
भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ी कम और दामाद ज्यादा होते जा रहे हैं। जो जितने लंबे समय से रन ना बनाए वह अपनी जगह उतनी पुख्ता कर लेता है। यही कारण है कि भारतीय एकदिवसीय क्रिकेट टीम में अधिकतर खिलाड़ियों की उम्र लगभग 34 या 35 के आसपास है।
ऐसे में यह दामाद अक्सर टीम इंडिया से कम और सामने वाली टीम की ओर से ज्यादा खेलते हुए पाए जाते हैं। भारतीय टीम कल न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरु हो रही सीरीज में भी इन दामादों को दौरे पर लेकर जा रही है और संभावना है कि तीनों अंतिम एकादश का हिस्सा रहेंगें।
दामाद क्रमांक 1 – रोहित शर्मा
रोहित शर्मा अब पहले नंबर के दामाद हैं, और सर्वकालिक दामद से भी आगे हो चुके हैं। उनके प्रशंसको को खुश करने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने यशस्वी जायसवाल को दल में भी शामिल नहीं किया। बोर्ड ने 2027 के विश्वकप को ध्यान में रखते हुए 3 वनडे में 2 शतक लगाने वाले बल्लेबाज जो कि रोहित शर्मा के लिए सबसे बड़ा कांटा साबित हो रहे थे, उखाड़ के फेंक दिया।

रोहित शर्मा विश्वकप 27 में 40 वर्ष के हो जाएंगे, लेकिन बोर्ड ने उन्हें अभी से हरी झंडी दिखा दिए हैं। रोहित शर्मा के प्रशंसक इस साल 2 अर्धशतक और 2 शतक का गुणगान कर रहे हैं लेकिन उनमें से 1 शतक और अर्धशतक वेस्टइंडीज के खिलाफ, 1 अर्धशतक अफगानिस्तान के खिलाफ और 1 शतक इंग्लैंड के खिलाफ आया था। अगर इन 4 पारियों को हटा दें तो रोहित शर्मा टीम में भी होना के लायक नहीं है लेकिन वह सलामी बल्लेबाज हैं।
गौरतलब है कि रोहित शर्मा खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और इंग्लैंड के पहले दो एकदिवसीय मैच में फ्लॉप रहे थे। जिसके बाद उनकी संन्यास की अटकलें लगनी शुरु हो गई थी। हालांकि उन्होंने बेहतरीन पारी खेली। रोहित शर्मा ने 110 गेंदो में 138 रन बनाए। उन्हें जैकब बैथल ने बोल्ड किया।
रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे। दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।
अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।
इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

दामाद क्रमांक 2 – लोकेश राहुल
लोकेश राहुल को कुछ समय पहले विशेषज्ञ बल्लेबाज के रुप में शामिल किया जाता रहा। लेकिन 2-3 साल पहले यह विशेष सुविधा उनके लिए खत्म हो गई। चैंपियन्स ट्रॉफी में बल्ला भांजने के बाद केएल राहुल ने कुछ खास उपलब्धि हासिल नहीं की है।
इस साल उन्होंने न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर एक एक शतक मारा है। इंग्लैंड के दौरे पर वह बुरी तरह फ्लॉप रहे थे। अफगानिस्तान के खिलाफ वह एक बार 19 गेंदों में 39 रन बनाकर गए और एक बार गोल्डन डक पर आउट हो गए।
इसके साथ ही विकेटकीपिंग में वह कई बार आसान से मौके गंवा देते हैं जिससे सामने वाली टीम को महत्वपूर्ण रन मिल जाते हैं। यह अमूमन हर दूसरे से तीसरे मैच में देखने को मिलता है। केएल राहुल भी भारतीय टीम की विश्वकप की योजना में है।

दामाद क्रमांक 3 – कुलदीप यादव
कुलदीप यादव को लंबे समय से बल्लेबाज कोई खतरा मानना ही बंद कर दिए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में लिए 4 विकेटों को अगर छोड़ दें तो उन्होंने मुश्किल से ही विकेट निकालें हो, या विकेट भी तब निकालें हो जब बल्लेबाज अंतिम ओवर में हर गेंद पर बल्ला घुमाने की कोशिश में हो।
खासकर न्यूजीलैंड तो एक ऐसी टीम है जिसे कुलदीप यादव को खेलने में बहुत ही मजा आता है। कुलदीम न्यूजीलैंड को इस साल शुरुआत में हुई एकदिवसीय सीरीज में सिर्फ 3 से 4 विकेट ले पाए और उन्होंने जी भर कर रन लुटाए। इंडीज के खिलाफ दो मैचों में भी उनके यही हाल रहे। अब टीम के पास कोई स्पिनर नहीं है तो वह ही अंतिम एकादश का हिस्सा बनते हुए दिखेंगे।
एकदिवसीय टीम इस प्रकार हैं:
भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, अंशुल कंबोज, औकिब नबी, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, इशान किशन, कुलदीप यादव, नमन धीर।

