SRF Q2 Results: मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद शेयर 6% गिरा, जानिए आखिर दबाव के पीछे का क्या है कारण

SRF Q2 Results: स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी एसआरएफ (SRF) के शेयर में गिरावट आई । स्टॉक 6.5 फीसदी टूटा। शेयर में दबाव तिमाही नतीजों के बाद आई। कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे ऑपरेटिंग मोर्चे पर बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, हालांकि साल-दर-साल आधार पर कई पैमानों पर कंपनी ने बढ़ोतरी दर्ज की है।

इस तिमाही में SRF का नेट प्रॉफिट 509 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 31.2% अधिक है। हालांकि, यह आंकड़ा CNBC-TV18 के पोल में लगाए गए 598 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रहा। तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 4,904 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 34.7% ज्यादा है और CNBC-TV18 के 4,695 करोड़ रुपये के अनुमान से भी अधिक है।

SRF का ऑपरेटिंग परफॉरमेंस कमजोर रहा। ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) पिछले साल के मुकाबले 22.1% बढ़कर 946 करोड़ रुपये हो गई। हालांकि, यह आंकड़ा भी CNBC-TV18 के 1,055 करोड़ रुपये के अनुमान से कम रहा।

EBITDA मार्जिन पिछले साल के 21.3% से 200 बेसिस पॉइंट्स घटकर 19.3% रह गया, जबकि CNBC-TV18 के पोल में मार्जिन बढ़कर 22.5% तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।

कंपनी के केमिकल बिजनेस का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 25% बढ़कर 1,667 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में इस सेगमेंट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 10% बढ़ा। कंपनी ने अपनी अर्निंग्स रिपोर्ट में बताया कि फ्लोरोकेमिकल्स बिजनेस में रेफ्रिजरेंट की बिक्री काफी अच्छी रही। वहीं, स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस को वैश्विक कीमतों के बदलते रुझानों, चीन में इंडस्ट्री की जरूरत से ज्यादा क्षमता (ओवरकैपेसिटी) और चल रहे भू-राजनीतिक घटनाक्रमों जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल का सामना करना पड़ा।

कंपनी के ‘परफॉरमेंस फिल्म्स एंड फॉयल’ बिज़नेस ने इस तिमाही में 51% की ग्रोथ के साथ ₹2,122 करोड़ का रेवेन्यू (टॉपलाइन) दर्ज किया, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 73% की बढ़ोतरी हुई। SRF ने बताया कि पिछली तिमाही में उतार-चढ़ाव के बीच हुई भारी खरीदारी के कारण इन्वेंट्री जमा हो गई थी, जिसका असर मांग पर पड़ा। एल्युमिनियम फॉयल की मांग अच्छी बनी रही।

SRF के ‘टेक्निकल टेक्सटाइल्स’ बिजनेस ने इस तिमाही में 25% की ग्रोथ के साथ ₹595 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 71% की बढ़ोतरी हुई।

SRF के बोर्ड ने भारत में बैटरी-ग्रेड एल्युमिनियम फॉयल बनाने की सुविधा स्थापित करने के लिए ₹600 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। इस प्रस्तावित यूनिट की कुल क्षमता लगभग 12,000 MTPA होगी, और यह लिथियम-आयन तथा सोडियम-आयन बैटरी, दोनों तरह की ज़रूरतों को पूरा करेगी। यह निवेश दो चरणों में किया जाएगा, जिसमें हर चरण के लिए ₹300 करोड़ का निवेश होगा। कंपनी के अनुसार, पहला चरण सितंबर 2028 में और दूसरा चरण सितंबर 2030 में शुरू होगा।

नतीजों के ऐलान के बाद SRF के शेयर 5.3% गिरकर ₹2,302.1 पर ट्रेड कर रहे हैं। इस साल अब तक यह स्टॉक 25% नीचे आ चुका है।