
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री को बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि विदेशी ताकतों की मदद किसको मिल रही है और कौन देशद्रोही है इस मुद्दे पर बहस हो जानी चाहिए। राहुल ने पीएम मोदी को ललकारते हुए कहा कि 24 घंटे हो गए हैं चैलेंज दिए और उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। राहुल ने करीब दो मिनट का एक वीडियो बना कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डाला है और अपनी चुनौती दोहराई है। राहुल ने कहा, ‘मीडिया होगी, देश के युवा होंगे, टेबल होगी, एक साइड आप बैठोगे, एक साइड मैं बैठूंगा। जिसको आप जज बनाना चाहते हो बना दो। मोहन भागवत जी को बिठा दो चलो और फिर डिबेट करते हैं’।
मंगलवार को जारी इस वीडियो में राहुल ने कहा है, ‘24 घंटे हो गए मोदी जी। मैंने आपको चैलेंज दिया है। आप कहते हो कि विपक्ष देशद्रोही है। किसी भी स्टेज पे आप जगह चुनिए, डिबेट कीजिए मेरे साथ’। उन्होंने वीडियो में आगे कहा है, ‘देशद्रोही कौन है? विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है? और किस प्रकार का कनेक्शन है? जल्दी से जल्दी कीजिए, डरिए मत’। इसके आगे राहुल गांधी ने देश के वित्तीय ढांचे, अमेरिका के साथ व्यापार संधि और यहां तक कि एपस्टीन फाइल्स का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ‘सवाल उठेंगे फाइनेंशियल सिस्टम पर, फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर, अमेरिका से डील कैसे हुई, क्यों हुई, इतनी जल्दी क्यों हुई, सिर्फ आपने क्यों की, कैबिनेट को क्यों नहीं बताया, अडाणी का केस बंद क्यों हुआ, एपस्टीन, ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिस पर खुलकर डिस्कशन होगा। आ जाइए, डरिए मत’। राहुल ने अपनी इस वीडियो में दो बार प्रधानमंत्री ‘डरिए मत’ का इस्तेमाल किया। ध्यान रहे वे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए बार बार ‘डरो मत’ का स्लोगन पहले भी बोलते रहे हैं।
बहरहाल, राहुल गांधी ने अपनी वीडियो में अपने खिलाफ हुए मानहानि के केसेज का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, ‘बाकी चीजों पे आपने डिफेमेशन केस लगा रखा है, शायद 45 डिफेमेशन केस मेरे ऊपर हैं। मगर इस डिबेट मामले पर, फॉरेन कनेक्शन पर आप डिफमेशन नहीं लगा रहे हो। लगाइए ना, वहां भी डिस्कस करेंगे, खुल के। ये सब डिस्कस करते हैं, आइए। हैप्पी दिवाली, मोदी जी’।
इससे पहले राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्स एक्स पर पोस्ट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी। उन्होंने लिखा था कि नरेंद्र मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने और उन्हीं की मदद से प्रधानमंत्री बने हुए हैं। इससे पहले राहुल गांधी कई बार सार्वजनिक रूप से बहस की चुनौती प्रधानमंत्री को दे चुके हैं। राफेल सौदे के समय भी उन्होंने चुनौती दी थी और जब सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी तब भी राहुल ने सार्वजनिक रूप से बहस की चुनौती दी थी।

