Father’s Day 2026: बॉलीवुड के वे यादगार ऑन-स्क्रीन फादर्स, जिन्होंने पिता होने के बदल दिए मायने

Father’s Day 2026: इस फादर्स डे पर, हम उन ऑन-स्क्रीन पिताओं को सेलिब्रेट कर रहे हैं, जिनकी कहानियां, त्याग और बिना शर्त प्यार आज भी अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के दिलों को छूते हैं। इस फादर्स डे ऑन स्क्रीन पॉपुलर पिता के किरदार को निभाने वाले एक्टर्स के बारे में जानते हैं।

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इस पसंदीदा फ़ैमिली ड्रामा में, शाहरुख़ खान ने राहुल का किरदार निभाया है। राहुल एक देखभाल करने वाले सिंगल फ़ादर हैं और अपनी बेटी अंजलि के साथ उनका रिश्ता बहुत प्यारा है। उनका रिश्ता दोस्ती, भरोसे और बिना शर्त प्यार पर टिका है, जिसने राहुल को बॉलीवुड के सबसे यादगार ऑन-स्क्रीन पिताओं में से एक बना दिया है।

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अमिताभ बच्चन का किरदार ‘यशवर्धन रायचंद’ परिवार की परंपराओं और अपने बेटे के प्रति प्यार के बीच उलझा हुआ एक सख्त पिता का है। भले ही उनका सख्त बर्ताव अक्सर दूरियां पैदा करता है, लेकिन यह किरदार असल में उन भावनात्मक संघर्षों और गहरे लगाव को दिखाता है जो कई पिता अपने मन के भीतर छिपाकर रखते हैं।

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पंकज त्रिपाठी ने अनूप सक्सेना का किरदार शानदार ढंग से निभाया है—एक ऐसे पिता जो अपनी बेटी के सपनों पर हमेशा भरोसा रखते हैं। उनका शांत सहयोग, हौसला बढ़ाना और प्रगतिशील सोच उन्हें बिना शर्त माता-पिता के प्यार का एक बेहतरीन उदाहरण बनाती है। हाल के समय की फिल्मों में यह किरदार पिता की ऐसी भूमिकाओं में से एक है जिनसे लोग आसानी से जुड़ाव महसूस करते हैं।

Angrezi Medium

इरफान खान ने चंपक बंसल के तौर पर बेहद दिल को छू लेने वाली एक्टिंग की है। वे एक ऐसे पिता हैं जो अपनी बेटी की खुशी के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उनका इमोशनल सफ़र हंसी-मज़ाक, त्याग और अटूट साथ से भरा है, जो माता-पिता के निस्वार्थ प्यार को दिखाता है।

Dangal

बॉलीवुड में पिता के किरदार को दिखाने के मामले में, महावीर सिंह फोगट के तौर पर आमिर खान का अभिनय सबसे प्रेरणादायक उदाहरणों में से एक है। पुरुषों के दबदबे वाले खेल में अपनी बेटियों को बाधाएं तोड़ने में मदद करने के लिए दृढ़ संकल्पित, वे अनुशासन के साथ-साथ उनकी काबिलियत पर अटूट विश्वास भी रखते हैं। उनका सफर उन त्यागों और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है जो माता-पिता के प्यार की पहचान हैं।

Fathers Day 2026: फादर्स डे कब है? जानें तारीख, इतिहास और महत्व

Image caption: Happy Father's Day – a touching scene of the love between a father and child on pitru diwas

History of Fathers Day: हर साल पिताओं के प्रति सम्मान, प्यार और उनके मूक बलिदानों को याद करने के लिए फादर्स डे मनाया जाता है। चूंकि यह दिन किसी तय तारीख को नहीं, बल्कि जून महीने के तीसरे रविवार को मनाया जाता है, इसलिए हर साल इसकी तारीख बदल जाती है।

 

आइए जानते हैं कि इस साल यह खास दिन कब है और इसके पीछे का गौरवशाली इतिहास और महत्व क्या है:

 

फादर्स डे 2026 की तारीख 

इस साल, यानी 2026 में फादर्स डे 21 जून, रविवार को मनाया जाएगा।

 

संयोग से, इस साल 21 जून को साल का सबसे लंबा दिन भी है। भारत, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और दुनिया के अधिकांश देशों में इसी दिन पिताओं को सम्मानित किया जाएगा।

 

फादर्स डे का इतिहास

फादर्स डे को आधिकारिक रूप से मनाने की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। इसे शुरू करने का श्रेय सोलोमन स्मार्ट डोड (Sonora Smart Dodd) नाम की एक महिला को जाता है। 

 

एक बेटी का संकल्प: सोनोरा की मां का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। उनके पिता 'विलियम स्मार्ट', जो अमेरिकी गृहयुद्ध (Civil War) के सैनिक थे, उन्होंने अकेले ही सोनोरा और उनके 5 भाई-बहनों को पाला-पोसा।

 

मदर्स डे से मिली प्रेरणा: जब 1909 में सोनोरा ने चर्च में 'मदर्स डे' के बारे में सुना, तो उन्हें महसूस हुआ कि पिताओं के बलिदान को भी सराहा जाना चाहिए। वह अपने पिता के जन्मदिन (5 जून) को फादर्स डे के रूप में मनाना चाहती थीं।

 

पहला आयोजन: पादरियों को अपनी तैयारी के लिए कुछ समय चाहिए था, इसलिए इस दिन को आगे बढ़ाकर जून का तीसरा रविवार तय किया गया। पहली बार 19 जून 1910 को आधिकारिक रूप से फादर्स डे मनाया गया।

 

आधिकारिक मान्यता: साल 1966 में अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे घोषित करने के आदेश पर दस्तखत किए। इसके बाद 1972 में राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने इसे स्थायी राष्ट्रीय अवकाश के रूप में तब्दील कर दिया।

 

फादर्स डे का महत्व

एक परिवार में पिता की भूमिका उस मजबूत छत की तरह होती है जो खुद हर तरह की धूप और बरसात झेलती है, लेकिन अंदर रहने वालों को हमेशा महफूज़ रखती है।

 

खामोश प्यार को पहचानना: माताएं अक्सर अपना प्यार जता देती हैं, लेकिन पिता का प्यार अनुशासन, कड़े फैसलों और दिन-रात की मेहनत के पीछे छिपा होता है। यह दिन उनके उसी 'साइलेंट लव' को सेलिब्रेट करने का है।

अक्सर बच्चे पिता से खुलकर बात करने में झिझकते हैं। यह दिन बच्चों को अपने पिता के करीब आने, उनके साथ वक्त बिताने और उनके प्रति कृतज्ञता (Gratitude) व्यक्त करने का एक खूबसूरत जरिया बनता है। पिता केवल परिवार के पालक नहीं होते, बल्कि बच्चों के पहले गुरु और रोल मॉडल होते हैं। इस दिन हम उनके दिखाए हुए सही रास्तों और जीवन के सबकों के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।

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