Poonam Dhillon: ‘अपनी इज्जत का कुछ तो ख्याल रखें…’, CINTAA ऑफिस में बुरी तरह से झगड़ने पर पुलिस ने पूनम ढिल्लों-उपासना सिंह को लताड़ा

Poonam Dhillon: मुंबई में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के ऑफिस में एक्टर्स के बीच झगड़ा हो गया है, जिसके वीडियो शुक्रवार को वायरल होने लगे। इन वीडियो में पूनम ढिल्लों, पद्मिनी कोल्हापुरे, उपासना सिंह, कुनिका सदानंद और अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं। पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा और आपस में लड़ रहे एक्टर्स को डांटना भी पड़ा।

फिल्म संस्था में हुई तीखी बहस

हाल ही में कुनिका ने आरोप लगाया था कि CINTAA के ऑफिशियल कागजात और फाइलें पूनम की गाड़ी में रखकर ले जाई गईं। इसके बाद एक वीडियो में कुछ सदस्य इस बारे में पद्मिनी से सवाल-जवाब करते दिख रहे हैं। जब वे पद्मिनी से पूछते हैं कि क्या वह कागजात ले जाने की बात मान रही हैं, तो वह उनसे कमेटी को भंग करने वाला लेटर दिखाने को कहती हैं। पुलिस उन्हें यह समझाने की कोशिश करती दिख रही है कि वे इस मामले में ‘थर्ड पार्टी’ हैं और पुलिस के लिए सब बराबर हैं। लेकिन पद्मिनी कहती हैं कि उनका ‘डेटा चोरी हो गया था’।

एक और वीडियो में पूनम सवाल करती हैं कि उनकी कार की तलाशी क्यों ली जा रही है। यह वीडियो शायद कुनिका ने रिकॉर्ड किया है, जिनसे पूनम चिढ़ भी जाती हैं। जब उनके बीच बहस होती है, तो पुलिस कहती है, “मुझे इस तरह बात करते हुए बुरा लग रहा है। हम झुग्गी-बस्ती के लोगों से भी ऐसे बात नहीं करते।” वे आगे कहते हैं, “कम से कम अपनी इज्जत का तो ख्याल रखिए लोग देख रहे हैं। आप अपने आरोपों पर अड़ी हुई हैं और हमारी बात नहीं सुन रही हैं। अगर कोई और होता तो थप्पड़ ही मार देते। हम आपको इज्जत दे रहे हैं, लेकिन उसकी भी एक हद होती है।”

जब उपासना ने पुलिस से उन कागजों को वापस मंगाने के लिए कहा, जो पर पहले ही भेजे जा चुके थे, तो उनमें से एक ने कहा, “यह मेरा काम नहीं है। अगर उन्होंने कागजों के साथ छेड़छाड़ की है, तो लेबर कमीशन उनसे उन्हें पेश करने के लिए कहेगा।” लेकिन सदस्यों ने पुलिस और एक-दूसरे से बहस की। कुनिका लगातार यह बात कहती रही हैं कि उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं है, क्योंकि चुनाव की घोषणा हो चुकी है।

CINTAA से जुड़े मुद्दे

अगस्त में CINTAA के अंदर के मुद्दे तब सामने आए जब 21 सदस्यों वाली चुनी हुई कमेटी के 8 चुने हुए प्रतिनिधियों समेत 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। एक संयुक्त पत्र में सदस्यों ने उन घटनाओं का जिक्र किया जिनमें एसोसिएशन सामूहिक फैसले लेने, सलाह-मशविरे और संवैधानिक कामकाज के तरीकों से दूर होती जा रही थी। जब उपासना ने कहा कि चुने हुए पैनल के 50% सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है, इसलिए कमेटी भंग हो गई है तो पूनम ने इसका विरोध किया।