चाचा है तो सपा है… लखनऊ में लगे होर्डिंग से अखिलेश गायब, MLC चुनाव के बाद गर्माई सपा की सियासत

चाचा है तो सपा है... लखनऊ में लगे होर्डिंग से अखिलेश गायब, MLC चुनाव के बाद गर्माई सपा की सियासत

Samajwadi Party Poster Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति का मिजाज हमेशा से अपने चौंकाने वाले मोड़ों के लिए जाना जाता है। हाल ही में संपन्न हुए MLC (विधान परिषद) चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) को मिली 5 सीटों पर जीत के बाद, राजधानी लखनऊ की सड़कों पर ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। ​लखनऊ के हाई-प्रोफाइल विक्रमादित्य मार्ग पर सपा कार्यकर्ता राम मूर्ति यादव द्वारा लगाया गया एक विशाल होर्डिंग इस समय प्रदेश के सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।

​क्या है होर्डिंग में खास?

  • ​अखिलेश यादव की तस्वीर न होना : इस होर्डिंग की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर ही इसमें से नदारद है।
  • ​शिवपाल को जीत का श्रेय : होर्डिंग में सपा के राष्ट्रीय महासचिव व विधायक शिवपाल सिंह यादव को प्रमुखता से दर्शाया गया है और MLC चुनाव की जीत का पूरा श्रेय उन्हें ही दिया गया है।
  • ​चर्चित स्लोगन : होर्डिंग पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा स्लोगन ‘चाचा है तो सपा है’ अब राजनीतिक गलियारों में कौतूहल और बहस का केंद्र बन गया है।
  • ​वरिष्ठ व दिवंगत नेताओं को स्थान : इस होर्डिंग में शिवपाल यादव के साथ-साथ पार्टी के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव, स्व. बेनी प्रसाद वर्मा, स्व. जनेश्वर मिश्र और वरिष्ठ नेता आजम खान की तस्वीरें शामिल की गई हैं।

​गर्माया सियासी पारा

​सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर गायब होने और शिवपाल यादव को केंद्र में रखकर लिखे गए इस स्लोगन के बाद एक बार फिर ‘चाचा-भतीजे’ (शिवपाल यादव और अखिलेश यादव) के रिश्तों और पार्टी के भीतर जारी अंदरूनी शक्ति-संतुलन को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। MLC चुनाव में जीत के जश्न के बीच उभरी यह पोस्टर बाजी सपा के आंतरिक समीकरणों पर कई बड़े सवाल खड़े कर रही है।