Cyclone Arnab: समुद्र में कैसे पैदा होता है खतरनाक चक्रवात? जानिए ‘लैंडफॉल’ और तूफान से खास बात

Cyclone Arnab: समुद्र में कैसे पैदा होता है खतरनाक चक्रवात? जानिए 'लैंडफॉल' और तूफान से खास बात

cyclone arnab

चक्रवात मुख्य रूप से समुद्र के ऊपर बनने वाली एक प्राकृतिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। जब समुद्र का तापमान और वातावरण में नमी एक खास स्तर पर पहुंच जाती है, तब ये भयंकर तूफान पैदा होते हैं। जानिए तूफान या चक्रवात आने के मुख्य कारण और प्रक्रिया, क्या होता है लैंडफॉल और कब शांत होता है तूफान? ALSO READ: Cyclone Arnab Alert: 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; स्कूल बंद और ट्रेनें रद्द

क्यों आता है चक्रवात?

1. समुद्र के पानी का गर्म होना

-चक्रवात हमेशा उष्णकटिबंधीय समुद्रों में बनते हैं जहां का तापमान 26.5°C या उससे अधिक होता है।

-जब सूरज की तेज गर्मी से समुद्र का पानी और उसके ऊपर की हवा गर्म हो जाती है, तो वह हवा हल्की होकर तेजी से ऊपर उठने लगती है।

 

2. कम वायुदाब का क्षेत्र बनना

-जब गर्म हवा ऊपर उठ जाती है, तो उस जगह पर हवा का दबाव बहुत कम हो जाता है (यानी ‘लो प्रेशर एरिया’ बनता है)।

-इस खाली जगह को भरने के लिए आसपास के ठंडे और भारी इलाके से हवाएं तेजी से उस केंद्र की तरफ दौड़ती हैं।
 

3. बादलों का निर्माण और नमी

समुद्र के ऊपर से उठने वाली गर्म हवा में नमी होती है। जब यह हवा ऊपर जाकर ठंडी होती है, तो संघनन की प्रक्रिया द्वारा बड़े-बड़े बादल बनाती है। इस प्रक्रिया में भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जो तूफान को और अधिक ताकतवर बना देती है।

4. पृथ्वी का घूर्णन और कोरियोलिस प्रभाव

-पृथ्वी अपनी धुरी पर लगातार लट्टू की तरह घूमती है। इस घूर्णन के कारण एक बल पैदा होता है जिसे कोरियोलिस बल कहते हैं।

-इसी बल के कारण केंद्र की तरफ आने वाली हवाएं सीधी न चलकर गोल-गोल घूमने लगती हैं (उत्तरी गोलार्ध में यह घड़ी की सुइयों के विपरीत यानी anti clockwise घूमती हैं)।

5. विशाल चक्रवात का रूप लेना

-जब यह चक्राकार घूमने वाली हवाओं का दायरा और गति बहुत तेज हो जाती है (अक्सर 62 से 115 किमी/घंटा या उससे अधिक), तो यह एक पूर्ण विकसित चक्रवाती तूफान बन जाता है।

-इसके बीच के शांत हिस्से को ‘तूफान की आंख’ (Eye of the Storm) कहा जाता है।

 

क्या होता है लैंडफॉल?

जब तक चक्रवात समुद्र के ऊपर रहता है, उसे पानी से नमी और ऊर्जा मिलती रहती है। लेकिन जब यह आगे बढ़कर समुद्री सीमा को पार करके जमीन (क्‍या तटीय इलाकों) पर पहुंचता है, तो इस प्रक्रिया को लैंडफॉल कहा जाता है।

 

लैंडफॉल के दौरान क्या होता है?

सबसे ज्यादा तबाही: लैंडफॉल के समय ही तूफान का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिलता है। इस दौरान हवा की रफ्तार अपने चरम पर होती है।

भारी बारिश और तूफान: तट से टकराते समय समुद्र का पानी ऊंची-ऊंची लहरों (Storm Surge) के रूप में तटीय इलाकों में घुसने लगता है और भारी बारिश होती है।

तेज हवाएं: 100 से 140 किमी प्रति घंटे या उससे भी अधिक रफ्तार से चलने वाली हवाएं पेड़, बिजली के खंभे और कच्चे मकानों को उखाड़ सकती हैं।

 

लैंडफॉल के बाद क्या होता है?

जैसे ही चक्रवात जमीन के अंदरूनी हिस्सों की तरफ बढ़ता है, उसे समुद्र से मिलने वाली गर्म हवा और नमी बंद हो जाती है। जमीन की सतह के घर्षण के कारण तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है और अंततः एक साधारण कम दबाव के क्षेत्र में बदलकर शांत हो जाता है। 

 

जैसे चक्रवात ‘अर्णब’ के मामले में, यह 28 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश (बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के पास) के तट को पार करेगा—यही इसका लैंडफॉल होगा।