कानपुर से लखनऊ-प्रयागराज के लिए चलेंगी 15 नई ई-बसें, 15 अगस्त से शुरू होगी सेवा

Kanpur E-Bus: स्वतंत्रता दिवस पर कानपुर से लखनऊ और प्रयागराज जाने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। 15 अगस्त से दोनों रूटों पर 15 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। इनमें आठ ई-बसें कानपुर-लखनऊ और सात बसें कानपुर-प्रयागराज रूट पर संचालित होंगी। नई बसों के चलने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक परिवहन का विकल्प मिलेगा।

Kanpur News:4.92 करोड़ से बनेगा इंडोर मिनी स्टेडियम, खेल प्रतिभाओं को मिलेगी नई सुविधा

Kanpur Indoor Stadium:कानपुर के विद्यार्थियों और उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए अच्छी खबर है। राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) चुन्नीगंज परिसर में 4.92 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर मिनी स्टेडियम तैयार किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद विद्यार्थियों को स्कूल परिसर में ही बैडमिंटन, टेबल टेनिस समेत कई इंडोर खेलों के अभ्यास की सुविधा मिल सकेगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के साथ निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।

12 अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण का भारत पर प्रभाव और दान का महत्व

सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026

12 अगस्त 2026 को रात 9:04 बजे से 13 अगस्त की देर रात 1:28 बजे तक पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिस का समापन लगभग 4 बजे तक रहेगा, यह ग्रहण भारत में नहीं दृश्य होगा

इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और कोई धार्मिक प्रभाव नहीं पड़ेगा,
यह एक खगोलीय घटना है, इसलिए इसका पूर्ण प्रभाव देश दुनिया ,प्राकृतिक, सरकारी और न्यायिक व्यवस्था पर पड़ेगा


सूर्य आत्मा, सत्ता, शासन का प्रतिनिधित्व करता है

1- इस लिये न्यायिक व्यवस्था से लेकर शासन सत्ता प्रभावित रहेगी, शीर्ष पर बैठे लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा,
2- वही जलतत्व राशि कर्क में यह ग्रहण लगेगा जो प्राकृतिक आपदाओं खासकर जल संबंधी समस्याएं, भूकंप की संभावनाओं को बढ़ाएगा
क्योंकि आजाद भारत की कुंडली देखी जाए तो वृष लग्न और कर्क राशि विद्यमान है
कर्क में ही ग्रहण होने के कारण इसका सीधा प्रभाव भारत की व्यवस्थाओं, प्रकृति और आर्थिक पक्ष पर पड़ेगा
हालांकि मुख्य रूप से यह ग्रहण यूरोप (स्पेन, आइसलैंड, पुर्तगाल) और ग्रीनलैंड में दिखाई देगा

साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण बुद्ध के नक्षत्र अश्लेषा में घटित होगा इसलिए भारतीय बाजार और अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा


अचानक से बड़े बदलाव की संभावना भी बनती दिख रही है

ग्रहण के सकारात्मक परिणाम मुंह को ग्रहण करने के लिए 13 तारीख सुबह स्नान ध्यान के बाद दान अवश्य करें गेहूं गुड मिश्रित अनाज , का दान करना श्रेष्ठ है
वही 13 तारीख सूर्य दर्शन कर सूर्य मित्रों का जाप करना भी श्रेष्ठ रहेगा

गंगा उफान पर, बैराज से छोड़ा गया 2.61 लाख क्यूसेक पानी, चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ा जलस्तर

Ganga Water Level Rising: पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश और ऊपरी बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है।कानपुर बैराज से गंगा में 2,61,933 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे कानपुर और उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में गंगा किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

Kanpur News: दिन में किसान बन घूमते, रात में गायब करते मोटर-ट्रांसफार्मर, 5 शातिर गिरफ्तार

Kanpur Crime News: कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में किसानों के खेतों में लगे ट्यूबवेल, विद्युत मोटर और ट्रांसफार्मर को निशाना बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। गिरोह के सदस्य दिन में गांवों और हाईवे किनारे खेतों की रेकी करते थे। रात होते ही लोडर लेकर चिह्नित खेतों में पहुंचते और विद्युत मोटर के हेड व ट्रांसफार्मर के कीमती पार्ट्स खोलकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने गौरी अंडरपास के पास से गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल लोडर, मोटर हेड, ट्रांसफार्मर से निकाला गया कॉपर वायर समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।

Kanpur News: लाल निशान की ओर गंगा, अटल घाट कराया गया बंद, बाढ़ का खतरा बढ़ा

Kanpur Ganga Water Level: कानपुर में गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही बढ़ोतरी ने कानपुर और आसपास के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। सुबह बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, कानपुर गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.410 मीटर पहुंच गया, जो इस मानसून सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने अटल घाट को आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। घाट के मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया है।

Kanpur News: दूध में डिटर्जेंट, मसालों में मिलावट! घर बैठे ऐसे मिनटों में पकड़ें खाद्य पदार्थों का फर्जीवाड़ा

Food Adulteration: खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान के लिए हर बार प्रयोगशाला जांच कराना जरूरी नहीं है। कुछ खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच घर पर ही आसान तरीकों से की जा सकती है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल प्रयोगशाला का लाइव डेमो आयोजित किया गया। इसमें अधिकारियों ने लोगों को दूध, घी, मसाले, शहद, चायपत्ती और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की प्रारंभिक पहचान के तरीके बताए। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने खाद्य पदार्थों की शुद्धता और मिलावट के खिलाफ जागरूकता को जरूरी बताया। अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता खुद भी कुछ आसान घरेलू परीक्षणों के जरिए संदिग्ध खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच कर सकते हैं।

15 घंटे, एक कारोबारी और अनगिनत सवाल: आखिर हुआ क्या? हत्या, हादसा या साजिश? हर सुराग की परतें खंगाल रही पुलिस

Devesh Shukla Death Mystery: कानपुर चकरपुर मंडी से लापता हुए आलू कारोबारी देवेश शुक्ला की मौत अब कानपुर पुलिस के लिए सबसे जटिल मामलों में शामिल हो गई है। दो जुलाई को मंडी से निकलने के बाद तीन जुलाई को पनकी में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलने तक के करीब 15 घंटे अब भी रहस्य बने हुए हैं। यही वह समय है, जिसे जोड़ने में पुलिस की पांच टीमें लगातार जुटी हैं। सवाल कई हैं—देवेश इस दौरान कहां रहे, किन लोगों के संपर्क में आए, उनके माथे पर गंभीर चोट कैसे लगी और आखिर उनकी मौत हादसे का नतीजा थी या किसी साजिश का हिस्सा?

13 दिन में सवालों के घेरे में आया कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, सड़क धंसने के बाद सख्त हुआ NHAI; IIT खड़गपुर करेगी तकनीकी जांच

Kanpur Lucknow Expressway Toll Suspended: उद्घाटन के महज 13 दिनों के भीतर 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कई गंभीर तकनीकी खामियां सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली को अगले आदेश तक रोक दिया है। साथ ही ठेकेदार, स्वतंत्र इंजीनियर, संबंधित अधिकारियों और परियोजना से जुड़े अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ई-रिक्शा-ऑटो की बढ़ती फौज ने थाम दी कानपुर की रफ्तार, हर दिन जाम में कैद हो रही जिंदगी

Kanpur Traffic: कानपुर में पर्यावरण के अनुकूल और सस्ती यात्रा का विकल्प माने जाने वाले ई-रिक्शा और ऑटो अब कानपुर की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में शहर की सड़कों पर ई-रिक्शाओं और ऑटो की संख्या तेजी से बढ़ी है। नतीजा यह है कि प्रमुख चौराहों, बाजारों और व्यस्त मार्गों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। अवैध स्टैंड, सड़क किनारे मनमानी पार्किंग और यातायात नियमों की अनदेखी से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।