
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान को लेकर कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है। इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान एक समाजसेवी के पोस्टर लेकर पहुंचने और मंत्री की नाराजगी के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर सवाल उठाए हैं।
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगरीय निकायों में कथित घोटालेबाजी को लेकर सवाल पूछने पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शांतिपूर्ण तरीके से खड़े व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया। कांग्रेस ने इसे बीजेपी का असली चेहरा बताते हुए कहा कि पार्टी लोकतंत्र की बात तो करती है, लेकिन सवालों से घबराती है।
कांग्रेस ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय ने इतनी तत्परता और ध्यान अपने विभाग के कामकाज पर दिया होता तो उन्हें भाषण में एसीएस पर तंज कसने की जरूरत नहीं पड़ती और न ही किसी व्यक्ति को पुलिस के हवाले करना पड़ता।
लोकतंत्र की दुहाई और सवालों से घबराहट! यह है भाजपा का असली चेहरा! इंदौर में नगरीय निकायों में घोटालेबाजी का सवाल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इतना चुभा कि, शांतिपूर्ण तरीके से खड़े सत्याग्रही को पुलिस के हवाले कर दिया! कैलाश विजयवर्गीय ने इतनी तत्परता और ध्यान अपने विभाग पर दिया होता तो ना भाषण में एसीएस पर टॉन्ट कसने पड़ते ना ऐसे किसी को पुलिस के हवाले करना पड़ता! @KailashOnline @PMOIndia
— MP Congress (@INCMP) October 30, 2026
पोस्टर देखकर नाराज हुए कैलाश विजयवर्गीय
दरअसल, इंदौर में शुक्रवार को बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली गई। यात्रा सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे पर समाप्त हुई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विप्लब देव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई नेता शामिल हुए। बड़ी संख्या में साधु-संत और किन्नर समाज के लोग भी पदयात्रा में पहुंचे। विजयवर्गीय ने इसे राष्ट्रभक्तों की रैली बताया।
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी प्रहलाद पांडे एक पोस्टर लेकर पहुंचे। पोस्टर पर लिखा था- ‘30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल।’ पोस्टर देखकर कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए। उन्होंने प्रहलाद पांडे को लेकर कहा कि यहां एक व्यक्ति न्यूसेंस कर रहा है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से उसे गाड़ी में बैठाने और कुछ देर के लिए ले जाने को भी कहा।
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कांग्रेस ने पूछा- सवालों से इतनी परेशानी क्यों?
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों को सवालों का जवाब देना चाहिए। नगरीय निकायों के खर्च और कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों पर कार्रवाई के बजाय जवाब दिया जाना चाहिए था।
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाने वाले व्यक्ति के साथ सख्ती के रूप में पेश करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली बीजेपी सवालों से घबराती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इंदौर के नगरीय निकायों में कथित घोटालेबाजी को लेकर सवाल उठाने वाले सत्याग्रही को पुलिस के हवाले कर दिया गया। कांग्रेस ने मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि यदि उन्होंने अपने विभाग पर इतनी तत्परता और ध्यान दिया होता तो उन्हें भाषण में एसीएस पर तंज कसने या किसी व्यक्ति को पुलिस के हवाले करने की जरूरत नहीं पड़ती। कांग्रेस ने इस घटनाक्रम को लेकर बीजेपी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, बीजेपी की ओर से पदयात्रा के दौरान हिंसा और अराजकता का विरोध करने की बात कही गई थी।


