
विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों पर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) ने एक प्रमुख अखबार की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग द्वारा लिए गए कई फैसलों पर ‘रिकॉर्ड पर आपत्ति’ जताई थी, जो कथित तौर पर उनकी जानकारी के बिना लिए गए थे।
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यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ, जिसमें दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कई फैसलों और आदेशों पर 14 मौकों पर रिकॉर्ड में आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि ये आपत्तियां नए वोटरों के नाम जोड़ने, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और कुछ अन्य प्रक्रियाओं से जुड़े फैसलों को लेकर थीं।
इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि चुनाव आयोग के फैसलों पर किसी भी चुनाव आयुक्त ने असहमति नहीं जताई थी। उन्होंने कहा कि दो आयुक्तों ने केवल कुछ बातें कही थीं, जिन पर बाद में आयोग ने विचार किया। ‘किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य बात है।
यह अंतिम फैसला लेने से पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। न केवल तीनों कमिश्नर, बल्कि आयोग का हर अधिकारी चुनावी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह से अधिकृत है।

राहुल गांधी ने BJP, RSS और ECI पर लगाया ‘देशद्रोह’ का आरोप
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर जारी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बेहद तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ को भारतीय लोगों के खिलाफ अपराध और संविधान पर सीधा हमला बताया। उन्होंने BJP, RSS और चुनाव आयोग पर इसे आयोजित करने का आरोप लगाते हुए इसे ‘देशद्रोह’ करार दिया और कहा कि न्याय होगा।
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served. pic.twitter.com/30kX06CBiH
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 23, 2026
CEC ज्ञानेश कुमार पर चले राष्ट्रद्रोह का केस
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग तक कर दी। केजरीवाल ने पिछले कुछ वर्षों में हुए चुनावों को रद कर दोबारा कराने और चुनावी मतदाता सूची में पिछले तीन वर्षों में किए गए सभी बदलावों को निरस्त करने की भी मांग की।


