IPO News: सरकार इस वित्त वर्ष में अपनी तीन कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने की तैयारी कर रही है। इनमें इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी (IIFCL), महानदी कोलफील्ड्स (MCL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स (SECL) शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार दूसरा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) भी लॉन्च करेगी। इसके जरिए सरकारी संपत्तियों से पैसा जुटाया जाएगा। इस रकम का इस्तेमाल नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए किया जा सकेगा।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने Moneycontrol को बताया कि तीनों कंपनियां शेयर बाजार में उतरने के लिए तैयार हैं। Mahanadi Coalfields का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पहले ही दाखिल हो चुका है। बाकी दो कंपनियों की लिस्टिंग की तैयारियां चल रही हैं।
IIFCL: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को देती है कर्ज
IIFCL की स्थापना 2006 में हुई थी। यह पूरी तरह सरकार के मालिकाना हक वाली कंपनी है। इसका काम सड़क, बिजली और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) समेत कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए लंबे समय का कर्ज देना है।
मार्च 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति ₹98,481 करोड़ थी। इसकी नेटवर्थ ₹17,898 करोड़ और इंफ्रास्ट्रक्चर लोन बुक ₹81,714 करोड़ रही। हालांकि, वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर ₹1,379 करोड़ रह गया। पिछले साल यह ₹2,165 करोड़ था।
विदेशी मुद्रा लेनदेन से हुए नुकसान और नेट इंटरेस्ट मार्जिन में कमी का असर मुनाफे पर पड़ा। दूसरी ओर, कंपनी का ग्रॉस NPA घटकर 0.40% रह गया, जो पिछले साल 1.11% था। IIFCL के IPO में सरकार अपनी हिस्सेदारी के कुछ शेयर बेच सकती है। इसके साथ नए शेयर भी जारी किए जा सकते हैं।
Mahanadi Coalfields: एक साल में कमाए ₹10,698 करोड़
महानदी कोलफीडल्ड्स ओडिशा में कारोबार करती है। यह कोल इंडिया की सहायक कंपनी है और इसकी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी भी है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 218.31 मिलियन टन कोयले का प्रोडक्शन किया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹30,550 करोड़ और नेट प्रॉफिट लगभग ₹10,698 करोड़ रहा।
इसके IPO में Coal India अपनी 10% हिस्सेदारी बेचेगी। इसके लिए 66.18 करोड़ शेयर ऑफर किए जाएंगे। यह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी इस बिक्री से मिलने वाला पैसा Mahanadi Coalfields को नहीं, बल्कि Coal India को मिलेगा।
South Eastern Coalfields की भी होगी लिस्टिंग
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कोयले का उत्पादन करती है। यह भी कोल इंडिया की सहायक कंपनी है। वित्त वर्ष 2026 में इसने 176.29 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया। यह कोल इंडिया के कुल उत्पादन का करीब 23% था। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग ₹4,755 करोड़ रहा।
इसके प्रमुख खदान क्षेत्रों में गेवर, कुसमुंडा और दीपका शामिल हैं। कोल इंडिया ने इसकी लिस्टिंग की तैयारी शुरू कर दी है और सलाहकार भी नियुक्त किए हैं।
इन दोनों सहायक कंपनियों की लिस्टिंग से निवेशकों को कोल इंडिया के शेयर के अलावा उसकी अलग-अलग कंपनियों में निवेश का विकल्प मिलेगा। इससे बाजार में उनके कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन की अलग पहचान बनेगी।
दूसरा पब्लिक InvIT भी लाएगी सरकार
सरकार वित्त वर्ष 2027 में दूसरा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के कुछ हिस्सों की पहचान की गई है। इन सड़कों से भविष्य में होने वाली कमाई के आधार पर निवेशकों को सिक्योरिटीज जारी की जाएंगी।
इस तरीके से सरकार को मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर संपत्तियों को सीधे बेचे बिना उनसे पैसा जुटाने का मौका मिलता है। इनसे भविष्य में होने वाली कमाई के आधार पर निवेश जुटाया जाता है। फिर इस रकम का इस्तेमाल नई सड़कें और दूसरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं बनाने में किया जा सकता है। इसे कैपिटल रीसाइक्लिंग कहा जाता है।
मार्च 2026 में सरकार के पहले पब्लिक InvIT से करीब ₹9,200 करोड़ जुटाए गए थे। चावला के मुताबिक, हाल के समय में इस निवेश विकल्प का रिटर्न 10 साल के सरकारी बॉन्ड से करीब दो प्रतिशत अंक ज्यादा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि दूसरा InvIT सफल रहा, तो इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पैसा जुटाने का यह तरीका आगे भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता इन तीनों कंपनियों की लिस्टिंग और दूसरे पब्लिक InvIT को लॉन्च करने की तैयारी पूरी करना है।

