गर्मियों का मौसम में घरों में एयर कंडीशनर (AC) की जरूरत बढ़ जाती है। वहीं आज के समय में गर्मी से बचने के लिए हर घर में लोग एसी लगवाते हैं। वहीं के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली का बिल ज्यादा आता है। वहीं मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक अनोखी खबर आ रही है। यहां पर ऐसा घर बनावाया जा रहा है जो बिना AC के भी ठंडा रहेगा। इस घर को मिट्टी, गोबर और चूने जैसी प्राकृतिक चीजों से तैयार किया जा रहा है। वहीं इसके साथ ही, जमीन के करीब 10 फीट नीचे पाइप बिछाए गई है, जिनसे होकर हवा घर के अंदर पहुंचेगी।
दो भाई बनवा रहे हैं घर
मध्य प्रदेश के उज्जैन में ये घर दो भाई बनवा रहे हैं। इस अनोखे घर को बनाने का विचार IIT मुंबई से पढ़े प्रतीक यादव और उनके भाई ऋतिक यादव का है, जिन्होंने IIT खड़गपुर से पढ़ाई की है। इस अनोखे घर के जरिए दो भाई पारंपरिक भारतीय निर्माण तकनीक से गर्मी का सामना करने का नया तरीका पेश कर रहे हैं। आइए जानते हैं इस घर के बारे में, जो अभी चर्चा में बना है।
मिट्टी और गोबर से बन रहा घर
लोकल 18 के शुभम मरामत (Shubham Maramat) से बात करते हुए प्रतीक और ऋतिक ने बताया, उज्जैन के संत नगर में घर में सीमेंट और दूसरी आधुनिक चीजों की जगह मिट्टी, गोबर, चूना और पारंपरिक कवेलू का इस्तेमाल किया जा रहा है। घर को ठंडा रखने के लिए जमीन के करीब 10 फीट नीचे से ठंडी हवा अंदर पहुंचाने की खास व्यवस्था भी की जा रही है। घर में इस्तेमाल की गई पारंपरिक निर्माण तकनीक और प्राकृतिक चीजों की वजह से अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले 4 से 5 डिग्री तक कम रह सकता है।
पांच महीने से चल रहा काम
इस घर को तैयार करने में करीब पांच महीने से काम चल रहा है और इसमें लगभग 35 टन मिट्टी व गोबर का इस्तेमाल किया जा रहा है। मकान की दीवारों को मजबूत और ठंडा रखने के लिए उन पर पीली मिट्टी और गोबर का लेप लगाया गया है। प्लास्टर के लिए मिट्टी, गोबर और करीब 40 प्रतिशत चूने को मिलाकर खास मिश्रण तैयार किया गया है। घर के निर्माण में स्थानीय सामग्री के साथ पारंपरिक चीजों का भी ध्यान रखा गया है। इसकी छत पर लगाने के लिए गुजरात से मिट्टी के कवेलू मंगवाए गए हैं, जबकि ईंटें और काले पत्थर मध्य प्रदेश से लाए गए हैं।
करीब 10 फीट बिछाई गई पाइपलाइन
मकान के दरवाजे और खिड़कियां बनाने के लिए पुराने घरों से निकाली गई सागौन की लकड़ी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पुरानी सामग्री को दोबारा उपयोग में लाने की कोशिश की गई है। इस घर की सबसे खास व्यवस्था जमीन के अंदर बनाई गई एयर टनल है। इसके लिए तीन पाइप लगाए गए हैं, जो जमीन से करीब 10 फीट नीचे बिछाए गए हैं। इन पाइपों की लंबाई लगभग 80 से 90 फीट रखी गई है। इनके एक सिरे पर पंखे लगाए जाएंगे, जो बाहर की हवा को खींचकर पाइपों के जरिए घर के अंदर पहुंचाएंगे। इससे घर को प्राकृतिक तरीके से ठंडा रखने में मदद मिलेगी।
इस तकनीक में जमीन के नीचे से हवा गुजारकर उसे ठंडा किया जाता है और फिर कमरों तक पहुंचाया जाता है। इससे गर्मियों में AC की जरूरत कम हो सकती है। यह घर पारंपरिक निर्माण पद्धति और आधुनिक जरूरतों का अनोखा मेल है।

