Samvat 2083 outlook : मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन में हल्की गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Samvat 2083 outlook : रविवार के विशेष दिवाली ट्रेडिंग सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। क्लोजिंग ऑक्शन के बाद, शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 28.62 अंक यानी 0.04% गिरकर 80,999.40 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 43.95 अंक यानी 0.18% की गिरावट के साथ 24,986.40 पर बंद हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी में कमजोरी के बावजूद, ब्रॉडर मार्केट का रुख काफी पॉजिटिव रहा। 3,136 शेयरों में तेजी आई, जबकि 913 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी में सन फार्मा और टाटा स्टील सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। मीडिया और फार्मास्युटिकल शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। संवत 2083 की शुरुआत में बैंकिंग, IT और रियल्टी शेयरों में गिरावट देखने को मिली।

इंडिया VIX में 6% की उछाल

रविवार के ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’सत्र के दौरान वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX 6.01 प्रतिशत बढ़कर 18.52 पर पहुंच गया। यह बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) की बढ़ती संभावना को दिखाता है। इस उछाल के साथ ही बेंचमार्क इंडेक्सों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और अंत में मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।

Samvat 2083 outlook : 18 महीने में 30,000 तक पहुंच सकता है निफ्टी -अतुल सूरी

मैराथन ट्रेंड्स PMS के CEO और फंड मैनेजर अतुल सूरी को उम्मीद है कि अगले 18 महीनों में निफ्टी 30,000 के स्तर तक पहुंच जाएगा। CNBC-TV18 से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय शेयर बाजार एक नए ‘बुल मार्केट’ के शुरुआती दौर में प्रवेश कर सकता है,हालांकि हालिया तेजी मुख्य रूप से ‘शॉर्ट कवरिंग’ की वजह से आई है।

अतुल सूरी के मुताबिक असली वेल्थ क्रिएशन तब शुरू होता है जब शेयर अपने 52-हफ्तों के नए हाई (52-week highs) पर पहुंचते हैं। बाजार में हालिया तेजी मुख्य रूप से उन शेयरों के उछाल से आई है जो अपने 52-हफ्तों के निचले स्तर से वापस ऊपर आए हैं। उनका मानना ​​है कि अगला चरण, जिसमें शेयर 52-हफ्तों के नए उच्च स्तर बनाएंगे, वेल्थ क्रिएशन और बाजार की मजबूती को पुख्ता करने के लिए बहुत अहम होगा।

अतुल सूरी की पसंद में फाइनेंशियल, फार्मा और ऑटो शेयर शामिल

अतुल सूरी ने बाजार की तेजी के अगले चरण के लिए फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोबाइल को अपने पसंदीदा सेक्टरों के रूप में चुना है। उन्होंने कुछ एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के शानदार प्रदर्शन का भी जिक्र किया और उन निवेशकों को सोना खरीदने (एक्युमुलेट करने) का सुझाव दिया है जो इस प्रेशियस मेटल में अपना निवेश बढ़ाना चाहते हैं।

अगली दिवाली तक बाजार से शानदार रिटर्न मिलने की उम्मीद -रामदेव अग्रवाल को

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और को-फाउंडर रामदेव अग्रवाल का मानना ​​है कि दो साल की सुस्ती के बाद अगली दिवाली तक भारतीय इक्विटी बाजार से शानदार रिटर्न मिल सकता है। उन्होंने कहा कि आकर्षक वैल्यूएशन, मजबूत अर्निंग ग्रोथ, कच्चे तेल की कीमतों में कमी, करेंसी में स्थिरता और विदेशी निवेशकों की वापसी के चलते बाजार में तेजी आ सकती है।

Samvat 2083 outlook: नीलेश शाह को अर्निंग्स में सुधार की उम्मीद

कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी नीलेश शाह को उम्मीद है कि संवत 2083 में कंपनियों की कमाई में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और आर्थिक विकास की गति बनी रहेगी। ‘मनीकंट्रोल’ के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने कहा कि तेल की ऊंची कीमतों, सप्लाई-चेन में रुकावटों और अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत बनी हुई है। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर सब्सिडी का बढ़ा हुआ खर्च कंपनियों पर डाला जाता है तो इससे उनकी कमाई पर असर पड़ सकता है।

नीलेश शाह ने इस बात का कोई अनुमान नहीं दिया कि संवत 2083 में निफ्टी 15-20 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है या नहीं। उन्होंने शॉर्ट-टर्म इंडेक्स टारगेट या कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी (contrarian investment strategies) के बजाय, लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश, मजबूत फंडामेंटल्स, बेहतरीन मैनेजमेंट और उचित वैल्यूएशन पर जोर देने की बात कही है।

अगर तेल की कीमतें गिरती हैं और AI ट्रेड का रुख बदलता है तो भारत लौट सकते हैं विदेशी निवेशक: नीलेश शाह

नीलेश शाह का मानना ​​है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, ग्लोबल AI ट्रेड का रुख बदलता है और भारत के आर्थिक प्रदर्शन को लेकर अंतरराष्ट्रीय सोच में सुधार होता है तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का निवेश फिर से बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल निवेशक भारत पर लगातार नजर रखे हुए हैं और हमारे बाजार में इनकी दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।

संवत 2083 में BFSI, प्रीमियम कंजम्पशन और मैन्युफैक्चरिंग शेयरों में बनेगा पैसा – नीलेश शाह

नीलेश शाह ने संवत 2083 के लिए अपने तीन पसंदीदा सेक्टरों के रूप में BFSI, प्रीमियम कंजम्पशन और मैन्युफैक्चरिंग को चुना है। प्रीमियम कंजम्पशन के तहत वे ऑटोमोबाइल, ट्रैवल और हेल्थकेयर को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही, उन्हें उम्मीद है कि बाजार में आने वाली किसी भी लंबी तेजी में लार्ज-कैप और मिड-कैप शेयरों की अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी।

क्रिटिकल मिनिरल और फाइबर ऑप्टिक केबल कंपनियों के शेयरों में बनेगा पैसा -रमेश दमानी

दिग्गज निवेशक रमेश दमानी का मानना ​​है कि क्रिटिकल मिनिरल से जुड़ी कंपनियां आने वाले सालों में अच्छा प्रदर्शन करेंगी। उन्हें फाइबर ऑप्टिक केबल कंपनियों के शेयरों में भी संभावनाएं दिख रही हैं। उनका कहना है कि डेटा सेंटर विस्तार के खिलाफ मौजूदा विरोध शायद लंबे समय तक न चले।

रमेश दमानी का मानना है कि ग्लोबल एआई ट्रेड में मंदी आने और निवेशकों का रुझान उभरते बाजारों की ओर बढ़ने के साथ ही भारतीय शेयर बाजार एक नए तेजी के दौर में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने बाजार के रुझान का अनुमान लगाने के बजाय निवेशित बने रहने के महत्व पर जोर दिया और सुझाव दिया कि नए हाई पर पहुंच चुके शेयरों में अभी और ऊपर जाने की गुंजाइश हो सकती है।

डॉलर टर्म में 11-12% तक पहुंच सकती है भारत की अर्निंग ग्रोथ : समीर अरोरा

हेलियोस कैपिटल के समीर अरोरा का कहना है कि भारत की अर्निंग ग्रोथ डॉलर टर्म में 11-12% तक पहुंच सकती है। जबकि दक्षिण कोरिया में इसके 10-11% रहने का अनुमान है। CNBC-TV18 से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हेलियोस वैल्यू इन्वेस्टिंग की तुलना में ग्रोथ इन्वेस्टिंग पर अधिक फोकस करता है। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न सेक्टरों में शेयरों के प्रदर्शन में बढ़ते अंतर पर भी जोर दिया।

समीर अरोरा ने कहा कि निवेशकों का हौसला बढ़ाने के लिए भारत को कई और पॉजिटिव फैक्टर्स की जरूरत होगी। उन्होंने कैपिटल गेन टैक्स में कटौती की मांग करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि हाल के वर्षों में अर्निंग ग्रोथ के बावजूद मुद्रा अवमूल्यन की वजह विदेशी निवेशकों का रिटर्न काफी कम हो गया है।

 

 

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