वैष्णो देवी में 550 करोड़ के ‘नकली चांदी’ चढ़ावे की जांच जारी, 10 अक्टूबर को अगली सुनवाई

वैष्णो देवी में 550 करोड़ के ‘नकली चांदी’ चढ़ावे की जांच जारी, 10 अक्टूबर को अगली सुनवाई

Vaishno Devi Temple fake silver Scam

माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित ‘नकली चांदी’ के आरोप ने अब 550 करोड़ रुपये के चढ़ावे की पारदर्शिता और उसके रखरखाव की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 20 टन चांदी बताए जा रहे इस चढ़ावे की जांच में पुलिस को 116 पन्नों के सरकारी रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, लेकिन मामले की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। ALSO READ: भारत के दुश्मन हैं CEC ज्ञानेश कुमार, SIR पर CJP नेता अभिजीत दीपके ने भी खोला मोर्चा

श्राइन बोर्ड के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के बयान अब भी दर्ज होना बाकी हैं। अदालत ने जांच पूरी करने के लिए पुलिस को और समय देते हुए अगली सुनवाई 10 अक्टूबर तय की है।

 

मामले की ताजा स्थिति यह है कि पुलिस ने अदालत को बताया है कि उसे चढ़ावे के संग्रह, छंटाई, भंडारण, परिवहन और प्रसंस्करण से जुड़े 116 पन्नों के सरकारी रिकॉर्ड, पर्याप्त सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिल चुके हैं। इनकी जांच और आपसी मिलान किया जा रहा है। हालांकि, श्राइन बोर्ड के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के बयान अभी दर्ज नहीं किए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने व्यापक जांच के लिए जरूरी बताया है।

 

पुलिस के अनुसार श्राइन के पुजारियों, बोर्ड अधिकारियों, भवन में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों, जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े बयान और कुछ अहम रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में हैं। गौरतलब है कि शिकायत को चार महीने से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि अदालत में दाखिल स्थिति रिपोर्ट में नहीं है। ALSO READ: आजमगढ़ में महामृत्युंजय जाप के दौरान पत्नी-बेटे और 2 पंडितों को गोलियों से भूना, एनकाउंटर में ढेर

 

विवाद के केंद्र में करीब 20 टन ‘सफेद धातु’ है, जिसे चांदी का चढ़ावा बताया गया। हालांकि, चांदी की वास्तविक शुद्धता और कथित वित्तीय नुकसान से जुड़े दावों को अभी जांच का अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। अदालत ने दस्तावेजों, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत पड़ताल पूरी करने के लिए पुलिस को समय दिया है। अब 10 अक्टूबर की सुनवाई में जांच की प्रगति पर नजर रहेगी।