NMMSS Scholarship 2026-27: 8वीं के बाद पैसों की कमी से नहीं रुकेगी पढ़ाई, एनएमएमएसएस स्कॉलरशिप के लिए शुरू हुए आवेदन

NMMSS Scholarship 2026-27: देश में स्कूली पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की काफी बड़ी तादात है। बहुत से छात्र पैसों की कमी की वजह से 8वीं कक्षा के बाद स्कूल की पढ़ाई आगे नहीं कर पाते हैं। ऐसे छात्रों को पढ़ाई से वापस जोड़ने में मदद देने के लिए शिक्ष मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMSS Scholarship) प्रदान करता है। इस स्कॉलरशिप का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों की सहायता करना है।

इस छात्रवृत्ति का नवीनीकरण कराने या नई छात्रवृत्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक और योग्य छात्र 31 अगस्त, 2026 तक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के ज़रिए अपने एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। इस छात्रवृत्ति की मदद से कक्षा 8 के बाद छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में बढ़ावा मिलता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे डेडलाइन से काफी पहले आवेदन प्रक्रिया पूरा कर लें।

एनएमएमएसएस स्कॉलरशिप 2026-27 योग्यता

यह स्कॉलरशिप सरकारी, सरकारी मदद पाने वाले और लोकल बॉडी स्कूलों में कक्षा 9 में पढ़ने वाले छात्रों के लिए उपलब्ध है। इसे कक्षा 10 से 12 के लिए भी रिन्यू किया जा सकता है, बशर्ते छात्र योजना की नवीनीकरण शर्तों को पूरा करते रहें। छात्रों को मेधा आधारित स्कॉलरशिप स्कीम के साथ एक या ज्यादा वेलफेयर-बेस्ड स्कॉलरशिप स्कीम के लिए भी अप्लाई करने की इजाजत है।

एनएमएमएसएस स्कॉलरशिप 2026-27 के लिए कैसे करें आवेदन?

  • नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के लिए scholarships.gov.in पर जाएं।
  • पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोग नया रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें।
  • रजिस्टर्ड क्रेडेंशियल से लॉग इन करें।
  • नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम चुनें।
  • जरूरी डिटेल्स भरें।
  • डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन सबमिट करें।
  • आगे के लिए कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और सेव करें।

एनएमएमएसएस स्कॉलरशिप के फायदे

नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम केंद्र द्वारा प्रायोजित एक कार्यक्रम है। यह स्कूली शिक्षा को बीच में छोड़ने की दर को कम करने में मदद करता है। यह आर्थिक रूप से कमजोर तबके के काबिल स्टूडेंट्स को वित्तीय मदद देता है। कक्षा 9 में पढ़ने वाले योग्य छात्रों को हर साल एक लाख नई स्कॉलरशिप दी जाती हैं। तय शर्तों के तहत, स्कॉलरशिप को कक्षा 12 तक रिन्यू किया जा सकता है।

एनएमएमएसएस वेरिफिकेशन शेड्यूल

सत्यापन प्रक्रिया दो चरणों में पूरा होगा। इंस्टिट्यूट नोडल ऑफिसर (INOs) 15 सितंबर, 2026 तक लेवल-1 वेरिफिकेशन करेंगे। डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर (DNOs) 30 सितंबर, 2026 तक लेवल-2 वेरिफिकेशन पूरा करेंगे।

Indian Army Cyber Quest 2026: देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना आयोजित करेगी साइबर क्वेस्ट, 20 अगस्त तक करें आवेदन

Indian Army Cyber Quest 2026: देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना आयोजित करेगी साइबर क्वेस्ट, 20 अगस्त तक करें आवेदन

Indian Army Cyber Quest 2026: देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने और साइबर दुनिया के खतरों से निपटने के लिए इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह एक प्रतियोगिता है जिसमें छात्र, साइबर प्रोफेशनल, इनोवेटर्सऔर टेक्नोलॉजी के शौकीन हिस्सा ले सकेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन साइबरपीस फाउंडेशन के साथ मिलकर टेरिटोरियल आर्मी करेगी। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 20 अगस्त तक आधिकारिक पोर्टल के जरिए रजिस्टर कर सकते हैं।

इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 टाइमलाइन

रजिस्ट्रेशन : 30 जुलाई से 20 अगस्त, 2026

शॉर्टलिस्टिंग फेज : ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग प्रोसेस 1 सितंबर से 10 सितंबर, 2026 तक चलेगा।

ग्रैंड फिनाले : कॉम्पिटिशन का ग्रैंड फिनाले 6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर, 2026 तक होगा।

अवार्ड सेरेमनी : अवार्ड सेरेमनी 9 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में होगी।

अंतिम राउंड में चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक इनाम और सर्टिफिकेट दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें भारतीय सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों से मिलने का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता के विजेता रक्षा संस्थानों का दौरा भी करेंगे।

प्रतियोगिता का फॉर्मेट

शॉर्टलिस्टिंग राउंड में सभी उम्मीदवार एक ऑनलाइन कैप्चर-द-फ्लैग (CTF) चैलेंज में हिस्सा लेंगे। इस राउंड में चयनित टीमें फिर 36 घंटे के लाइव फिनाले में आगे बढ़ेंगी। यहां वे एक कृत्रिम नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर सैंडबॉक्स में इंडियन आर्मी के लिए खास तौर से विकसित सॉल्यूशन पर काम करेंगी। फिनाले के दौरान, टीमें कमजोरियों की पहचान करेंगी, गलतियों को दर्ज करेंगी, और डोमेन में कमाए गए अपने साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन या बैज के लिंक सबमिट करेंगी।

कौन हिस्सा ले सकता है ?

छात्र, साइबर सुरक्षा पेशेवर, एथिकल हैकर्स, सेना से जुड़े लोग और शोधकर्ता।

फॉर्मेट : एक पूरी तरह से ऑनलाइन सीटीएफ क्वालिफायर राउंड के बाद एक इन-पर्सन ग्रैंड फिनाले होगा। हर टीम में टीम लीडर समेत ज्यादा से ज्यादा तीन सदस्य हो सकते हैं।

स्कोरिंग : एक विशेषज्ञ पैनल ग्रैंड फिनाले के दौरान जमा की गई एंट्री का आकलन कमजोरियों की गंभीरता, सुलझाने का तरीका और जटिलता के आधार पर करेगा।

ग्रैंड फिनाले

टॉप 10 शॉर्टलिस्टेड टीमें नई दिल्ली में 36 घंटे के इन-पर्सन ग्रैंड फिनाले में मुकाबला करेंगी। सभी प्रतिभागी रियलिस्टिक डमी डेटा का इस्तेमाल करके एक खासतौर से तैयार सिस्टम स्टैक पर लाइव कमजोरी तलाशेंगे और दर्ज करेंगे। पहचानी गई वल्नरेबिलिटीज का उनकी गंभीरता, मूलता और जटिलता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। एक विशेषज्ञ पैनल खोजों को सत्यापित करेगा और फाइनल स्कोर तय करेगा। टॉप तीन टीमों को उनके पूरे प्रदर्शन के आधार पर विजेता घोषित किया जाएगा।

मेडल और सर्टिफिकेट

टेरिटोरियल आर्मी प्रतियोगिता में उम्मीदवारों के योगदान और उपलब्धियों के लिए उन्हें मेडल और सर्टिफिकेट देगी। प्रतिभागियों को टेरिटोरियल आर्मी के साथ काम करने, रक्षा विशेषज्ञों के साथ काम करने, राष्ट्रीय सुरक्षा इकोसिस्टम में योगदान देने और वरिष्ठ सरकारी और सेना के अधिकारियों के साथ बातचीत करने का मौका मिलेगा।

विजेताओं का सम्मान

इस प्रतियोगिता के विजेताओं को भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सम्मानित किया जाएगा और उन्हें खास डिफेंस एस्टैब्लिशमेंट्स में जाने का भी मौका मिलेगा।

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