह दी जा रही है।
ट्रैफिक की रफ्तार हुई धीमी, लंबी कतारें
बॉर्डर्स पर लगातार चल रहे चेकिंग अभियान की वजह से यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई है। कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं और चालकों को जांच प्रक्रिया पूरी होने के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि, रविवार होने और ऑफिस बंद रहने के कारण भीषण जाम जैसी स्थिति से राहत रही और सुबह के वक्त सड़कों पर दबाव कम दिखा।
जनवरी 2027 तक लागू रहेंगे नियम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पाबंदियां जनवरी 2027 तक यानी पूरे तीन महीने लागू रहेंगी। नए नियमों के तहत 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली में केवल BS-6, CNG और इलेक्ट्रिक (EV) वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। बिना वैध पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को दिल्ली में एंट्री नहीं मिलेगी।
प्रशासन की इस सख्ती के चलते अगले तीन महीनों तक दिल्ली-NCR में आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को कड़ी जांच और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


