अमेरिकी एजेंसियों के आगे कैसे खुला SHO नागरा का राज:पंजाब में समधी पर मर्डर की FIR, फिर उसी केस में 4 लाख डॉलर की फिरौती; जानें पूरा मामला

अमेरिका में 4 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले में पंजाब पुलिस के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कुर्सी गंवानी पड़ी। होशियारपुर के SSP संदीप मलिक ने नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच की निगरानी जालंधर रेंज के DIG डॉ. नवीन सिंगला करेंगे। हालांकि पंजाब में पुलिस के 153 थानों में से टांडा थाने के SHO का कथित कारनामे का अमेरिका में कैसे खुलासा हुआ?। अमेरिकी जांच एजेंसियों को इसका पता कैसे चला?, वह केस क्या है, जिसमें SHO नागरा पर मोटी फिरौती मांगने के आरोप लगे हैं, यह सवाल अभी भी बने हुए हैं। इन सब सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए, SHO के नाम का खुलासा कैसे हुआ
अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट तरीके से अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई। वह टांडा हत्याकांड, जिससे SHO के तार जोड़े जा रहे
15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें इंस्टाग्राम अकाउंट gurlal_rudiana307 और jashal_gill0046 को टैग करते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में लिखा गया कि बलविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी जशल गिल और गुरलाल रुदियाना लेते हैं। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर स्वराज उर्फ अभि और गुरमुख सिंह की पहचान की। दोनों उस समय पट्टी जेल में बंद थे। उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई। पुलिस ने कहा कि हत्या का अमेरिका से कनेक्शन है?
24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई। पुलिस ने दावा किया कि जांच और पूछताछ में शूटरों के खातों में 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। इसके बाद चरनजीत सिंह, उनके बेटे गुरप्रीत सिंह और बेटी को भी हत्या के मामले में नामजद कर लिया गया। फिर SHO नागरा विवाद में कैसे आए?
यहीं से मामले ने नया मोड़ लिया। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है। आरोप- प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन मांगे गए पैसे
अमेरिकी एजेंसियों का दावा है कि 24 मई 2026 को SHO नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चरनजीत सिंह और उनके परिवार को हत्या की साजिश का आरोपी बताया। इसके अगले दिन कथित तौर पर परिवार के एक सदस्य से संपर्क कर 4 लाख डॉलर की मांग की गई। आरोप है कि रकम देने पर हत्या के मामले में राहत दिलाने का भरोसा दिया गया। गैंगस्टर नेटवर्क की क्या भूमिका बताई गई?
अमेरिकी जांच एजेंसियों का आरोप है कि गैंगस्टर नेटवर्क के सदस्य गुरलाल सिंह ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी भारत भेजी। जिसे SHO गुरिंदरजीत तक पहुंचाया गया ताकि परिवार को फंसाया जा सके। इसके बाद भारत में मौजूद उनके रिश्तेदारों पर हत्या के केस में कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगने की कोशिश की गई। इसी कथित साजिश के आधार पर अमेरिका में केस दर्ज किया गया। पंजाब पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
अमेरिका में लगे आरोप सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। उनके खिलाफ एसपी (इन्वेस्टिगेशन) को विभागीय जांच सौंप दी गई है, जो अपनी रिपोर्ट डीआईजी जालंधर रेंज डॉ. नवीन सिंगला को सौंपेंगे। ये खबरें भी पढ़ें… गैंगस्टर लॉरेंस पर अमेरिका में हत्या का केस, चार्जशीट दायर:गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर इनाम कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर अमेरिका ने पहली बार चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दावा है कि हत्या का आदेश भारतीय जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और फरार चल रहे गोल्डी बराड़ ने दिया था। अमेरिकी सरकार के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई भारतीय जेल में रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चला रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) अमेरिका के खुलासे के बाद होशियारपुर SHO हटाया, अटॉर्नी जनरल ने कहा था- 4 लाख डॉलर फिरौती मांगी होशियारपुर के पुलिस थाना टांडा के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को 4 लाख डॉलर की फिरौती केस में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में नागरा का नाम लिया था। जनरल ने फिरौती के मामले में कई खुलासे किए। (पढ़ें पूरी खबर)

पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, 40 हजार भारतवंशियों को संबोधित करेंगे:ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ बैठक; ट्रेड डील पर बातचीत संभव

पीएम मोदी तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं। दो दिवसीय दौरे के दौरान पहले गुरुवार को मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच मीटिंग होगी। मीटिंग में दोनों नेताओं के बीच CECA (ट्रेड डील) पर बातचीत होगी। इसके बाद पीएम भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के प्रमुख कारोबारियों को संबोधित करेंगे। इसके बाद मोदी मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में मीट कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें करीब 40 हजार भारतवंशियों के शामिल होने का अनुमान है। 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मोदी 11 जुलाई को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। मेलबर्न में पीएम मोदी के स्वागत की 3 तस्वीरें… दोनों देशों के बीच डिफेंस डील भी संभव पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस डील संभव है। इसके साथ ही दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया के कई कारोबारियों से भी मुलाकात करेंगे। ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली थी। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की 4 जुलाई की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, ‘स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।’ धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे थे पीएम इससे पहले पीएम मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित देश के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। दोनों ने मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। पीएम ने मंदिर में दर्शन भी किए। उन्होंने मंदिर परिसर में अपने संबोधन में कहा- मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है। पूरी खबर पढ़ें… ——————- पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- भारत-इंडोनेशिया में कुछ नहीं बहुत कुछ होता है: इंडोनेशियाई राष्ट्रपति बोले- मैं मोदी का करियर कॉपी करता हूं पीएम मोदी ने मंगलवार शाम को जकार्ता में भारतीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यहां भारत का गाना ‘कुछ-कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। जब भारत-इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं तो कुछ-कुछ से भी आगे बढ़कर बहुत कुछ होता है। पूरी खबर पढ़ें…

मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर, वंदे मातरम से स्वागत:आज 40 हजार भारतवंशियों को संबोधित करेंगे; ऑस्ट्रेलिया के पीएम के साथ बैठक, ट्रेड डील पर बातचीत संभव

पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए हैं। गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज साथ मीटिंग करेंगे। मीटिंग में दोनों नेताओं के बीच ट्रेड डील पर बातचीत होगी। इसके बाद पीएम भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के प्रमुख कारोबारियों को संबोधित करेंगे। इसके बाद मोदी मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में मीट कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसमें करीब 40 हजार भारतवंशियों के शामिल होने का अनुमान है। यहीं से 11 जुलाई को न्यूजीलैंड रवाना होंगे। मेलबर्न में पीएम मोदी के स्वागत की 3 तस्वीरें… दोनों देशों के बीच डिफेंस डील भी संभव पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच डिफेंस डील संभव है। इसके साथ ही दोनों देशों के प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया के कई कारोबारियों से भी मुलाकात करेंगे। ——————- पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- भारत-इंडोनेशिया में कुछ नहीं बहुत कुछ होता है: इंडोनेशियाई राष्ट्रपति बोले- मैं मोदी का करियर कॉपी करता हूं पीएम मोदी ने मंगलवार शाम को जकार्ता में भारतीय लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यहां भारत का गाना ‘कुछ-कुछ होता है’ बहुत लोकप्रिय है। जब भारत-इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं तो कुछ-कुछ से भी आगे बढ़कर बहुत कुछ होता है। पूरी खबर पढ़ें…

ईरान-अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले के बाद ट्रंप के बयान से दुनिया भर में मचा हड़कंप, कच्चे तेल में लगी आग; कहा- सीजफायर खत्म, वे घटिया लोग…

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर हमले के जवाब में अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में एयरस्ट्राइक कर दिया। दोनों और ताबड़तोड़ हमले के बाद अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो घोषणा की है उससे दुनिया भर में हड़कंप मचा

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पाकिस्तान का कार्गो प्लेन कराची के पास गायब हुआ:नेविगेशन सिस्टम में खराबी आई, 5 क्रू मेंबर सवार थे, अरब सागर में सर्च ऑपरेशन जारी

पाकिस्तान का एक कार्गो विमान मंगलवार रात कराची पहुंचने से पहले लापता हो गया। विमान शारजाह से कराची आ रहा था और उसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के मुताबिक, रात 9:18 बजे पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को नेविगेशन सिस्टम में खराबी की जानकारी दी। कंट्रोल रूम ने विमान को मार्गदर्शन देने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन मिनट बाद उसका संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान कराची से 155 नॉटिकल मील (287 किमी) पश्चिम में ट्रैक किया गया। विमान के लापता होने के बाद अरब सागर में बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। पाकिस्तान नेवी, एयर फोर्स और अन्य एजेंसियां खोज अभियान में जुटी हैं। अधिकारियों ने अभी तक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने या किसी हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विमान के गायब होने की लोकेशन… हादसे की वजह फिलहाल साफ नहीं PAA ने कहा है कि विमान के लापता होने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। विमान और उसमें सवार 5 क्रू मेंबरों की स्थिति को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। फ्लाइट रडार 24 के शुरुआती डेटा के मुताबिक, आखिरी समय में विमान ने पहले ऊंचाई खोई, फिर कुछ ऊपर गया और इसके बाद अचानक तेजी से नीचे आया। शुरुआती अनुमान है कि विमान अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, विमान बलूचिस्तान के ओरमारा तट के पास लापता हुआ। वहीं, K2 Airways ने कहा है कि वह पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ जांच और सर्च ऑपरेशन में पूरा सहयोग कर रही है। 2018 में शुरू हुई थी K2 एयरवेज K2 एयरवेज कराची स्थित निजी कार्गो एयरलाइन है, जिसकी शुरुआत मई 2018 में हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ 27 साल पुराना Boeing 737 2024 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल किया गया था। यह कंपनी का इकलौता विमान था और इसकी पिछली उड़ान 28 जून को हुई थी। एविएशन एक्सपर्ट इमरान असलम ने ARY न्यूज से कहा कि इंजन फेल होने की स्थिति में भी विमान आमतौर पर कुछ दूरी तक ग्लाइड करता है। उनके मुताबिक, विमान का इतनी तेजी से नीचे आना सामान्य नहीं है और इसकी वजह जांच के बाद ही साफ होगी। इससे पहले मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का यात्री विमान कराची में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 97 लोगों की मौत हुई थी। बाद की जांच में पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मानवीय गलती को दुर्घटना का कारण माना गया था।

वर्ल्ड अपडेट्स:मरीन ले पेन को राहत: अपील कोर्ट ने चुनावी प्रतिबंध घटाया; 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकेंगी

फ्रांस की अपीलीय अदालत ने दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को यूरोपीय संसद फंड के दुरुपयोग मामले में दोषी तो माना, लेकिन उन पर सार्वजनिक पद संभालने की पाबंदी कम कर दी। इसके बाद ले पेन ने घोषणा की है कि वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी। पेरिस कोर्ट ऑफ अपील ने ले पेन पर लगाए गए पांच साल के चुनावी प्रतिबंध को घटाकर 45 महीने कर दिया, जिनमें से 30 महीने निलंबित रहेंगे। अदालत ने यह भी माना कि 31 मार्च 2025 से वह पहले ही प्रतिबंध की अवधि पूरी कर रही हैं। इस वजह से वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पात्र हो गई हैं। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा भी सुनाई है। इसमें दो साल की सजा निलंबित है, जबकि एक साल इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के साथ नजरबंदी में बिताना होगा। साथ ही उन पर एक लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला यूरोपीय संसद के उन फंड से जुड़ा था, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए जाते हैं। अदालत के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल फ्रांस में नेशनल रैली पार्टी के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया गया, जिससे यूरोपीय संसद को 28 लाख यूरो का नुकसान हुआ। इसी मामले में नेशनल रैली पार्टी पर भी 20 लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया, जिसमें आधी राशि निलंबित है। 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में रनऑफ तक पहुंच चुकी मरीन ले पेन को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है।

वर्ल्ड अपडेट्स:मरीन ले पेन को राहत: अपील कोर्ट ने चुनावी प्रतिबंध घटाया; 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकेंगी

फ्रांस की अपीलीय अदालत ने दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को यूरोपीय संसद फंड के दुरुपयोग मामले में दोषी तो माना, लेकिन उन पर सार्वजनिक पद संभालने की पाबंदी कम कर दी। इसके बाद ले पेन ने घोषणा की है कि वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी। पेरिस कोर्ट ऑफ अपील ने ले पेन पर लगाए गए पांच साल के चुनावी प्रतिबंध को घटाकर 45 महीने कर दिया, जिनमें से 30 महीने निलंबित रहेंगे। अदालत ने यह भी माना कि 31 मार्च 2025 से वह पहले ही प्रतिबंध की अवधि पूरी कर रही हैं। इस वजह से वह 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के लिए पात्र हो गई हैं। अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा भी सुनाई है। इसमें दो साल की सजा निलंबित है, जबकि एक साल इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के साथ नजरबंदी में बिताना होगा। साथ ही उन पर एक लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला यूरोपीय संसद के उन फंड से जुड़ा था, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए जाते हैं। अदालत के अनुसार इन पैसों का इस्तेमाल फ्रांस में नेशनल रैली पार्टी के कर्मचारियों के वेतन भुगतान में किया गया, जिससे यूरोपीय संसद को 28 लाख यूरो का नुकसान हुआ। इसी मामले में नेशनल रैली पार्टी पर भी 20 लाख यूरो का जुर्माना लगाया गया, जिसमें आधी राशि निलंबित है। 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में रनऑफ तक पहुंच चुकी मरीन ले पेन को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है।

गोल्डी बराड़ पर FBI ने कसा शिकंजा, 50,000 डॉलर का इनाम घोषित, लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप का बताया सरगना

जतिन शर्मी की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैर पसार चुके लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अमेरिका ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गैंग के मुख्य सदस्य सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी के लिए एक बड़ा दांव खेला है। FBI न

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लारेंस-गोल्डी गैंग पर FBI का पहली बार बड़ा एक्शन:अमेरिका-कनाडा समेत कई देशों में 50 जगह रेड, 24 अरेस्ट, ड्रग-आर्म्स बरामद

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पहली बार गैंगस्टर लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया पर बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त एक्शन के दौरान भारत से जुड़े गैंगस्टर्स के 24 साथियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची थी। दावा है कि आरोपियों में रोहित गोदारा और अन्य सहयोगियों के नाम भी शामिल है। आरोप पत्र में बताया गया कि लॉरेंस भारत में जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को चलाता है और उसके सहयोगी भारत अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में टारगेट किलिंग और ड्रग तस्करी को अंजाम देते हैं। यूएस फेडरल सरकार के अधिकारियों ने कहा कि वो जल्द ही भारतीय सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और एक्टिव पुलिस चीफ पुंदरप्रीत सिंह के औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग करेंगे। इसके अलावा एफबीआई ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। FBI ने और क्या खुलासे किए…. 50 जगह रेड, ड्रग्स-हथियार सीज अमेरिकी फेडरल अथॉरिटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम खुलासे किए। बताया कि वे इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के खिलाफ कई सालों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच कर रहे थे। इसके तहत उन्होंने कम से कम 2 दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां यूएस, कनाडा और यूरोप में हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ कम से कम 50 सर्च वारंट लागू किए गए थे, जिसके बाद हजार किलो नारकोटिक्स ड्रग्स और दर्जनों हथियार सीज किए गए हैं। गैंगस्टर लॉरेंस जेल से चला रहा गैंग यूएस फेडरल सरकार और लॉस एंजेल्स के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जनरल के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पूरे इंडियन बेस्ड क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन नेटवर्क को इंडिया की जेल में बैठा गैंगस्टर लॉरेंस हेड कर रहा है। नॉर्थ अमेरिका में इसके ऑपरेशन गोल्डी बराड़ लीड कर रहा था और यूरोप में सारा काम रोहित गोदारा द्वारा संभाला जा रहा था। माना जाता है कि इन तीनों गैंग लीडरों के बीच अब फूट पड़ गई है और ये एक-दूसरे के विरोधी बन चुके हैं, लेकिन यूएस अथॉरिटीज का कहना है कि ये तीनों अब तक मिलकर काम करते आए हैं।

बकरियां बचाने पर पंजाबी वकील पर अमेरिका में क्रिमिनल केस:कैलिफोर्निया में 2 को फार्म से निकाला, 6 साल सजा हो सकती; लाइसेंस पर भी खतरा

पंजाब के एक युवक पर कैलिफोर्निया में दो बकरियों की जान बचाने के मामले में क्रिमिनल केस दर्ज कर दिया गया। जल्द मामले में कोर्ट ट्रायल शुरू होने जा रहा है। आरोपी की पहचान तजिंदर उर्फ ताज उप्पल के रूप में हुई है, जो कैलिफोर्निया में वकील हैं और पशु अधिकारों से जुड़े अभियानों में एक्टिव रहते हैं। केस के बाद अब उनकी नौकरी और वकील के लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा रहा है। घटना 27 मई 2025 को स्ट्रैटफोर्ड इलाके की है। यहां वेरा गोट डेयरी से कुछ पशु-अधिकार कार्यकर्ताओं ने दो बकरी के बच्चों, फोबी और सीलिया को बाहर निकाला था। फार्म पर उनकी हालत ठीक नहीं थी। बाहर लाने के बाद डॉक्टरों ने जांच में उन्हें निमोनिया और आंखों की बीमारी से ग्रस्त पाया। इलाज के बाद दोनों बकरियां ठीक हो गईं, लेकिन इसके बाद बकरी फार्म चलाने वाली फर्म ने उप्पल सहित 4 लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस कर दिया। पढ़िए क्या है पूरा मामला… बकरियां चुराने, बिना परमिशन प्लाट में घुसने के आरोप पंजाबी मूल के ताज उप्पल सिख वकील और एक्टिविस्ट हैं। वह पशु अधिकारों को लेकर लंबे समय से सक्रिय हैं। किंग्स काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने इन पर ग्रैंड थेफ्ट ऑफ लाइवस्टॉक, साजिश और बिना अनुमति जमीन में घुसने जैसे आरोप लगाए हैं। 6 साल तक की सजा हो सकती पंजाबी समुदाय के लोगों का मानना है कि आरोप गंभीर हैं और अगर अदालत में ये साबित हो जाते हैं तो ताज उप्पल को करीब 6 साल तक की सजा हो सकती है। सभी आरोपियों ने कहा कि वे निर्दोष हैं और वे मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार हैं। बकरी फार्म ने इसे कानून के खिलाफ बताया केस करने वाले पक्ष ने कहा कि किसी प्राइवेट फार्म से जानवरों को बिना अनुमति ले जाना कानून के खिलाफ है। पुलिस और प्रशासन ने इस घटना को बचाव अभियान नहीं, बल्कि चोरी और साजिश से जुड़ा मामला माना है। यही वजह है कि अब यह केस सिर्फ दो बकरियों की कहानी नहीं रहा, बल्कि पशु अधिकार, बकरी फार्मिंग, प्राइवेट प्रापर्टी और नैतिक जिम्मेदारी के बीच टकराव बन गया है। उप्पल बोले- बकरियां मर रही थीं, बचाने गए ताज उप्पल की संस्था डायरेक्ट एक्शन एवरीवेयर का कहना है कि उन्होंने फार्म पर जानवरों की हालत बहुत खराब देखी थी। वहां हजारों बकरियों को बंद रखा गया था। कई जगह मृत जानवरों के ढेर दिखाई दिए। माएं और उनके बच्चे अलग-अलग रखे जा रहे थे। इसी वजह से कार्यकर्ताओं ने मजबूरी में कदम उठाया। उनका तर्क है कि जब प्रशासन या फार्म प्रबंधन ने हालात सुधारने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए, तब जानवरों को बचाना इंसानियत के दायरे में आने वाला काम था। राइट टू रेस्क्यू की बहस शुरू हुई यह मामला 27 मई 2025 की घटना से शुरू हुआ। 2026 में जांच के बाद पुलिस ने क्रिमिनल केस किया है और कोर्ट ट्रायल की तैयारी है। कोर्ट ट्रायल और केस होने से मामला एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर राइट टू रेस्क्यू की बहस शुरू हो गई है। कई लोग इसे इंसानियत की जीत बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे कानून तोड़ने वाला कदम बता रहे हैं। लोगों का मानना है कि ताज उप्पल और उनके साथियों का यह मामला इमोशनल के साथ कानूनी भी है। आने वाले दिनों में अदालत का फैसला इस पर बहस को और छेड़ेगा।