Aga Ruhullah: जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर अब बगावत खुलकर सामने आ गया है। श्रीनगर से लोकसभा सांसद सैयद आगा रुहुल्ला मेहदी ने मंगलवार (3 नवंबर) को अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर बडगाम में आयोजित एक रैली में नेशनल कॉन्फ्रेंस से इस्तीफे की घोषणा की। मेहदी 2024 में नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर श्रीनगर सीट से लोकसभा चुनाव जीते थे। उन्होंने अपने समर्थकों को 80 मिनट तक संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर में एक नया राजनीतिक संगठन बनाने का संकेत दिया।
शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखी जा रही इस रैली में प्रभावशाली शिया नेता रुहुल्ला मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दोनों पर आर्टिकल 370 की बहाली की लड़ाई छोड़ देने का आरोप लगाया, जिसके तहत जम्मू-कश्मीर को भारतीय संघ के भीतर विशेष दर्जा प्राप्त था।
इस्तीफे को ‘आजादी का फरमान’ बताया
लोकसभा सदस्य मेहदी ने कहा, “चुनाव के दौरान आर्टिकल 370 बहाल करने, कैदियों को रिहा करने और मुफ्त बिजली देने के बारे में किए गए तमाम दावे महज झूठ थे। मैं अब इन झूठों का हिस्सा बनकर नहीं रह सकता।” उन्होंने पार्टी से अपने इस्तीफे को ‘आजादी का फरमान’ बताया।
मेहदी ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि वह एक नया राजनीतिक दल बनाएं। लेकिन उनकी अधिक रुचि जम्मू-कश्मीर के लोगों की गरिमा और सम्मान बहाल करने के लिए एक आंदोलन शुरू करने में है। उन्होंने कहा, “हमने 2024 के चुनाव में उनका (नेशनल कॉन्फ्रेंस का) समर्थन करने की अपील की थी और यह एक गलती साबित हुई। हो सकता है कि उन्होंने हार मान ली हो, लेकिन हमने नहीं। हम एक ऐसा आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें ईमानदार और संवेदनशील लोग आगे आकर हमसे छीनी गई चीजों को वापस पाने की लड़ाई का नेतृत्व करेंगे।”
‘वादा कुर्सी से बड़ा’
मध्य कश्मीर के बडगाम जिले में स्थित ‘बेहिश्त-ए-जहरा पार्क’ के एक कोने में 9 वर्षीय लड़का नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बागी सांसद रुहुल्लाह मेहदी के समर्थन में तख्ती लिए खड़ा था जहां शिया नेता मेहदी पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा करने वाले थे। हालांकि ऐसा प्रतीत होता है कि लड़के को इसके राजनीतिक महत्व के बारे में कुछ भी पता नहीं है। एक निजी स्कूल में तीसरी क्लास का छात्र दायिम रजा अपने हाथ में एक तख्ती लिए हुए है, जिस पर उर्दू में लिखा है, “वादा कुर्सी से बड़ा है।”
बच्चे की एक तख्ती लेकर अपने नेता का समर्थन करते तस्वीर इस बात का संकेत देती है कि उन्हें क्या हासिल है, कम से कम लोगों की धारणा में, खासकर सोशल मीडिया पर। उन्हें हर वर्ग में लोकप्रियता मिली है, जिसमें वे बच्चे भी शामिल हैं जो अभी राजनीति की बारीकियों को समझने की उम्र में नहीं हैं। मेहदी की प्रस्तावित घोषणा की तारीख उनके और उनके समर्थकों के लिए काफी मायने रखती है। उनके पिता, आगा सैयद मेहदी साल 2000 में इसी दिन एक आतंकवादी हमले में मारे गए थे।
अपनी वार्षिक परीक्षाओं के बाद छुट्टियों मना रहे रजा, श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके हरवान से अपने पिता और दादा के साथ आए ताकि वे एक ऐसे व्यक्ति का समर्थन कर सकें जिसे उन्होंने अच्छा नेता बताया। रजा ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “रुहुल्लाह एक अच्छे नेता हैं, वे ईमानदार हैं।” जब रजा से तख्ती पर लिखे नारे का मतलब पूछ गया तो उसने उसे बिना किसी हिचकिचाहट के पढ़ तो दिया, लेकिन उसका मतलब नहीं समझा सका। उसने कहा, “मैं अपने पिता और दादा के साथ समर्थन देने आया हूं। स्कूल की छुट्टी है, इसलिए कोई दिक्कत नहीं हुई।”

