
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर दुबई से इजरायल जा रही Flydubai की यात्री उड़ान में हुई घटना के पीछे ईरान की भूमिका साबित होती है, तो तेहरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और उन्हें मिल रही जानकारी के आधार पर ईरान से संभावित संबंध की पड़ताल हो रही है। हालांकि, उन्होंने ईरान की संलिप्तता के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।
व्हाइट हाउस से टेक्सास रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें Flydubai विमान की घटना में शामिल सह-पायलट के ईरान से संबंध होने की जानकारी दी गई है। इस पर ट्रंप ने कहा, “हम अभी इस पर काम कर रहे हैं। वे हमारे साथ काफी खुलकर जानकारी साझा कर रहे हैं। मैं जो सुन रहा हूं, उसके आधार पर कहूंगा कि जवाब हां है, लेकिन हम अभी इसकी जांच कर रहे हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उस व्यक्ति को विमान में भेजा हो सकता है या उसे किसी अन्य तरीके से कट्टरपंथी बनाया गया हो सकता है, तो ट्रंप ने कहा कि ऐसा हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा कि जांच में ईरान की भूमिका साबित हो चुकी है।
ईरान पर बहुत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
पत्रकारों ने ट्रंप से सीधे पूछा कि यदि जांच में ईरान की भूमिका सामने आती है, तो क्या अमेरिका उसके खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा। इस पर ट्रंप ने कहा, “ओह, उन पर बहुत कड़ा प्रहार किया जाएगा। चिंता मत कीजिए। आप उनसे ही पूछ लीजिए। उन्हें पता है कि क्या हुआ। उन पर बहुत कड़ी कार्रवाई होगी।” ट्रंप ने इसके बाद ईरान की अर्थव्यवस्था, सैन्य क्षमता और होर्मुज जलडमरूमध्य का भी जिक्र किया।
उन्होंने दावा किया कि ईरान में महंगाई दर 301 प्रतिशत तक पहुंच गई है, उसकी मुद्रा का मूल्य गिर चुका है और अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में है। उन्होंने ईरान की सैन्य क्षमताओं पर भी टिप्पणी की। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा करते हुए कहा कि पिछले दो दिनों में अमेरिका ने इस मार्ग से पहले के मुकाबले अधिक तेल निकाला है। उन्होंने कहा कि यह मात्रा युद्ध से पहले के स्तर से भी अधिक है। इन दावों के समर्थन में उन्होंने बातचीत के दौरान विस्तृत आंकड़े या स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिए।
ईरान को समझौते की चेतावनी, परमाणु हथियारों पर भी सख्त रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सेना और नौसेना की तारीफ करते हुए कहा कि अब उन्हें ईरान के संबंध में अगला फैसला लेना है। ट्रंप ने कहा, “हमारी नौसेना शानदार है। हमारी सेना ने बेहतरीन काम किया है। अब मुझे फैसला करना है। वे या तो बेहद उचित समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे या फिर उनका अस्तित्व ही नहीं रहेगा।” इससे पहले ट्रंप ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और न ही होंगे। वे भी इस बात पर सहमत हो रहे हैं कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।”
अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों पर ईरान युद्ध के संभावित राजनीतिक असर के सवाल पर ट्रंप ने माना कि इसका चुनावों पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनके लिए राजनीतिक रूप से मददगार साबित हो सकता है।
क्या है Flydubai विमान घटना?
Flydubai की यह उड़ान दुबई से इजरायल जा रही थी। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, सह-पायलट पर भारतीय कैप्टन पर हमला करने और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश करने का आरोप है।
बताया गया कि कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे विमान में मौजूद अन्य लोग हस्तक्षेप कर सके। इसके बाद विमान को सुरक्षित उतार लिया गया। इस घटना की जांच कई देशों की एजेंसियां कर रही हैं। गुरुवार तक सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया था, जिससे इस घटना में ईरान की भूमिका स्थापित होती हो।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
Flydubai विमान की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान युद्ध के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अमेरिका का दबाव जारी है। ट्रंप की ताजा टिप्पणी ईरान के लिए कड़ी चेतावनी है, लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि जांच एजेंसियां तेहरान की भूमिका के बारे में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंच गई हैं। फिलहाल इस मामले में जांच के नतीजों और किसी संभावित जवाबी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।


