शेयर बाजार से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। Angel One, Central Depository Services (India) Ltd यानी CDSL और Motilal Oswal Financial Services के शेयर 7% तक चढ़ गए। ये तेजी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने भारत के टैक्स ढांचे को लेकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI और घरेलू इक्विटी बाजार से जुड़े लोगों की चिंताओं को माना। निवेशकों को इससे उम्मीद जगी है कि शेयरों पर लगने वाले मौजूदा टैक्स पर सरकार दोबारा विचार कर सकती है।
Nifty Capital Markets इंडेक्स 3% उछला
वित्त मंत्री के बयान का असर पूरे सेक्टर पर एक साथ दिखा। Nifty Capital Markets इंडेक्स 3% से ज्यादा चढ़ गया। सबसे खास बात ये रही कि इस इंडेक्स में शामिल सभी 17 शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे। यानी एक भी शेयर ऐसा नहीं था जो लाल निशान में फिसला हो।
आमतौर पर किसी सेक्टर में तेजी आती है तो कुछ शेयर चढ़ते हैं और कुछ पीछे रह जाते हैं। लेकिन जब पूरा इंडेक्स एक सुर में ऊपर जाए, तो साफ समझ आता है कि बाजार किसी एक खबर को पूरे सेक्टर के लिए अच्छा मान रहा है। मंगलवार को टैक्स से जुड़ी उम्मीद ने यही काम किया।
Angel One सबसे आगे, Motilal Oswal और CDSL भी पीछे नहीं
तेजी की इस दौड़ में Angel One सबसे आगे रहा। ये शेयर 7% चढ़ गया। इसके ठीक पीछे Motilal Oswal Financial Services रहा, जिसमें 6% की बढ़त दर्ज हुई।
CDSL के शेयर 5.4% ऊपर चढ़े, जबकि Computer Age Management Services यानी CAMS में 4.64% की तेजी आई।
बाकी शेयरों में भी अच्छी खरीदारी रही। Groww, BSE, Nuvama Wealth Management और Multi Commodity Exchange of India यानी MCX के शेयर 1% से 3% के बीच चढ़े। कुल मिलाकर, कैपिटल मार्केट से जुड़ी लगभग हर बड़ी कंपनी के शेयर में उस दिन रौनक दिखी।
वित्त मंत्री ने वादा नहीं किया, लेकिन निवेशकों की बेचैनी मानी
अब सवाल ये है कि आखिर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐसा क्या कहा कि बाजार इतना खुश हो गया। वित्त मंत्री से पूछा गया था कि क्या आने वाला आम बजट निवेशकों के लिए टैक्स का माहौल और आसान बना सकता है, और क्या विदेशी निवेशकों को खास रियायतें मिल सकती हैं। इस पर सीतारमण ने इक्विटी टैक्स में किसी बदलाव का पक्का वादा नहीं किया।
लेकिन उन्होंने दो बातें जरूर मानीं। पहली, निवेशकों के सामने हालात अब बदल चुके हैं। दूसरी, टैक्स ढांचे को लेकर चिंता की आवाजें पहले से ज्यादा तेज हो गई हैं।
सीतारमण ने कहा, ‘मैं रिटेल निवेशकों और इक्विटी बाजार से जुड़े लोगों के बीच फैली बेचैनी को समझती हूं।’ उन्होंने ये भी कहा कि सरकार बाजार से जुड़े लोगों की ओर से उठाई जा रही चिंताओं को पहचानती है।
उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इक्विटी टैक्स पर निवेशकों की राय पर विचार करने के लिए तैयार है। बाजार ने इसी संकेत को पकड़ा। वित्त मंत्री ने कोई घोषणा नहीं की, लेकिन दरवाजा खुला रखने वाली बात ने निवेशकों को उम्मीद दे दी कि मौजूदा टैक्स ढांचे की समीक्षा हो सकती है।
बजट से पहले LTCG पर फैसले की चर्चा पहले से थी
ये उम्मीद अचानक नहीं जगी। Moneycontrol ने 26 अक्टूबर को रिपोर्ट किया था कि इक्विटी पर लगने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन यानी LTCG टैक्स के ढांचे में बदलाव का फैसला आने वाले हफ्तों में लिया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये फैसला विदेशी और घरेलू दोनों तरह के निवेशकों पर लागू होगा और मुमकिन है कि आम बजट से पहले ही आ जाए।
ऐसे में जब वित्त मंत्री ने खुद निवेशकों की चिंता को माना, तो बाजार ने उनके बयान को इसी चर्चा से जोड़कर देखा। यही वजह रही कि टैक्स से जुड़ी किसी भी राहत की उम्मीद का असर कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर तुरंत दिखा।
अभी कितना लगता है LTCG टैक्स
मौजूदा नियम के मुताबिक, विदेशी और घरेलू निवेशक जब शेयर बेचकर मुनाफा कमाते हैं, तो उस पर 12.5% की दर से LTCG टैक्स लगता है। इसमें इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलता।
लिस्टेड शेयरों के मामले में एक राहत है। एक फाइनेंशियल ईयर में 1.25 लाख रुपये तक के मुनाफे पर ये टैक्स नहीं लगता। टैक्स सिर्फ उससे ऊपर के मुनाफे पर लगता है।
इसे एक उदाहरण से समझिए। मान लीजिए किसी निवेशक ने एक फाइनेंशियल ईयर में लिस्टेड शेयर बेचकर 2 लाख रुपये का मुनाफा कमाया। इसमें से पहले 1.25 लाख रुपये टैक्स से बाहर रहेंगे। बचे हुए 75,000 रुपये पर 12.5% के हिसाब से 9,375 रुपये का टैक्स बनेगा।
अनलिस्टेड शेयरों के लिए ऐसी कोई छूट नहीं है। यानी अगर किसी ने अनलिस्टेड शेयर बेचकर मुनाफा कमाया है, तो उसे 1.25 लाख रुपये वाली राहत नहीं मिलेगी।
इसी टैक्स ढांचे को लेकर विदेशी और घरेलू निवेशक लंबे समय से अपनी बात रख रहे हैं। अब वित्त मंत्री के बयान के बाद बाजार की नजर इस पर है कि सरकार इन चिंताओं पर आगे क्या कदम उठाती है।
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