कांग्रेस के चंदे में 75% की गिरावट, 10 साल में सबसे बड़ी कमी, जानिए किस ट्रस्ट से कितना मिला पैसा

कांग्रेस पार्टी को मिलने वाले बड़े चंदे में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। चुनाव आयोग के पास पार्टी की ओर से जमा कराई गई जानकारी के विश्लेषण के मुताबिक कांग्रेस को 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित चंदे के रूप में इस वित्त वर्ष में 130.69 करोड़ रुपये मिले। यह रकम पिछले वित्त वर्ष यानी 2024-25 में मिले 517.39 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 75 फीसदी कम है। पिछले एक दशक में इस तरह के चंदे में यह सबसे बड़ी सालाना गिरावट है।

कांग्रेस के चंदे में आई इस कमी के पीछे सबसे बड़ी वजह प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिलने वाले योगदान में भारी गिरावट रही। इस ट्रस्ट ने 2024-25 में कांग्रेस को 216.34 करोड़ रुपये दिए थे लेकिन 2025-26 में इसका योगदान घटकर सिर्फ 25 करोड़ रुपये रह गया। यानी एक साल में ट्रस्ट से मिलने वाले चंदे में करीब 88 फीसदी की कमी आई। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस की ताजा योगदान रिपोर्ट में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट के अलावा किसी दूसरे इलेक्टोरल ट्रस्ट का नाम दर्ज नहीं है। पार्टी को कुछ कंपनियों और व्यक्तिगत दानदाताओं से भी बड़ी रकम मिली है। इनमें स्टार सीमेंट, सज्जन भजंका और प्रेम कुमार भजंका शामिल हैं।

कांग्रेस को किस साल कितना चंदा मिला?

चुनाव आयोग को जमा कराई गई कांग्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में पार्टी को 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित योगदान के रूप में 130.69 करोड़ रुपये मिले। इससे पहले के दो वित्त वर्षों में पार्टी के चंदे में लगातार बढ़ोतरी हुई थी। वित्त वर्ष 2023-24 में कांग्रेस को इस श्रेणी में 281.48 करोड़ रुपये मिले थे। इसके बाद 2024-25 में यह रकम बढ़कर 517.39 करोड़ रुपये पहुंच गई। 2024-25 में लोकसभा चुनाव भी हुए थे। हालांकि इसके अगले ही वित्त वर्ष में पार्टी के घोषित चंदे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 130.69 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह दो साल तक चंदे में बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस को मिलने वाले घोषित योगदान में अचानक बड़ी कमी आई है।

10 साल में सबसे बड़ी गिरावट, 2015-16 में इससे ज्यादा कमी आई थी

पिछले 12 वित्त वर्षों के आंकड़ों की तुलना से पता चलता है कि कांग्रेस के घोषित चंदे में 2025-26 की गिरावट पिछले एक दशक की सबसे बड़ी सालाना कमी है। इससे पहले वित्त वर्ष 2015-16 में पार्टी के घोषित चंदे में इससे भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। उस वित्त वर्ष में कांग्रेस को मिलने वाले घोषित चंदे में पिछले साल के मुकाबले करीब 86 फीसदी की कमी आई थी। उस दौरान पार्टी को 141.46 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। हालांकि 2025-26 में चंदे में आई भारी गिरावट के बावजूद यह अवधि में पार्टी का सबसे कम चंदा नहीं है। इससे पहले भी कांग्रेस को कुछ वित्त वर्षों में इससे कम रकम मिली थी।

2020-21: 74.52 करोड़ रुपये

2021-22: 95.46 करोड़ रुपये

2022-23: 79.92 करोड़ रुपये

2023-24: 281.48 करोड़ रुपये

2024-25: 517.39 करोड़ रुपये

2025-26: 130.69 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से साफ है कि 2025-26 में घोषित चंदे की रकम पिछले वित्त वर्ष से काफी कम रही लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पार्टी को इससे भी कम योगदान मिला था।

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिलने वाला चंदा 88% घटा

कांग्रेस के चंदे में आई गिरावट में प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट की भूमिका सबसे अहम रही। वित्त वर्ष 2024-25 में इस ट्रस्ट ने कांग्रेस को 216.34 करोड़ रुपये दिए थे। 2025-26 में इसका योगदान घटकर 25 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह एक साल के भीतर प्रूडेंट ट्रस्ट से मिलने वाले योगदान में करीब 88 फीसदी की कमी आई। कांग्रेस की ताजा योगदान रिपोर्ट में यही एकमात्र इलेक्टोरल ट्रस्ट दर्ज है। पिछले वित्त वर्ष में प्रूडेंट ट्रस्ट से मिले 216.34 करोड़ रुपये कांग्रेस के कुल 517.39 करोड़ रुपये के घोषित चंदे का बड़ा हिस्सा थे। ऐसे में इस ट्रस्ट के योगदान में आई कमी का असर पार्टी के कुल घोषित चंदे के आंकड़े पर भी पड़ा।

चंदे के मामले में बीजेपी कांग्रेस से कितनी आगे?

20 हजार रुपये से अधिक के घोषित चंदे के मामले में बीजेपी और कांग्रेस के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। वित्त वर्ष 2024-25 में बीजेपी को इस श्रेणी में 6074.02 करोड़ रुपये मिले थे। यह कांग्रेस को मिले 517.39 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 12 गुना अधिक था। पिछले 12 वित्त वर्षों के आंकड़ों में हर साल बीजेपी को कांग्रेस से अधिक घोषित चंदा मिला है। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बीजेपी के चंदे का तुलनात्मक आंकड़ा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। चुनाव आयोग की ओर से बीजेपी की योगदान रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इलेक्टोरल बॉन्ड के आंकड़े इन आंकड़ों में शामिल नहीं

कांग्रेस को मिले 130.69 करोड़ रुपये के चंदे के आंकड़े को समझते समय यह जानना जरूरी है कि इसमें इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए मिले योगदान को शामिल नहीं किया गया है। जब इलेक्टोरल बॉन्ड योजना लागू थी तब उनसे मिलने वाली रकम की जानकारी अलग से रिपोर्ट की जाती थी। अगर पहले के वर्षों में मिले इलेक्टोरल बॉन्ड के योगदान को भी शामिल किया जाए, तो वित्त वर्ष 2025-26 में कांग्रेस को मिली रकम 2020-21 के बाद सबसे कम रही है।

क्या 130.69 करोड़ रुपये ही कांग्रेस की कुल कमाई है?

इस रिपोर्ट में पार्टी की पूरी आय का ब्योरा नहीं होता। इसमें 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित योगदान की जानकारी दी जाती है। पार्टी की कुल आय में छोटे चंदे, सदस्यता शुल्क, कूपन के जरिए जुटाई गई रकम और जमा पर मिलने वाला ब्याज जैसे दूसरे स्रोत भी शामिल होते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कांग्रेस का ऑडिटेड अकाउंट अभी अपलोड नहीं किया गया है। पार्टी की समग्र वित्तीय स्थिति का पता लगाने के लिए इस ऑडिटेड अकाउंट की जरूरत होगी।

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इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में कांग्रेस को केवल कूपन के जरिए 350.12 करोड़ रुपये मिले थे। यह रकम बताती है कि पार्टी की आय के स्रोत केवल 20 हजार रुपये से अधिक के घोषित चंदे तक सीमित नहीं हैं। इसलिए कांग्रेस के चंदे में करीब 75 फीसदी की गिरावट को पार्टी की कुल आय में उतनी ही कमी के तौर पर देखना सही नहीं होगा। पार्टी की पूरी वित्तीय स्थिति का आकलन उसके 2025-26 के ऑडिटेड अकाउंट के सार्वजनिक होने के बाद ही किया जा सकेगा।