Share Bazaar में लगातार 5वें दिन तेजी, Sensex 77400 के पार, Nifty में भी जबरदस्त उछाल

Indian stock market maintained an upward trend for 5th consecutive trading session

Share Market Update News : मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

 

टेक्सटाइल सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी

मजबूत खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने शुरुआती दबाव को पछाड़ते हुए लगातार 5वें दिन बढ़त का सिलसिला कायम रखा। टेक्सटाइल सेक्टर में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। इसकी वजह भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA रहा, जो 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है।

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कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक (0.33 फीसदी) की शानदार बढ़त के साथ 77409.98 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 82.30 अंक (0.34 फीसदी) उछलकर 24168.00 के पार निकल गया, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

 

बैंकिंग शेयरों ने पूरे बाजार को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई, वहीं मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में मैक्स हेल्थकेयर, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और अडाणी एंटरप्राइजेज शामिल थे। मीडिया, फार्मा, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी में 0.5 फीसदी की बढ़त देखी गई।

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निवेशकों का भरोसा बढ़ा

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने घरेलू बाजार को एक बड़ा सपोर्ट दिया है। सस्ते कच्चे तेल और चुनिंदा खरीदारी के कारण घरेलू साइक्लिकल्स और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील माने जाने वाले सेक्टर्स में निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा।

 

इससे पहले यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी का रुख रहा। इस दौरान कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और पीएसयू बैंक के शेयरों के समर्थन से बीएसई के सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी में 0.40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में निफ्टी एक बार फिर 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा।

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कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 347.14 अंक यानी 0.45 प्रतिशत के उछाल के साथ 77155.62 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं एनएसई का निफ्टी 96.55 अंक यानी 0.4 प्रतिशत की मजबूती दर्ज करते हुए 24085.70 पर पहुंच गया।
Edited By : Chetan Gour

सपा के लिए सैफई ही घर-परिवार, मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर, 25 करोड़ लोग परिवार : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi inaugurated development projects in Unnao

– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में 570 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण/शिलान्यास

– उन्नाव भी बना स्टेट कैपिटल रीजन का अंग, लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्तावः मुख्यमंत्री योगी

– गरीबों के लिए नहीं, माफिया के मरने पर निकलते हैं सपा-कांग्रेस नेताओं के आंसू : मुख्यमंत्री योगी

– मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गत 12 वर्षों में देश में और 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने जो कार्य किया, वह कांग्रेस व सपा सरकारें नहीं कर सकीं, क्योंकि भ्रष्ट व क्षमता विहीन ये लोग गरीब के बारे में नहीं, केवल अपने परिवार के बारे में सोचते थे। कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर कभी नहीं सोचा और सपा के लिए केवल सैफई ही परिवार था जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारत को घर और 140 करोड़ लोगों को ही परिवार माना है। मेरे लिए उत्तर प्रदेश घर और 25 करोड़ लोग परिवार के सदस्य हैं। उनकी समृद्धि के लिए कार्य करना ही हमारा मिशन है।

 

मुख्यमंत्री गुरुवार को 570 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 101 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ग्राम पंचायत डीह, भवानी खेड़ा चौराहा, हिंदु खेड़ा उन्नाव में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को जानकारी दी कि वीर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृति में निर्मित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की क्षमता भी दोगुनी कर दी गई है।

 

खर-दूषण जैसे थे सपा के सत्तापोषित माफिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार के समय गरीब या अन्य राजनीतिक दल आवाज उठाते थे तो इनके गुंडे व माफिया उनकी आवाज दबाने के साथ ही व्यापारियों का अपहरण कर प्रदेश में अराजकता का तांडव करते थे। रामायण काल में खर-दूषण, मारीच व सुबाहु का आतंक ऐसा ही रहा होगा, जैसे सपा सरकार के समय सत्तापोषित माफिया का था।

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कांग्रेस व सपा के नेताओं को कभी गरीब के लिए आंसू बहाते नहीं देखा होगा। इनके आंसू माफिया के मरने पर बहते हैं। ये गरीबों के प्रति संवेदनहीन बन जाते हैं। सर्वाधिक समय तक शासन करने के बावजूद ये दोनों दल देश-प्रदेश को दुर्गति के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार हैं। 

 

अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा है उन्नाव 

मुख्यमंत्री ने उन्नाव को अध्यात्म, साहित्य व क्रांति की धरा बताया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय आध्यात्मिक स्थलों, साहित्यकारों, क्रांतिकारियों के प्रति श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधानसभा के पूर्व अध्य़क्ष हृदय नारायण दीक्षित के कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता पर संकट के समय गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए राजा रामबख्श सिंह, वीर गुलाब सिंह लोधी ने अपने बलिदान से ब्रिटिश हुकूमत की जड़ें उखाड़ दीं। 

 

उन्नाव को कभी पिछड़ने नहीं देंगे 

मुख्यमंत्री बोले,  स्वामी साक्षी महाराज जी कहते थे कि लखनऊ व कानपुर के बीच उन्नाव खुद को उपेक्षित महसूस करता है। तब मैंने कहा था कि विकास की हर योजना उन्नाव में भी आएगी। आज उन्नाव की कनेक्टिविटी हर तरफ से फोरलेन की हो गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए उन्नाववासी लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली, प्रयागराज जा सकते हैं। कानपुर के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है। उन्नाव व कानपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए गंगा नदी में अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी की गई।

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हम उन्नाव को पिछड़ने नहीं देंगे। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर व गंगा एक्सप्रेसवे पर इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण हो चुका है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए लगभग 700 एकड़ लैंड और लगभग 200 एकड़ लैंड इंडस्ट्री कलस्टर के लिए उन्नाव जनपद के लिए तैयार है। उद्योग लगने से स्थानीय नौजवानों को यहीं रोजगार प्राप्त होगा।

 

दुनिया के लिए प्रेरणा बना भारत का प्रबंधन 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दुनिया ऊर्जा, आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया के संकट के दौर से गुजर रही है, तब भी पीएम मोदी के नेतृत्व में जनता को राहत मिली और संकट से उबारा गया। भारत का प्रबंधन दुनिया के लिए प्रेरणा बना। अमेरिका महंगाई से त्रस्त है, लेकिन भारत ने उक्त संकटों का बखूबी सामना किया। भारत में सुरक्षा, आस्था का सम्मान व अर्थव्यवस्था को मजबूती से बढ़ाया जा रहा है। आतंकवादियों, उग्रवादियों व नक्सलवादियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देकर भारत की ताकत का अहसास कराया जा रहा है। 

 

गरीब, किसान, महिला व युवा को केंद्र में रखकर योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर में चार जातियां (गरीब, किसान, महिला, युवा) ही हैं। योजनाएं इन्हें केंद्र में रखकर ही बन रही हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत नारी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के कार्यक्रम हो रहे हैं। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए अब गरीब हाथ नहीं फैलाते, बल्कि अधिकारी घर जाकर बताते हैं कि आपका चयन हुआ है। पहले घूस देकर भी योजना का लाभ नहीं मिलता था, आज बिना सिफारिश रसोई गैस, राशन, पेंशन, आयुष्मान आदि सुविधाएं मिल रही हैं। 

 

विपक्षियों के दोहरे चरित्र को देख आती है हंसी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है। प्रदेश को पहचान का संकट देने वाले, माफियाराज, दंगा-कर्फ्यू ग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं। इनमें तनिक भी लज्जा हो तो अपने कार्यकाल को देख लें। जिन दलों ने युवाओं के रोजगार/नौकरियों, स्वाभिमान से खिलवाड़ किया,  यूपी का युवा इन भ्रष्टाचारियों को स्वीकार नहीं करेगा। युवा 2014 से इनसे अपमान का बदला ले रहा है।

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स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वाले बर्दाश्त नहीं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसान को फसल का दाम और बिजली नहीं मिलती थी। ट्यूबवेल चोरी होते थे, आत्महत्या के लिए मजबूर किया जाता था। गन्ने का दाम, समय पर बीज-उर्वरक, कुछ नहीं मिलता था, इसलिए किसान भी इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगा। मां जगतजननी की प्रतीक नारी शक्ति खर-दूषण व चंड-मुंड से निपटना जानती है। सपा के नाम पर ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ की चर्चा होती है। नया भारत व नया उत्तर प्रदेश सम्मान, स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को बख्शता नहीं है।

 

यूपी पर बरसता है प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में प्रभु श्रीराम, बांके बिहारी, बाबा विश्वनाथ, मां गंगा का आशीर्वाद बरसता है, यहां पैसे की कमी नहीं है। अब कोई उपद्रव नहीं करता है। हर त्योहार अब गरीबों के लिए भी खुशहाली लाते हैं। गरीब इन त्योहारों पर अच्छे कपड़े पहनकर परिवार के साथ उत्साहित होते हैं। 

 

उन्नाव भी बना एससीआर का अंग 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्नाव भी स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) का अंग बना है। अमर नायक वीर गुलाब सिंह लोधी देश को आजाद कराने के लिए कभी उन्नाव से हजरतगंज, लखनऊ तक पहुंचे थे। अब विकास लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाएगा। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ तक पहुंची है। ऐसे ही लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। चारों ओर रिंग रोड बनेगी।

लखनऊ, हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली जनपद आपस में जुड़ेंगे, विकास में सबकी बराबर की सहभागिता होगी। हमारे पास ऊर्जावान युवा, मेहनती किसान, आधी आबादी की ताकत, मां गंगा का आशीर्वाद है। अब यह जनपद भी विकसित उन्नाव के रूप में प्रस्तुत होगा। अलग-अलग जनपदों में इंडस्ट्रियल कलस्टर विकसित किए जा रहे हैं। विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी चल रही है। सरकार 100 वर्ष की कार्ययोजना को लेकर कार्य कर रही है। 

 

एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में यूपी सबसे आगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे बड़े गंगा एक्सप्रेसवे पर कोई चलेगा तो उसे पता लग जाएगा कि ग्लोबल स्टैंडर्ड कैसे लागू किए जाते हैं। इस एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी वही है, जो दुनिया में सबसे अच्छी सड़क की है। हमने इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री जी को उन्नाव व हरदोई के बीच में आमंत्रित किया। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में यूपी सबसे आगे है। 

 

इस अवसर पर सांसद साक्षी महाराज, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, विधायक पंकज गुप्ता, अनिल सिंह, आशुतोष शुक्ल, बंबालाल दिवाकर, श्रीकांत कटियार, ब्रजेश रावत, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी आदि मौजूद रहे।
Edited By : Chetan Gour

राहुल गांधी के साथ कोटा में खड़ा हुआ Gen-Z, NEET पेपर लीक और देश के एजुकेशन सिस्‍टम का किया पोस्‍टमार्टम

Gen Z  and Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने राजस्‍थान के कोटा में जब स्‍टेज पर एंट्री ली तो जो माहौल था वो किसी इंटरनेशनल पॉप सिंगर के कंसर्ट जैसा लग रहा था। लाइट्स, कैमरा, मोबाइल के फ्लैशेस और लाखों स्‍टूडेंट की भीड़ और उनका शोर। स्‍टूडेंट जिन्‍हें आजकल जेन-जी कहा जाता है। कोटा में नीट और यूपीएससी की तैयारी कर रहे जेन-जी राहुल को सुनने के लिए बेताब थे। यह शोर बता रहा था कि वे देश के एजुकेशन सिस्‍टम में बदलाव की जरूरत है।

हाफ स्‍लीव शर्ट और पतलून में राहुल गांधी ने स्‍टेज पर आते ही यह साफ कर दिया कि यह कोई राजनीतिक रेली नहीं है। यह आपके लिए हैं, यह उन नौजवानों को लिए है जो अपने भविष्‍य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्‍होंने कहा— आज की शाम मेरे मुंह से बीजेपी, कांग्रेस और राजनीति जैसा एक भी शब्‍द नहीं निकलेगा। उन्‍होंने कहा कि मैं कश्‍मीर से लेकर कन्‍याकुमारी तक यात्राएं करता हुआ लगातार हमारे एजुकेशन सिस्‍टम के बारे में सोच रहा हूं, स्‍टूडेंट से बात कर रहा हूं। हमारा सिस्‍टम छात्रों के साथ न्‍याय नहीं करता।

हमारे सिस्‍टम की गलती है : इसके बाद उन्‍होंने एक नीट छात्रा स्‍नेहा का सुसाइड नोट दिखाया, कहा कि स्‍नेहा डॉक्‍टर बनना चाहती थी, इनके पिता पैरेलाइज्‍ड हैं, कर्ज लिया था। लेकिन नीट पेपर लीक हो गया और उसने आत्‍महत्‍या कर ली। उन्‍होंने कहा कि स्‍नेहा की गलती नहीं थी, उसके पिता की गलती नहीं थी, आपकी नहीं थी। यह हमारे एजुकेशन सिस्‍टम की गलती है। मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर काम करे। हम देखें कि हमारे सिस्‍टम में कहां गलती है और उसे सुधारे मिलकर। यह रेली सिर्फ इस बारे में है।

राहुल के साथ छात्रों की गूंज : राहुल गांधी ने देश के एजुकेशन सिस्‍टम के खिलाफ कोटा में आवाज उठाई और स्‍टूडेंट के साथ ही उनके परिजनों से बात कर के इसकी खामियां गिनाई और बताया कि कहां सुधार की जरूरत है। आम आदमी अपने बच्‍चों के लिए कर्ज लेकर डॉक्‍टर बनाने के लिए नीट एक्‍जाम में शामिल करता है और एक पेपर लीक उनके पूरे भविष्‍य और परिवार को बर्बाद कर देता है। इस पूरे अभियान में कोटा में नीट, यूपीएससी और अन्‍य परीक्षाओं की तैयारी करने वाले स्‍टूडेंट ने राहुल के साथ अपनी आवाज मिलाई।

कोटा जाने से पहले क्‍या लिखा राहुल ने : बता दें कि राजस्थान के कोटा रवाना होने से पहले राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि कोटा के लिए निकल चुका हूं पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं उमेश और रिया। सीकर में उमेश और देहरादून में रिया दोनों ने दोबारा नीट की परीक्षा के दबाव में अपनी जिंदगी खत्म कर ली। उन्होंने आगे कहा कि 22 और 23 साल के बच्चे, जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।

5 साल में कितनी आत्‍महत्‍याएं : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2021 से लेकर वर्ष 2026 के बीच NEET से जुड़े कम से कम 93 छात्र आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में ऐसे मामलों की संख्या सबसे ज्यादा रही, जब कम से कम 32 छात्रों ने अपनी जान गंवाई। साल 2026 में अब तक 14 मामले सामने आने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 5 मामले 12 मई 2026 को परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद दर्ज किए गए। हालांकि ये आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं।

कहां-कहां हुई आत्‍महत्‍याएं : रिपोर्ट्स के अनुसार NEET 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देश के अलग-अलग राज्यों से कई छात्रों की मौत के मामले सामने आए। 14 मई को गोवा, 15 मई को उत्तर प्रदेश और दिल्ली, 16 मई को राजस्थान तथा 24 मई को कर्नाटक से ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए। इसके बाद जून में भी कई घटनाएं सामने आईं। 4 जून को राजस्थान के दौसा निवासी अजीत मीणा की मौत की खबर आई। 13 जून को दिल्ली के पालम इलाके में रहने वाली 17 वर्षीय रेनू की मौत का मामला सामने आया था। 15 जून को राजस्थान के सीकर और 16 जून को उत्तराखंड के देहरादून से भी NEET अभ्यर्थियों की मौत की खबर सामने आई हैं।

हर साल 24 लाख बच्‍चे देते हैं नीट : नीट (NEET UG) परीक्षा में हर साल लगभग 22 लाख से 24 लाख के बीच छात्र बैठते हैं। उदाहरण के लिए, परीक्षा के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कुल 22,79,743 छात्रों ने पंजीकरण कराया था और 22 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए थे।

कितनी खर्च होता है नीट की तैयारी में : नीट (NEET) की 1 साल की फीस आपके द्वारा चुने गए माध्यम (ऑनलाइन/ऑफलाइन कोचिंग) और संस्थान पर निर्भर करती है। आमतौर पर 1 साल के कोर्स की फीस 50,000 से 2,50,000 के बीच होती है।

ऑनलाइन कोचिंग: यह सबसे सस्ता विकल्प है, जिसकी फीस करीब 4,000 से 1,00,000 प्रति वर्ष तक होती है।
ऑफलाइन कोचिंग (रेगुलर): किसी सामान्य कोचिंग सेंटर या ब्रांच में पढ़ने का खर्च 50,000 से 1,50,000 तक होता है।
प्रमुख कोचिंग संस्थान (जैसे कोटा या आकाश): बड़े संस्थानों में फीस 1,00,000 से 2,50,000 के बीच हो सकती है (हॉस्टल का खर्च अलग से)।

सरकार के लिए बड़ा वेक-अप कॉल : कोटा में राहुल गांधी और 'जेन-जी' (Gen-Z) का यह साथ सिर्फ एक राजनीतिक संवाद नहीं, बल्कि देश की जर्जर होती शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ युवाओं का एक कड़ा आक्रोश है। नीट (NEET) पेपर लीक जैसी घटनाओं ने आज की पीढ़ी के भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। युवाओं ने नेताओं के साथ मिलकर जिस तरह शिक्षा तंत्र की कमियों का 'पोस्टमार्टम' किया है, उसने यह साफ कर दिया है कि अब देश का युवा चुप बैठने वाला नहीं है। सरकार और प्रशासन के लिए यह एक बड़ा वेक-अप कॉल है—अगर समय रहते इस पूरे सिस्टम को पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया गया, तो देश के भविष्य (युवाओं) का यह असंतोष एक बड़े आंदोलन की शक्ल ले सकता है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

जामुन की बंपर पैदावार, सूखे का भय, क्या यह है प्रकृति की चेतावनी, आखिर क्या है सुसाइड फ्रूटिंग या बंपर क्रॉप

मालवा में इस साल जामुन के पेड़ों पर रिकॉर्ड संख्या में फल देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों में उन्होंने जामुनों की इतनी अधिक पैदावार नहीं देखी। जिन पेड़ों पर पिछले साल बहुत कम फल आए थे, वे भी इस बार जामुनों से लदे नजर आ रहे हैं।

 

इस असामान्य स्थिति ने लोगों के बीच एक पुरानी मान्यता को फिर चर्चा में ला दिया है। बुजुर्गों का मानना है कि जिस वर्ष जामुन के पेड़ों पर अत्यधिक फल लगते हैं, उस वर्ष सूखे या कड़ी गर्मी की संभावना बढ़ जाती है। दिलचस्प बात यह है कि इस पारंपरिक मान्यता को वैज्ञानिक आधार भी मिलता है।

 

एक्सपर्ट्‍स के अनुसार इस प्रक्रिया को 'मास्टिंग' (Masting) या स्ट्रेस फ्रूटिंग” (Stress Fruiting) कहा जाता है। जब किसी पेड़ को मिट्टी में नमी की कमी, भूजल स्तर में गिरावट या मौसम में बड़े बदलावों का आभास होता है, तब वह अपनी अधिकांश ऊर्जा नए पत्तों और शाखाओं के विकास के बजाय अधिक से अधिक फल और बीज पैदा करने में लगा देता है।

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वनस्पति विज्ञान के अनुसार यह पेड़ों की एक प्राकृतिक रणनीति होती है, जिसके जरिए वे अपनी अगली पीढ़ी को सुरक्षित रखने का प्रयास करते हैं। यदि पेड़ को लगता है कि भविष्य में उसके अस्तित्व पर खतरा हो सकता है, तो वह अधिक बीज उत्पन्न करके अपनी प्रजाति को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है।

 

जामुन के पेड़ों की जड़ें काफी गहराई तक जाती हैं और वे भूजल स्तर में होने वाले बदलावों को जल्दी महसूस कर सकती हैं। जब जमीन के भीतर पानी का स्तर सामान्य से अधिक नीचे चला जाता है, तब पेड़ पर तनाव बढ़ता है और वह असाधारण मात्रा में फल देने लगता है। यही कारण है कि कई वैज्ञानिक इसे संभावित सूखे या लंबे शुष्क मौसम का शुरुआती संकेत भी मानते हैं।

 

हालांकि केवल जामुन की अधिक पैदावार को सूखे की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता, लेकिन यह प्रकृति द्वारा दिए जाने वाले उन संकेतों में से एक है, जिन पर पर्यावरण वैज्ञानिक और मौसम विशेषज्ञ नजर रखते हैं।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इस प्राकृतिक संकेत को समझते हुए जल संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। जामुन की भरपूर फसल जहां प्रकृति का अनोखा उपहार है, वहीं यह पर्यावरणीय बदलावों की ओर इशारा करने वाला महत्वपूर्ण संकेत भी हो सकता है। Edited by : Sudhir Sharma

Instagram पर 4.8 लाख फॉलोअर्स: ‘Peace Dog’ आलोका की एक झलक पाने उमड़ी भीड़

गुरुग्राम के एक लग्जरी होटल में मंगलवार शाम कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। यहां ना कोई बॉलीवुड स्टार था, ना कोई क्रिकेटर, लेकिन फिर भी लोगों की लंबी लाइनें लगी थीं। हर कोई बस एक झलक पाना चाहता था ‘आलोका’ की — उस इंडी स्ट्रीट डॉग की, जिसने अपनी मासूमियत और सफर से दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया है।

 

कभी कोलकाता की गलियों में बेसहारा घूमने वाला यह डॉग आज “पीस डॉग” (Peace Dog) के नाम से जाना जाता है। लोग उसके साथ सेल्फी ले रहे थे, उसे गले लगा रहे थे, और उसके पंजों के निशान को ऑटोग्राफ की तरह संभालकर रख रहे थे। सोशल मीडिया पर आलोका की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Instagram पर उसके करीब 4.8 लाख Followers हैं।

aloka the peace dog

 

100 दिनों की यात्रा ने बदल दी जिंदगी

 

आलोका की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। साल 2022 में बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह भारत और नेपाल की शांति यात्रा पर निकला था। उसी दौरान कोलकाता की सड़कों पर रहने वाला एक आवारा कुत्ता उनके पीछे-पीछे चलने लगा। शुरुआत में किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन धीरे-धीरे वह यात्रा का हिस्सा बन गया।

 

बताया जाता है कि आलोका करीब 100 दिनों तक भिक्षुओं के साथ जंगलों, गांवों और लंबी सड़कों पर चलता रहा। इस दौरान एक सड़क हादसे में वह घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होते ही फिर उसी यात्रा में लौट आया। उसकी निष्ठा, शांत स्वभाव और साथ निभाने की भावना ने भिक्षुओं को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने उसे गोद ले लिया।

aloka the peace dog

 

उसे नया नाम मिला — ‘आलोका’, जिसका पाली भाषा में अर्थ होता है “प्रकाश” या “रोशनी”। और सच में, यह डॉग आज लाखों लोगों के लिए उम्मीद और दया की रोशनी बन चुका है।

 

अमेरिका से श्रीलंका तक… हजारों किलोमीटर का सफर

 

भारत से शुरू हुई आलोका की यात्रा जल्द ही दुनिया तक पहुंच गई। बौद्ध भिक्षु उसे अपने साथ अमेरिका ले गए, जहां उसने “वॉक फॉर पीस” (Walk for Peace) अभियान में हिस्सा लिया। टेक्सास से शुरू हुई इस यात्रा में आलोका ने करीब 3700 किलोमीटर पैदल चलकर सबको चौंका दिया।

 

अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए यह इंडी डॉग शांति और करुणा का संदेश देता रहा। इसके अलावा वह श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देशों की यात्राओं का भी हिस्सा बना। जहां भी वह पहुंचा, लोगों ने उसे सिर्फ एक डॉग नहीं बल्कि प्रेम, वफादारी और इंसानियत की मिसाल के तौर पर देखा।

aloka the peace dog

 

उसके माथे पर बना दिल जैसा निशान भी लोगों को बेहद खास लगता है। कई लोग इसे “पीस मार्क” तक कहने लगे हैं।

 

 गुरुग्राम में उमड़ा प्यार, मेनका गांधी से भी मुलाकात

 

हाल ही में आलोका भारत लौटा और दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी मिला। इसके बाद गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में उसके लिए खास कार्यक्रम रखा गया, जहां पशु प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

 

कार्यक्रम का मकसद सिर्फ आलोका से लोगों को मिलवाना नहीं था, बल्कि बेसहारा जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना भी था। बौद्ध भिक्षु पन्नाकारा ने लोगों से कहा कि शांति की शुरुआत इंसान के दिल से होती है और जानवरों के प्रति दया ही असली मानवता है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आलोका बेहद शांत अंदाज में लोगों के बीच बैठा नजर आया। कोई उसके सिर पर प्यार से हाथ फेर रहा था तो कोई उसके सामने हाथ जोड़कर बैठा था।

 

आलोका सिर्फ एक डॉग नहीं, एक संदेश है

 

आलोका की कहानी इस बात का सबूत है कि प्यार और अपनापन किसी की भी जिंदगी बदल सकता है। जो डॉग कभी सड़कों पर अनजान और बेसहारा था, वही आज दुनिया भर में लोगों को compassion, kindness और peace का संदेश दे रहा है।

 

उसकी यात्रा सिर्फ एक जानवर की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत को आईना दिखाने वाली मिसाल है। शायद इसी वजह से लोग कहते हैं — “हर स्ट्रीट डॉग को बस एक मौका और थोड़ा प्यार चाहिए।”

 

आलोका आज सिर्फ एक डॉग नहीं, बल्कि उम्मीद का चेहरा बन चुका है।

एआई से बनी फर्जी तस्वीरों पर भड़कीं प्रीति जिंटा

डिजिटल दुनिया के बढ़ते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के गलत इस्तेमाल के मुद्दे को लेकर अब अभिनेत्री प्रीति जिंटा बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंची हैं। उन्होंने मेटा और गूगल जैसी बड़ी ऑनलाइन कंपनियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनकी अनुमति के बिना एआई की मदद से उनकी नकली तस्वीरें और कंटेंट बनाए गए और उन्हें इंटरनेट पर फैलाया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। 

प्रीति जिंटा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया है, जिससे उनकी पर्सनैलिटी राइट्स के अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एआई से बना कंटेंट बड़े स्तर पर फैलाया गया, जिसे लोग असली मान सकते हैं और इससे गलतफहमी पैदा होती है।

अभिनेत्री ने कहा कि कॉपीराइट कानून 1957 के तहत उनके नैतिक अधिकारों का भी उल्लंघन हुआ है। उनकी छवि और पहचान का उपयोग बिना अनुमति के किया गया, जो कानूनन गलत है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस अभय आहूजा की बेंच ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए उन्हें आगे मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है।

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अदालत ने कहा की कि इस मामले में शामिल ऑनलाइन कंपनियों के ऑफिस कई अलग-अलग शहरों और देशों में मौजूद हैं। इसलिए मामले का कुछ हिस्सा अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर भी जा सकता है। लेकिन फिर भी कोर्ट इसे सुनकर पूरा फैसला करेगा।

पिछले कुछ सालों में एआई तकनीक के बढ़ने के साथ ही ऐसे मामलों में काफी तेजी आई है, जहां सेलेब्रिटीज की फर्जी तस्वीरें, वीडियो और आवाजों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस तरह के मामलों में कई बड़े बॉलीवुड सितारे पहले भी अदालत का रुख कर चुके हैं। इनमें अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, अर्जुन कपूर, वरुण धवन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, आर. माधवन, ऋतिक रोशन और विवेक ओबेरॉय शामिल हैं। इन सभी मामलों में अदालतों ने उनकी पहचान और छवि की सुरक्षा को मान्यता दी और उन्हें कानूनी संरक्षण दिया।

Pic Credit : ANI

फीफा वर्ल्ड कप: इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया

इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज जीत के साथ किया है। डलास स्टेडियम में हुए ग्रुप एल के मुकाबले में इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्रोएशिया को 4-2 से हराया। 

इंग्लैंड की ओर से कप्तान हैरी केन ने दो गोल दागे, जबकि जूड बेलिंगहैम और सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने एक गोल किया। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। क्रोएशिया ने शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही मुकाबले पर पकड़ बना ली।

12वें मिनट में इंग्लैंड के हाथ पेनल्टी लगी। पेनल्टी पर हैरी केन का पहला प्रयास गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा कराई गई। दूसरे प्रयास में केन ने कोई गलती नहीं की और टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, क्रोएशिया ने मैच में जल्द ही वापसी की। मार्टिन बटुरिना ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने एक बार फिर बढ़त हासिल की। कॉर्नर किक पर हैरी केन ने बेहतरीन हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल किया और इंग्लैंड को 2-1 से आगे कर दिया।

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पहले हाफ के अंत में क्रोएशिया ने स्कोर को फिर से बराबर कर दिया। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक को कुछ जगह मिली और उन्होंने मूसा को पास दिया, जिन्होंने गेंद को गोल पोस्ट में डालकर ब्रेक तक स्कोर 2-2 कर दिया। दूसरे हाफ में इंग्लैंड अलग ही अंदाज में मैदान पर उतरा। खेल शुरू होने के केवल दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास करते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने दाईं ओर से बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक शॉट लगाकर इंग्लैंड को मुकाबले में 3-2 की बढ़त दिला दी।

इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण जारी रखा। बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और निको ओ’रेली ने कई मौके बनाए, लेकिन क्रोएशियाई गोलकीपर लिवाकोविक ने कुछ बेहतरीन बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी ओर, क्रोएशिया ने भी जवाबी हमले किए और मार्को पासालिक का एक जबरदस्त शॉट इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने शानदार तरीके से रोक दिया।

मैच के अंतिम पलों में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मार्कस रैशफोर्ड ने गोल करते हुए इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उन्होंने डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को इंग्लैंड की ओर से चौथा गोल किया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल में तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए और अपने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की। कप्तान हैरी केन ने दो गोल कर एक और रिकॉर्ड बनाया। वह अब वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा पेनल्टी गोल (शूटआउट को छोड़कर) करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, जूड बेलिंगहैम ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

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अयोध्या राम मंदिर दान चोरी कांड, अब सर्विलांस स्टाफ रडार पर! RMO की भी खुलेगी कुंडली

Ram Mandir Donation Theft:

Ram Mandir Donation Theft: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में में मचे महा-हड़कंप के बीच अब तक का सबसे बड़ा प्रशासनिक 'सर्जिकल स्ट्राइक' होने जा रहा है। आस्था के केंद्र राम मंदिर में हुए 'चढ़ावा चोरी प्रकरण' के बाद अब सरकार एक्शन मोड में है और वित्तीय पारदर्शिता के लिए सीधे मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी कर ली गई है। लेकिन असली विस्फोट तो SIT की जांच में हुआ है।

 

19 घंटे के महामंथन के बाद जांच की आंच अब दानपात्र से निकलकर CCTV सर्विलांस विंग, गेट चेकिंग और हवाई यात्राएं करने वाले रसूखदार पुजारियों तक पहुंच चुकी है। इस बीच, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके प्रोटोकॉल से ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय को दूर रखा गया है।   

17 साल से नो ट्रांसफर! कैमरों का वो 'जादुई रिमोट' और RMO का रहस्य

जांच की परतें जैसे ही खुलीं, एक ऐसा चौंकाने वाला नाम सामने आया जिसने SIT के भी होश उड़ा दिए। यह नाम है रेडियो मेंटिनेंस ऑफिसर (RMO) का, जो पिछले 17 सालों से बिना किसी ट्रांसफर के राम मंदिर परिसर में अंगद की तरह पैर जमाए बैठा है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला, आस्था के केंद्र पर 'चंदा चोरी' का साया, SIT जांच से मचा हड़कंप

 

CCTV का रिमोट कंट्रोल : मंदिर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने वाले सीसीटीवी कैमरों का पूरा कंट्रोल इसी अधिकारी के पास था। कैमरा कब बंद हुआ, कब चालू, किसका फुटेज गायब हुआ—सब इसके इशारे पर होता था।

 

चंपत राय से सीधा कनेक्शन : सूत्रों के मुताबिक, आरोपी टिन्नू यादव का बेहद करीबी यह अफसर सीधे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को रिपोर्ट करता था और इसके लिए परिसर में एक स्पेशल रूम भी अलॉट था। इस बीच, खबर है कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या दौरे के समय चंपत राय उनके प्रोटोकॉल में नहीं रहेंगे।  ALSO READ: अयोध्या में रामलला को चढ़ाया सबसे महंगा आम, कीमत जानकर चौंक जाएंगे

 

संपत्ति की जांच शुरू : अब SIT ने इस 'रहस्यमयी' RMO की चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा तलब कर लिया है।

रडार पर 'हाई-फाई' पुजारी

चोरी के इस महा-जाल की आंच अब मंदिर के गर्भगृह और पुजारियों तक भी पहुंच गई है। सवाल उठ रहे हैं कि राम मंदिर के कुछ पुजारियों के पास अचानक इतना धन कहां से आ गया कि वे कई राज्यों की हवाई यात्राएं (Flight Travels) कर रहे हैं? क्या राम मंदिर के पुजारी होने का कोई अनुचित लाभ उठाया जा रहा है? SIT अब इन पुजारियों की भी कुंडली खंगालने की तैयारी में है।

19 घंटे का 'लाइव री-क्रिएशन' और रसूखदारों पर कसता शिकंजा

SIT की टीम ने लगातार दो दिनों तक कुल 19 घंटे तक राम मंदिर परिसर में डेरा डाले रखा। दानपात्र से पैसे निकालने से लेकर, गड्डियां बनाने और कैश काउंटिंग की पूरी प्रक्रिया का लाइव निरीक्षण किया गया। इस चक्रव्यूह में अब कई बड़े नाम फंसने वाले हैं। 5 साल से जमे राम मंदिर चौकी प्रभारी की खुफिया जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जिसकी मर्जी के बिना मंदिर का एक भी वीआईपी पास नहीं बन सकता था, वो मुख्य कर्मचारी भी अब रडार पर है।

 

मुख्य आरोपी टिन्नू यादव भले ही खुद को बेकसूर बता रहा हो, लेकिन 19 घंटे के इस महा-मंथन ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक चोरी नहीं, बल्कि एक गहरा सिंडिकेट है। बहुत जल्द अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कई बड़े चेहरों से नकाब उतरने वाला है और एक बड़ा प्रशासनिक 'क्लीन-अप' देखने को मिलेगा!
Edited by: Vrijendra Singh Jhala 

हिमाचल के चंबा में खाई में गिरी कार, 7 की मौत

accident in chamba

Himachal Pradesh Accident News : हिमाचल प्रदेश के चंबा में बुधवार रात हुए एक दिल दहला देने वाले हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। मरने वालों में सभी लोग महल गांव के बताए जा रहे हैं। ALSO READ: दुर्लभ बीमारी से जूझ रही कनिका का अब होगा इलाज, 9 करोड़ का इंजेक्‍शन लगेगा, जमा हुए 8 करोड़ 23 लाख

 

बताया जा रहा है कि चंबा मसरूड़ मार्ग पर यह हादसा उस समय हुआ जब बोलेरो में सवार सभी लोग काकड़ोथा गांव में मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे। कार में सवार सभी लोगों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में 4 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल है। मृतकों में 3 सगे भाई भी है।

 

गाड़ी खाई में गिरते ही उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद लोगों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। अंधेरे की वजह से राहत और बचाव कार्यों में काफी मुश्किलें आई। ALSO READ: डॉक्‍टरों को मुफ्त गोवा-थाईलैंड ट्रिप, हजारों की शराब पार्टीज, मरीजों की जेब पर पल रहा है 'प्रोपेगेंडा मेडिसिन माफिया'

 

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को खाई से निकाला। मृतकों की पहचान की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की आगे जांच चल रही है।

edited by : Nrapendra Gupta 

ज्वेलरी पार्क प्रेजेंटेशन में गूंजा मेरठ का नाम, देश के प्रमुख कारोबार के रूप में मिलेगा मंच

Meerut’s name resonated during jewellery park presentation

Jewellery Park : मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन द्वारा मंगलवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हॉल में प्रस्तावित ज्वेलरी पार्क एवं फ्लैटेड फैक्टरी परियोजना का भव्य प्रेजेंटेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रस्तुत नक्शे और परियोजना की विस्तृत योजना को उपस्थित अतिथियों एवं व्यापारियों ने सराहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान मेरठ को देश के प्रमुख ज्वेलरी हब के रूप में विकसित करने की कर समृद्धि के द्वार खोलने की चर्चा की केंद्र रहा।

 

ज्वेलरी कारोबार को मिलेगा आधुनिक मंच

प्रेजेंटेशन में स्काईलाइन आर्किटेक्ट्स ने बताया कि प्रस्तावित वेदव्यासपुरी ज्वेलरी पार्क मेरठ के स्वर्ण, रजत एवं रत्न कारोबार को समर्पित एक अत्याधुनिक परियोजना होगी। इसका उद्देश्य कारीगरों, निर्माताओं, थोक व्यापारियों, खरीदारों एवं बड़े शोरूम संचालकों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ना है।

 

परियोजना में छोटे कारीगरों से लेकर बड़े व्यापारियों तक सभी के लिए अलग-अलग श्रेणी की यूनिट्स का प्रावधान किया गया है। भवन का बाहरी स्वरूप ज्वेलरी डिजाइन से प्रेरित होगा, जिसमें आधुनिक वास्तुकला के साथ कलात्मक नक्काशी और ग्लास फसाड का उपयोग किया जाएगा।

 

मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

प्रस्तावित परिसर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), कॉन्फ्रेंस हॉल, ज्वेलरी म्यूजियम, बैंक, एनबीएफसी कार्यालय, बुलियन ट्रेडिंग डेस्क, कैफेटेरिया एवं रूफटॉप रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सुरक्षा व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

Meerut’s name resonated during jewellery park presentation

आम नागरिकों, व्यापारियों, कारीगरों एवं कीमती धातुओं के आवागमन के लिए अलग-अलग मार्ग और सुरक्षा प्रोटोकॉल निर्धारित किए जाएंगे। परिसर में अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली, प्रवेश नियंत्रण व्यवस्था और सुरक्षित लॉजिस्टिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

 

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

परियोजना को GRIHA 5-स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। इसके तहत सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा दक्ष ग्लास, जल संरक्षण प्रणाली, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण तथा जीरो-वेस्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जाएंगी।

 

प्रस्तुति में बताया गया कि जिस प्रकार बेल्जियम हीरा व्यापार और दुबई स्वर्ण कारोबार के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, उसी प्रकार यह परियोजना मेरठ को ज्वेलरी उद्योग के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

अधिकारियों ने दिया सहयोग का भरोसा

एमडीए सचिव अर्पित गुप्ता ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली परियोजना होगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 

उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय ने आश्वासन दिया कि परियोजना को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सर्राफा व्यापारियों एवं आभूषण निर्माताओं को अधिकतम लाभ मिल सके।

GJEPC के रीजनल डायरेक्टर आशुतोष श्रीवास्तव ने भी केंद्र सरकार स्तर पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि प्रस्तुत डिजाइन अद्वितीय है और इसे गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ समयबद्ध रूप से पूरा किया जाना चाहिए।

 

व्यापारियों की जिज्ञासाओं का समाधान

प्रेजेंटेशन के बाद व्यापारियों ने परियोजना से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। नरेश माहेश्वरी ने शहर के सर्राफा बाजार के विकास को लेकर सवाल उठाया, जिस पर एमडीए सचिव ने स्वयं बाजार का निरीक्षण करने की बात कही।

 

आनंद प्रकाश द्वारा फायर सेफ्टी, मेंटेनेंस और भविष्य के मानकों को लेकर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए चीफ आर्किटेक्ट सिकंदर मसूद ने बताया कि परिसर में विश्वस्तरीय अग्निशमन उपकरण लगाए जाएंगे तथा सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन किया जाएगा।

 

उन्होंने बताया कि भवन का रखरखाव एक पेशेवर निजी एजेंसी द्वारा किया जाएगा। ज्वेलरी निर्माण के दौरान एकत्रित होने वाली धूल तथा एसटीपी से होने वाली आय का उपयोग भी मेंटेनेंस खर्च में किया जा सकेगा।

 

शम्मी सपरा के मूल्य संबंधी प्रश्न पर बताया गया कि परियोजना में यूनिट्स की कीमत लगभग 5000 रुपए प्रति वर्ग फुट से 20000 रुपए प्रति वर्ग फुट तक प्रस्तावित है, ताकि कारीगरों और मध्यम वर्गीय व्यापारियों को भी अवसर मिल सके।

 

कारीगरों के आवास संबंधी प्रश्न पर अर्पित गुप्ता ने बताया कि परियोजना के निकट एमआईजी आवास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

 

तालियों की गूंज के साथ हुआ समापन

प्रेजेंटेशन के अंत में पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उपस्थित व्यापारियों और अतिथियों ने विश्वास जताया कि यह परियोजना मेरठ को ज्वेलरी उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन के महामंत्री विजयआनन्द अग्रवाल ने किया।

इस अवसर पर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) के सचिव अर्पित गुप्ता, उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय, राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, स्काईलाइन आर्किटेक्ट्स के चीफ आर्किटेक्ट सिकंदर मसूद तथा जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के रीजनल डायरेक्टर (नॉर्थ) आशुतोष श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

 

इसके अलावा मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के संरक्षक रवि प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज गर्ग, उपाध्यक्ष राकेश प्रकाश अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, शम्मी सपरा तथा अन्य पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। वरिष्ठ बिल्डर अशोक गर्ग, आर्किटेक्ट विनय गोयल, चार्टर्ड अकाउंटेंट रमाकांत जैन एवं सौरभ जैन का भी सम्मान किया गया।
Edited By : Chetan Gour