दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च से पहले बड़ा फैसला, 16-17 अक्टूबर को बंद रहेगा कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क

दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च से पहले बड़ा फैसला, 16-17 अक्टूबर को बंद रहेगा कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क

delhi police

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए आम लोगों के लिए बंद करने का फैसला किया है। NDMC की ओर से 15 अक्टूबर को जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, पार्क 16 और 17 अक्टूबर को प्रशासनिक कारणों से बंद रहेगा। हालांकि, अधिकारियों ने पार्क बंद करने के पीछे के विशिष्ट कारणों पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की है। ऐसे में पार्क बंद करने के फैसले को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है, हालांकि NDMC ने आधिकारिक तौर पर इसकी वजह स्पष्ट नहीं की है।

ALSO READ: CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा, अभिजीत दीपके बोले- 50-100 रुपए देकर बाहर कीजिए, लहरा दो तिरंगा को लेकर बताया प्लान

सेंट्रल पार्क के पांचों गेट रहेंगे बंद

कनॉट प्लेस के बीचोंबीच स्थित सेंट्रल पार्क राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के ऊपर बना है। करीब 41,500 वर्ग मीटर में फैले इस पार्क में चार जलाशय, 350 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर और 207 फुट ऊंचे स्तंभ पर लगा विशाल राष्ट्रीय ध्वज है। NDMC के एक अधिकारी के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों से पार्क बंद रखने के निर्देश मिले हैं। इसके तहत पार्क के सभी पांच प्रवेश द्वार बंद किए जाएंगे। NDMC का उद्यान विभाग इस पार्क की देखरेख करता है। अधिकारी ने बताया कि पार्क का एम्फीथिएटर सरकारी कार्यक्रमों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। सप्ताहांत में यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

ALSO READ: मुस्कान कैदी नंबर 396, साहिल 395… जेल में बदली पहचान, जानिए जेल में दोनों को क्या काम मिलेगा?

राष्ट्रीय ध्वज के पास लोगों को रोकना हो सकता है चुनौतीपूर्ण

अधिकारी के अनुसार, पार्क की चारदीवारी की रेलिंग लगभग तीन से चार फुट ऊंची है। ऐसे में लोगों को पार्क में प्रवेश करने से रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पार्क के एक कोने में लगा विशाल राष्ट्रीय ध्वज भी अंदरूनी सड़क से कुछ ही दूरी पर स्थित है। अधिकारी ने कहा कि ध्वज के पास लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है और ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी पुलिस की होगी।

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने मार्च पर रोक लगाने से किया इनकार

 

सेंट्रल पार्क बंद करने का फैसला ऐसे समय आया है, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP और अभिजीत दिपके के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने दिल्ली पुलिस के इस आश्वासन को दर्ज किया कि वह कानून के अनुसार भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। अदालत में याचिका पालिका बाजार के एक रेहड़ी-पटरी विक्रेता ने दायर की थी। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई थी कि प्रदर्शन से कनॉट प्लेस में कारोबार प्रभावित हो सकता है और त्योहारों के मौसम में व्यापारियों तथा छोटे विक्रेताओं की आजीविका पर असर पड़ सकता है। इस मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को निर्धारित की गई है।

ALSO READ: Toyota Glanza Facelift : टोयोटा की सस्ती कार लॉन्च, त्योहारों पर मचाएगी धमाका, जानिए क्या हैं फीचर्स

क्यों निकाला जा रहा है ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च?

 

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पार्टी के कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की गिरफ्तारी के विरोध में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया है। दोनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किए जाने के बाद पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया और तिहाड़ जेल में रखा गया। पुलिस के आरोपों के अनुसार, दोनों कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश किया और तिरंगा लहराया। CJP के कुछ सदस्यों पर बैरिकेड पार करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाने का भी आरोप है। पुलिस ने गिरफ्तारियों के संबंध में निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन का हवाला दिया है। दिपके का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपराध नहीं है। उन्होंने समर्थकों से दूसरे शहरों में भी इसी तरह के मार्च आयोजित करने की अपील की है।

 

यह घटनाक्रम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचाना है।

cjp press confrance

जंतर-मंतर के बाद प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक स्थल

 

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के बाद तीन वैकल्पिक स्थानों की पहचान की है। इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के उस आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार के लिए उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को हाईकोर्ट को जंतर-मंतर से संबंधित फैसले की जानकारी दी थी।

 

कनॉट प्लेस में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर

 

प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस के अधिकारी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं। इसमें कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के अन्य हिस्सों में संभावित ट्रैफिक प्रतिबंधों और रूट डायवर्जन पर भी विचार किया जा रहा है। प्रशासन के सामने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम यात्रियों, दुकानदारों और बाजार आने वाले लोगों की आवाजाही सामान्य रखने की चुनौती होगी। ऐसे में कनॉट प्लेस जाने वाले लोगों को निकलने से पहले यातायात और सुरक्षा संबंधी आधिकारिक अपडेट देख लेने चाहिए।