ट्रंप पर महाभियोग का खतरा

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक हार के बाद अब ट्रंप के ऊपर महाभियोग का खतरा मंडरा रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी उनके खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रही है। ट्रंप अमेरिका के पहले राष्ट्रपति हैं, जिनके ऊपर दो बार महाभियोग चलाया जा चुका है। अब तीसरी बार महाभियोग लाएगा विपक्ष। गौरतलब है कि अमेरिका के निचले सदन में महाभियोग के लिए साधारण बहुमत की जरुरत होती है लेकिन सीनेट में दो तिहाई बहुमत जरूरी होता है। पहले दोनों बार सीनेट में ही ट्रंप के खिलाफ लाया गया महाभियोग प्रस्ताव विफल हुआ था।

बहरहाल, नतीजा जो हो लेकिन विपक्ष इस बार ज्यादा गंभीरता से तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी आरोप लगा रही है कि ट्रंप ने अपने पद का इस्तेमाल कर अपने करीबियों को फायदा पहुंचाया और संपत्ति जुटाई। इससे आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। डेमोक्रेटिक सांसद रॉबर्ट गार्सिया ने कहा है कि वे यह पता लगाएंगे राष्ट्रपति रहते हुए ट्रंप और उनके परिवार की संपत्ति कैसे बढ़ी। उनका फोकस ट्रंप के बेटों और दामाद जेरेड कुशनर के कारोबारी सौदों पर है।

बताया जा रहा है कि डेमोक्रेटिक सांसद गार्सिया ने जांच के लिए पांच मुद्दे तय किए हैं। इनमें ट्रंप परिवार के कारोबारी सौदे, जेफ्री एपस्टीन मामले की जांच में ट्रंप प्रशासन की भूमिका और अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी यानी आईसीई की छापेमारी और कार्रवाई शामिल हैं। इससे पहले खबर आई कि 1990 के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सबसे बड़ी जीत दर्ज कर रही है। उसे 260 से ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी बहुमत से आगे निकल चुकी है।

बहरहाल, इससे पहले ट्रंप के खिलाफ दो बार महाभियोग चला है। अमेरिकी इतिहास में वे ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं, जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग की कार्रवाई हुई। पहली बार ट्रंप पर आरोप था कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर दबाव डाला था कि वे जो बाइडेन और उनके बेटे हंटर बाइडेन के खिलाफ जांच का ऐलान करें। ऐसा न करने पर ट्रंप ने यूक्रेन को मिलने वाली करीब 40 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद रोक दी थी। दूसरा मामला 6 जनवरी 2021 को ट्रंप के समर्थकों के अमेरिकी संसद भवन कैपिटल पर हमला करने से जुड़ा था। ट्रंप पर अपने भाषण और बयानों से समर्थकों को भड़काने का आरोप लगा था।