लखनऊ में ट्रिपल मर्डर, पार्किंग विवाद में अंधाधुंध गोलीबारी, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

लखनऊ में ट्रिपल मर्डर, पार्किंग विवाद में अंधाधुंध गोलीबारी, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत

lucknow saadatganj triple murder

lucknow saadatganj triple murder: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक मामूली पार्किंग विवाद ने ऐसा खूनी रूप अख्तियार कर लिया जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। सआदतगंज के नौबस्ता इलाके में भारतीय नौसेना में कार्यरत एक नेविगेशन अफसर ने अपने ही पड़ोसियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस दर्दनाक और सनसनीखेज वारदात में दो सगे भाइयों और एक के बेटे सहित कुल तीन लोगों की मौत हो गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा, लेकिन इस बीच यूपी पुलिस के एक जांबाज सिपाही ने अपनी जान की परवाह किए बिना निहत्थे ही आरोपी को दबोच लिया। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली वारदात की पूरी कहानी।

पार्किंग विवाद में खूनी तांडव

लखनऊ के सआदतगंज स्थित नौबस्ता इलाके में उस वक्त सन्नाटा और दहशत फैल गई, जब अचानक गोलियों की ताबड़तोड़ आवाजें गूंजने लगीं। चीख-पुकार से पूरा इलाका थर्रा उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत गाड़ियों की पार्किंग को लेकर हुई थी। मामूली-सी बहस इतनी आगे बढ़ गई कि आरोपी ऋषभ शुक्ला, जो भारतीय नौसेना (Indian Navy) में नेविगेशन अफसर बताया जा रहा है, आपे से बाहर हो गया। उसने गुस्से में आकर अपनी अवैध पिस्टल निकाली और पड़ोसियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी में 3 लोगों की दर्दनाक मौत

आरोपी द्वारा की गई अंधाधुंध गोलीबारी में तीन लोग सीधे गोलियों की चपेट में आ गए। इस गोलीबारी में दो सगे भाई शिवाजी तिवारी (62) और शिवेंद्र तिवारी (55) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिवाजी तिवारी के बेटे सुयश तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। एक ही परिवार के तीन चिराग बुझ जाने से तिवारी परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

निहत्थे सिपाही कार्तिक का अदम्य साहस

जहां एक तरफ गोलियों की गूंज से इलाके में भगदड़ मची थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे, वहीं सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे यूपी पुलिस के सिपाही कार्तिक ने मिसाल कायम कर दी। सिपाही कार्तिक के पास कोई हथियार नहीं था, लेकिन उन्होंने जरा भी संकोच नहीं किया। खून से सने और हाथ में अवैध पिस्टल लिए भाग रहे सनकी नेवी अफसर ऋषभ शुक्ला को कार्तिक ने निहत्थे ही दबोच लिया। यदि सिपाही कार्तिक ने अदम्य साहस न दिखाया होता तो सिरफिरा आरोपी घटना स्थल से फरार हो जाता।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ डीसीपी वेस्ट और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है और उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल बरामद कर ली है। नौबस्ता इलाके में तनाव को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

 

डीसीपी वेस्ट ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में घटना की वजह आपसी विवाद और पार्किंग को लेकर तनाव सामने आया है। पुलिस आरोपी से सघन पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि एक सेना के अधिकारी के पास अवैध पिस्टल कहां से आई।