Delhi Weather: दिल्ली में हीटवेव के बाद 5 दिन देरी से पहुंचा मानसून, IMD ने 5 जुलाई तक जारी किया बारिश का अलर्ट

Delhi Weather: कई दिनों की भीषण गर्मी, उमस और लू के बाद, दक्षिण-पश्चिम मानसून आखिरकार गुरुवार को दिल्ली पहुंच ही गया, जिससे लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। बता दें कि इस बार मानसून अपने तय समय से 5 दिन देर से पहुंचा है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में मानसून के पहुंचने के बाद गुरुवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, जिससे तापमान सामान्य से काफी कम रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई।

दूसरी तरफ मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में दिल्ली में मॉनसून की भारी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

5 जुलाई तक और मानसून बारिश की संभावना

स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने बताया कि मौसम प्रणाली में बदलाव के बाद दिल्ली में बारिश की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं।

पलावत ने कहा, “मानसून आमतौर पर मौसमी ट्रफ के साथ आगे बढ़ता है, जो अभी पंजाब से बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ है।” उन्होंने कहा कि यह मौसमी ट्रफ दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ बढ़ने की उम्मीद है, जिससे मध्य भारत में बारिश बढ़ेगी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा सहित इंडो-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां कुछ समय के लिए कम हो सकती हैं।”

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 5 जुलाई तक ट्रफ के फिर से उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है, जिससे दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मानसून जैसी बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

2021 के बाद पहली बार जुलाई में मॉनसून की शुरुआत

2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जुलाई में दिल्ली पहुंचा है। 2021 में, मानसून 13 जुलाई को आया था। IMD के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मानसून अलग-अलग तारीखों पर दिल्ली पहुंचा है। 2025 में यह 29 जून को, 2024 में 28 जून को, 2023 में 25 जून को और 2022 में 30 जून को पहुंचा था।

पिछले 125 सालों में दिल्ली में मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून, 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देर से आगमन 26 जुलाई, 1987 को हुआ था।

2020 में, मॉनसून 25 जून को दिल्ली पहुंचा था और एक दिन बाद पूरे देश में फैल गया था। 2021 में, यह दिल्ली पहुंचा और उसी दिन पूरे देश में फैल गया। 2022, 2023 और 2024 में, मॉनसून 2 जुलाई को पूरे देश में फैल गया, जबकि पिछले साल यह दिल्ली पहुंचा और 29 जून को पूरे भारत में फैल गया।

तापमान में भारी गिरावट

मानसून के आने से शहर भर में तापमान में काफी गिरावट आई। दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। शहर में 21 जुलाई, 2021 के बाद से सबसे कम न्यूनतम तापमान भी दर्ज किया गया; उस समय न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था।

अन्य मौसम केंद्रों पर भी सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। जैसे- पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोदी रोड पर अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली में हल्की बारिश हुई

गुरुवार को सुबह के समय हल्की लेकिन व्यापक बारिश हुई। सुबह 8.30 बजे तक सफदरजंग में 4.6mm बारिश हुई, जबकि पालम में 1.9mm और आयानगर में 5mm बारिश दर्ज की गई। लोदी रोड पर 4.1mm और रिज स्टेशन पर 3mm बारिश हुई। सुबह के बाद ज्यादातर मौसम केंद्रों पर कोई खास बारिश दर्ज नहीं की गई।

मानसून में देरी क्यों हुई?

देरी से आने की वजह बताते हुए पलावत ने कहा कि मानसून को बनाए रखने के लिए जरूरी नमी वाली हवाएं पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।

उन्होंने कहा, “बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं, जो मानसून की लगातार बारिश के लिए जरूरी हैं, पहले दिल्ली नहीं पहुंची थीं।” दिल्ली में मानसून के देर से आने से पहले का मौसम (प्री-मानसून सीजन) सामान्य से ज्यादा गर्म रहा था।

IMD के डेटा के मुताबिक, मार्च-जून के दौरान औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा औसत तापमान है।

इसी दौरान औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2024 के बाद पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है। राष्ट्रीय राजधानी में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने से पहले, प्री-मानसून सीजन में लगातार गर्मी, उमस, कुछ समय के लिए तेज लू और कहीं-कहीं प्री-मानसून बारिश देखी गई।

यह भी पढ़ें: जेवर एयरपोर्ट के लिए शुरू हुई धड़ाधड़ बसें! सुबह 6 बजे से ही पहली सर्विस, देखें 3 बड़े रूट-स्टॉपेज संग टाइमिंग और लास्ट डिपार्चर

Delhi Weather Today: 2 साल में सबसे गर्म सुबह के बाद, दिल्ली में बारिश और आंधी का अलर्ट, देखें मौसम पूर्वानुमान

Delhi Weather Today: हीटवेव के बीच दिल्ली में पिछले दो सालों में सबसे गर्म सुबह दर्ज होने के अगले दिन, यानी सोमवार को मौसम सुहावना रहा। आसमान में बादल छाए रहे और तापमान में गिरावट से चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिन में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान जताया है और कहा है कि बारिश का यह दौर 1 जुलाई तक जारी रहने की संभावना है।

बता दें कि रविवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शहर में पिछले दो सालों में सबसे गर्म सुबह थी। IMD के अनुसार, न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था और 14 जून, 2024 (जब यह 33.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था) के बाद से सबसे अधिक दर्ज किया गया तापमान था।

वहीं, सफदरजंग में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मौसम के औसत से 4.6 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग ने बताया कि राजधानी में लू (हीटवेव) की स्थिति बनी हुई थी, जबकि ज्यादा नमी और दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देर से आने के कारण शाम 5.30 बजे ‘महसूस होने वाला’ तापमान (feels-like temperature) लगभग 50.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार की तेज गर्मी के उलट, सोमवार की शुरुआत आसमान में बादल और कम तापमान के साथ काफी सुखद रही। IMD ने अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है। जबकि नमी का स्तर 35 से 55 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है।

इसके अलावा, मौसम विभाग ने दिन में बारिश के साथ आंधी-तूफान की भविष्यवाणी की है। सोमवार के लिए मौसम की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, हालांकि कुछ इलाकों में बिजली चमकने और थोड़ी देर के लिए बारिश हो सकती है।

1 जुलाई तक आंधी-तूफान की संभावना

IMD के अनुसार, अगले दो दिनों तक मौसम के हालात ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। 30 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम के पूर्वानुमान में दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान की बात कही गई है।

वहीं, 1 जुलाई को अधिकतम तापमान और गिरकर 37 डिग्री सेल्सियस हो सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दोपहर और शाम के समय हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। इसके साथ ही 3 जुलाई तक तापमान और गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

आने वाले दिनों में तापमान में होने वाली गिरावट से शहर में वीकेंड के दौरान पड़ी भीषण गर्मी (हीटवेव) से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाएं और बिजली चमकने से ट्रैफिक और बाहर की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें: Delhi Weather: भीषण गर्मी और उमस से दिल्ली का हाल बेहाल, जानें कब मिलेगी राहत…IMD ने बताया

Delhi Weather Today: दिल्ली में मौसम हुआ सुहाना, IMD ने 21 जून तक जारी किया आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

Delhi Weather Today: राष्ट्रीय राजधानी में हुई बारिश की वजह से भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया है कि मॉनसून के आधिकारिक तौर पर आने से पहले, 21 जून तक दिल्ली में बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की उम्मीद है।

बुधवार को दिल्ली का मौसम काफी सुहावना रहा, हालांकि दिन का तापमान थोड़ा बढ़ गया था। एक दिन पहले यानी मंगलवार को दिल्ली में जून महीने का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया था, इसलिए तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बावजूद लोगों को मौसम आरामदायक लगा।

IMD के अनुसार, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.7 डिग्री कम था।

पूरे शहर में तापमान ज्यादातर मौसम के औसत से कम रहा। पालम में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोधी रोड पर यह 38 डिग्री सेल्सियस रहा। रिज सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और अयानगर में तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं, बुधवार सुबह 8.30 बजे तक के 24 घंटों के दौरान दिल्ली में हल्की बारिश भी हुई। पालम में सबसे ज्यादा 9.1mm बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सफदरजंग में 2.8mm, अयानगर में 2.5mm और लोधी रोड पर 1.2mm बारिश हुई।

IMD के अनुमान के मुताबिक, 18 जून से 21 जून के बीच बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। अभी तक मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

आने वाले दिनों का मौसम का अनुमान इस प्रकार है:

  • 18 जून: 38°C/26°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 19 जून: 39°C/28°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 20 जून: 37°C/29°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 21 जून: 38°C/30°C, बारिश के साथ आंधी-तूफान
  • 22 जून: 38°C/31°C, आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे

इस बीच, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार शाम को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 92 रहा, जो इसे ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रखता है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में नमी बने रहने से अगले कुछ दिनों तक तापमान नियंत्रण में रहने की संभावना है, जबकि 21 जून के बाद इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: EL Nino Impact: यूपी से महाराष्ट्र तक उन 12 राज्यों की लिस्ट जहां असर डालेगा अल-नीनो, IMD के जून एंड फोरकास्ट में क्या आएगा