कुछ दिनों पहले जामिया यूनिवर्सिटी में ‘फ्री कश्मीर’ के नारे दीवारों पर लिखे गए थे, अब JNU में ‘उमर खालिद को रिहा करो’ के नारे दीवारों पर लिखे जाने का मामला सामने आया है। एबीवीपी ने इन नारों को भड़काऊ बताकर विरोध किया है।
बता दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर नारे लिखे जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि इस बीच जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी की दीवारों पर ‘उमर खालिद को रिहा करो’, ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
न्यूज 18 के मुताबिक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि वामपंथी विचारधारा वाले छात्र संगठनों पर यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। एबीवीपी की जेएनयू यूनिट ने कहा है कि कैंपस की दीवारों पर ‘उमर खालिद को रिहा करो’, ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे दिखाई दिए हैं। छात्र संगठन ने इसे भड़काऊ बताते हुए आरोप लगाया है कि इनमें से कुछ बातें ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ की ओर से लिखी गई हैं।
क्या आरोप लगाए एबीवीपी ने : एबीवीपी का आरोप है कि भड़काऊ नारे स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की एक तस्वीर के बगल में ही लिखे गए हैं। संगठन ने कहा है कि यह घटनाएं कैंपस में लोकतंत्रिक बहस के बजाट राजनीतिक मतभेदों को टकराव में तब्दील करने की ओर इशारा करती है। छात्र संगठन ने लेफ्ट छात्र संगठनों और लेफ्ट समर्थित जवाहर लाल नेहरू स्टूडेंड यूनियन (जेएनयूएसयू) की भी कड़ी आलोचना की है। एबीवीपी ने का है कि छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की बजाय ये संगठन ‘उमर खालिद को रिहा करो’, ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे लगा रहे हैं। एबीवीपी ने कहा है कि जेएनयू को राजनीतिक बहस और अलग-अलग विचारधाराओं वाली जगह के तौर पर पहचाना जाता है जिसे बरकरार रखा जाना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देकर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे जाएं।
आपको बता दें कि शुक्रवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। यूनिवर्सिटी की दीवारों पर यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ के नारे लिखे मिलने का मामला सामने आया है।


