रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। उनके पास जंग रोकने के अच्छे सुझाव हैं, जिसे दोनों पक्ष मान सकें। पुतिन ने मॉस्को में वाल्दाई फोरम के दौरान PM का आभार भी जताया। उन्होंने कहा, मोदी हमारे अच्छे दोस्त हैं, फिर भी वे लगातार यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बात उठाते हैं। वे जल्द युद्ध खत्म करने के पक्ष में हैं। मैं इसके लिए उनका आभार जताता हूं। PM मोदी 5 बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यूक्रेन युद्ध का मुद्दा उठा चुके हैं। सितंबर में पुतिन-मोदी की मुलाकात में भी जंग पर बातचीत हुई थी नई दिल्ली में BRICS समिट से पहले 11 सितंबर को पुतिन और PM मोदी के बीच मुलाकात हुई थी। इस दौरान पुतिन ने मोदी को यूक्रेन युद्ध की मौजूदा स्थिति और शांति के लिए चल रही कोशिशों की जानकारी दी थी। इस मुलाकात से कुछ दिन पहले रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि रूस यूक्रेन संघर्ष खत्म करने के लिए भारत की किसी भी शांति कोशिश का स्वागत करेगा। उन्होंने कहा था कि युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति से निकालने की भारत की सोच और रूस की रणनीति काफी हद तक एक जैसी है। पुतिन बोले- हमला हुआ तो सारे हथियार इस्तेमाल करेंगे पुतिन ने गुरुवार को कहा कि रूस यूरोप के किसी देश पर हमला करने की योजना नहीं बना रहा है। हालांकि, अगर रूस के किसी इलाके पर हमला होता है तो वह अपनी सुरक्षा के लिए अपने सभी हथियारों का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने पश्चिमी देशों और यूरोप पर तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देश आने वाले वर्षों में रूस के साथ युद्ध की तैयारी की बात कर रहे हैं, बाल्टिक सागर में सैन्य अभ्यास कर रहे हैं और रूसी जहाजों को जब्त कर रहे हैं। पुतिन का यह बयान मॉस्को की उस चेतावनी के बाद आया है, जिसमें NATO को कहा गया था कि अगर उसके किसी देश ने रूस के कलिनिनग्राद इलाके को बाकी रूस से अलग करने की कोशिश की तो रूस उसकी रक्षा के लिए परमाणु हथियार भी इस्तेमाल कर सकता है। पुतिन ने भारत की एकता की भी तारीफ की पुतिन ने भारत की अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों के साथ मिल-जुलकर रहने की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “भारत का आकार और यहां की अलग-अलग तरह की संस्कृतियां हैरान करती हैं।” पुतिन ने बताया कि बहुत कम लोग यह जानते हैं, लेकिन PM मोदी ने उन्हें बताया था कि भारत की 1.5 अरब आबादी में करीब 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। बाकी लोग अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। इसके बावजूद सभी लोग साथ मिलकर रहते हैं। पुतिन ने इसे अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की यही खासियत उसकी संस्कृति को खास बनाती है। यह दिखाता है कि अलग-अलग होने के बावजूद लोग एक साथ रह सकते हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया को भारत से यह सीखना चाहिए।” ——————-
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