US Midterm Election Results 2026: अमेरिका में हुए 2026 के मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में भूचाल ला दिया है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन के मजबूत गढ़ों को ध्वस्त करते हुए सीनेट पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस बड़े चुनावी झटके के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा रिएक्शन सामने आया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लाल रंग की बेसबॉल कैप की तस्वीर शेयर की है, जिस पर लिखा है- ‘VETO’। इसके जरिए उन्होंने साफ संदेश दिया है कि संसद में बहुमत हासिल करने के बावजूद वे डेमोक्रेट्स के हर बिल को अपनी राष्ट्रपति शक्तियों से ब्लॉक करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
‘अगर मैं चुनाव मैदान में होता तो लैंडस्लाइड जीत होती’: ट्रंप
रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अगर उनका नाम बैलट पेपर पर होता तो पार्टी ऐतिहासिक जीत दर्ज करती। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए 80 वर्षीय राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, ‘मेरा नाम बैलट पर नहीं था, और अगर मैं होता, तो हमें बंपर जीत हासिल होती! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’
दिलचस्प बात यह है कि द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की बात कही थी। लेकिन उस बयान के महज कुछ ही मिनटों बाद उन्होंने ‘VETO’ लिखी टोपी की फोटो पोस्ट कर अपने तेवर कड़े कर लिए।
‘मिस्टर वीटो’ बनने को तैयार ट्रंप?
मतदान समाप्त होने से ठीक पहले CBS न्यूज को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि उनके पास राष्ट्रपति की सबसे बड़ी ताकत यानी ‘वीटो पावर’ मौजूद है।
ट्रंप ने कहा कि अगर डेमोक्रेट्स संसद के किसी भी सदन में बहुमत लाते हैं, तो वे उनके बिलों को खारिज करने के लिए अपनी वीटो शक्ति का इस्तेमाल करेंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अगर उन्हें ‘मिस्टर वीटो’ भी कहा जाए, तो उन्हें इससे कोई गुरेज नहीं होगा।
CBS के सूत्रों के अनुसार, संसद गंवाने के बाद भी ट्रंप के पास ट्रेड, बॉर्डर सिक्योरिटी, विदेशी नीति और नेशनल सिक्योरिटी जैसे मुख्य मुद्दों पर मनमुताबिक फैसले लेने का पूरा अधिकार रहेगा।
डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन के गढ़ों में लगाई सेंध
2026 मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने वाशिंगटन का पावर बैलेंस बदल दिया है:
कहां-कहां पलटी बाजी: डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन के पारंपरिक मजबूत गढ़ों- टेक्सास, साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना में जीत दर्ज करते हुए सीटें छीन लीं। इसके अलावा जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में अपनी सीटें बचाने में भी कामयाबी हासिल की।
ट्रंप प्रशासन की बढ़ेगी मुश्किल: सीनेट पर कब्जा और प्रतिनिधि सभा में मजबूत स्थिति के बाद अब डेमोक्रेट्स ट्रंप प्रशासन के खिलाफ जांच शुरू कर सकते हैं और उनके विधायी एजेंडे को रोक सकते हैं।
चुनावों में रिपब्लिकन की हार के 3 बड़े कारण
- फ्यूल और महंगाई: अमेरिकी जनता में जीवन-यापन की बढ़ती लागत और महंगाई को लेकर भारी नाराजगी।
- ईरान युद्ध का असर: ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियानों और तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल की रिकॉर्ड ऊंची कीमतें।
- ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीतियां: राष्ट्रपति की व्यापार और टैरिफ नीतियों से आम मतदाताओं और बिजनेस सेक्टर में असंतोष।

