Gift Nifty Indictor: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है, जो पिछले 2 सत्रों के नुकसान को और बढ़ा सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध कच्चे तेल की कीमतों को 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनाए हुए है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
सुबह 8:30 बजे (IST) GIFT निफ्टी फ्यूचर्स 22,646.50 पर था, जो बेंचमार्क निफ्टी के लिए एक नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है। बुधवार को निफ्टी 22,811.35 पर बंद हुआ था। इस हफ्ते अब तक निफ्टी और सेंसेक्स में क्रमशः 1.5 प्रतिशत और 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
यमन के हूथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब में किए गए हमलों के बाद, अमेरिका ने वहां मौजूद अपने कुछ राजनयिकों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। इस घटनाक्रम के बीच ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.3 प्रतिशत बढ़कर 110.3 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) शुद्ध खरीदार (net buyers) बन गए और उन्होंने 1,022.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
बुधवार को जारी ब्याज दर तय करने वाली समिति की बैठक के मिनट्स (कार्यवृत्त) से पता चला कि सदस्यों ने महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जरूरत बताई है। हालांकि, आर्थिक विकास पर पड़ने वाले जोखिमों का हवाला देते हुए, उन्होंने बहुत आक्रामक तरीके से ब्याज दरें बढ़ाने का समर्थन नहीं किया।
निवेशकों की नजर जियो प्लेटफॉर्म्स के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पर भी रहेगी। 30,213 करोड़ रुपये का यह इश्यू बुधवार को खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया, क्योंकि संस्थागत निवेशकों ने भारत के इस सबसे बड़े ऑफर में काफी दिलचस्पी दिखाई।
स्टॉक्स की बात करें तो, ‘एटरनल’ (Eternal) का तिमाही रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन अपने क्विक-कॉमर्स बिजनेस ‘ब्लिंकिट’ (Blinkit) के विस्तार पर ज्यादा खर्च होने के कारण मुनाफे में कमी आई। कंपनी को उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही से ब्लिंकिट की ग्रोथ तेज होगी, क्योंकि बाजार में प्रतिस्पर्धा का माहौल अब अधिक स्थिर होने की संभावना है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि 13 अक्टूबर को अपनी पिछली जानकारी देने के बाद से उसे 1,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं।
इंडेक्स पर क्या हो निवेश रणनीति
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च SVP, अजीत मिश्रा ने कहा, “बुधवार को बाजारों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। प्रॉफिट बुकिंग और लगातार बनी मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताओं के चलते बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी। IT शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज में जोरदार खरीदारी के दम पर बेंचमार्क सूचकांकों ने सकारात्मक शुरुआत की थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बिकवाली का दबाव बढ़ता गया। नतीजतन, निफ्टी 0.88% गिरकर 22,687.50 पर बंद हुआ। यह 22,700 के स्तर से नीचे आ गया है, जो हाल ही में आई रिकवरी की कमजोरी को दर्शाता है।”
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड में टेक्निकल रिसर्च के VP, सचिन गुप्ता ने कहा, “सेंसेक्स का आउटलुक फिलहाल ‘साइडवेज’ (एक दायरे में) बना हुआ है। 74,650 के स्तर के आसपास बिकवाली का दबाव है, जो रिकवरी को सीमित कर रहा है। निकट अवधि में स्थिरता बनाए रखने के लिए 73,500 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा, जबकि 73,200 के स्तर के नीचे जाने पर और कमजोरी आ सकती है। ऊपर की तरफ, अगर इंडेक्स 74,500 के स्तर के ऊपर टिका रहता है, तो इससे बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो सकता है और रिकवरी की गुंजाइश बन सकती है। जब तक कोई स्पष्ट ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक इंडेक्स के एक दायरे में ही रहने की संभावना है। ऐसे में ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर करीबी नजर रखें।”
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