Rakesh Mehta Suicide: दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा स्थित अपने घर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, रिटायर्ड IAS अधिकारी का शव सेक्टर-82 की एक रिहायशी सोसायटी में स्थित उनके फ्लैट से बरामद हुआ।
सेंट्रल नोएडा की सहायक पुलिस आयुक्त दीक्षा सिंह ने बताया कि मेहता ने रविवार को आत्महत्या की। वहीं, जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक नोट भी मिला है। जिसमें मेहता ने इस कदम को उठाने के पीछे लंबे समय से चल रही बीमारी को वजह बताया।
बता दें कि राकेश मेहता नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में किराए के मकान में अकेले रहते थे। उनकी पत्नी भी रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं और अपने बेटे और बेटी के साथ उनके पैतृक शहर देहरादून में रहती हैं।
पत्नी की राकेश मेहता से फोन पर नहीं हो पाई बात
पुलिस ने बताया कि रविवार को जब राकेश मेहता की पत्नी उनसे फोन पर बात नहीं कर पाई, तो उन्होंने कॉम्प्लेक्स के सिक्योरिटी ऑफिसर से उन्हें देखने के लिए कहा। बता दें कि उनकी आखिरी बातचीत शनिवार देर रात हुई थी। पुलिस के मुताबिक, उस बातचीत में कुछ भी असामान्य नहीं लगा।
पुलिस ने बताया कि उन्हें दोपहर 1:30 बजे फोन आया कि रिटायर्ड ऑफिसर घर पर मृत पाए गए हैं।
एक पुलिस ऑफिसर ने कहा, “मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि लंबी बीमारी की वजह से वे यह बड़ा कदम उठा रहे हैं और इसके लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है।”
पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया और आगे की जांच चल रही है।
कौन थे राकेश मेहता?
राकेश मेहता ने 2007 से 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में काम किया था। उस समय दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं।
मेहता 1981 बैच के IAS अधिकारी थे। उन्होंने प्रशासन में कई अहम पदों पर काम किया। इनमें दिल्ली नगर निगम (MCD) में वरिष्ठ पद भी शामिल थे।
उनके मुख्य सचिव के कार्यकाल के दौरान दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के प्रयासों के तहत लो-फ्लोर बसों की शुरुआत की गई थी।
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