शहीद टीआई दिलीप पुरी को जीतू पटवारी ने दी श्रद्धांजलि, कहा सरकार पुलिसकर्मियों के बच्चों के दे मुफ्त शिक्षा

शहीद टीआई दिलीप पुरी को जीतू पटवारी ने दी श्रद्धांजलि, कहा सरकार पुलिसकर्मियों के बच्चों के दे मुफ्त शिक्षा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को धार में अवैध शराब माफियारों के हाथों शहीद हुए खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मीडिया से बात करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि दिलीप पुरी का असमय निधन अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। पुलिस विभाग के कर्मचारी दिन-रात, 24 घंटे कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। कई बार उन्हें नियमित अवकाश तक नहीं मिल पाता। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करे।

 

पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री, जो प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, से मांग की कि पुलिस विभाग के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क की जाए। पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की सुरक्षा में लगे रहते हैं, ऐसे में उनके परिवारों और बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराना  दिलीप पुरी जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इससे पुलिसकर्मियों पर आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें अपने परिवार की बेहतर परवरिश एवं बच्चों के भविष्य को लेकर राहत मिलेगी।

 

इसके  साथ ही जीतू पटवारी ने  प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार और तस्करी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव-गांव और गली-मोहल्लों में डायरी पर अवैध शराब बेची जा रही है। यह कारोबार बिना प्रशासनिक और राजनीतिक संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर संचालित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई और तस्करी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की जांच होनी चाहिए। आखिर किन लोगों के संरक्षण में शराब माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं? सरकार को इन सवालों का जवाब देना होगा।

 

पटवारी ने मांग की कि सरकार को घटना की तह तक जाकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करे। गुजरात में अवैध शराब की सप्लाई करने वाले माफियाओं, उनके सहयोगियों और उन्हें संरक्षण देने वालों की भूमिका की सीबीआई जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि शराब माफियाओं को राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण देना तत्काल बंद होना चाहिए। दोषियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक लग सके।