गुजरात के द्वारका, कच्छ, पोरबंदर और जामनगर सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को प्रति हेक्टेयर 8500 की मदद

गुजरात के द्वारका, कच्छ, पोरबंदर और जामनगर सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को प्रति हेक्टेयर 8500 की मदद

Gujarat Drought Relief Package: गुजरात में इस साल कम बारिश के कारण किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पानी की कमी और फसल खराब होने की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत के कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत पैकेज से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।

चार जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कम बारिश से सबसे अधिक प्रभावित चार जिलों के लिए राहत उपायों की घोषणा की। देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, कच्छ और जामनगर को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इस फैसले से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक एवं अन्य राहत मिलने की उम्मीद है।

किसानों को दो हेक्टेयर तक प्रति हेक्टेयर 8500 की सहायता

कम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। निर्धारित नियमों के अनुसार, किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर की सीमा के भीतर प्रति हेक्टेयर 8500 की सहायता दी जाएगी। बारिश की कमी से प्रभावित किसानों को इस आर्थिक मदद से राहत मिलने की उम्मीद है। सहायता के लिए आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जल्द जारी की जाएगी।

पशुपालकों को 2 प्रति किलो की दर से चारा

सूखे की स्थिति में पशुधन को बचाने के लिए सरकार ने रियायती दर पर चारा उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 1.21 करोड़ किलोग्राम चारा मात्र 2 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया गया है। फिलहाल सरकार के पास तीन करोड़ किलोग्राम चारे का भंडार उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चारे की व्यवस्था भी की जाएगी।

पशु शिविरों में प्रति पशु प्रतिदिन 80 रुपए की सहायता

पशुओं की उचित देखभाल और उनके भोजन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार पशु शिविरों में प्रति पशु प्रतिदिन ₹80 की आर्थिक सहायता देगी। पानी और चारे की कमी के बीच पशुधन की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार ने कहा है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर पशुपालकों के लिए अतिरिक्त सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी।

सूखाग्रस्त गांवों में 150 दिन के रोजगार की गारंटी

सूखाग्रस्त घोषित जिलों के गांवों में वीबी-जी रामजी योजना के तहत 150 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी नियमों के अनुसार, सूखे की घोषणा छह महीने तक प्रभावी रहती है। इस अवधि के दौरान किसानों और श्रमिक परिवारों को रोजगार तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।