
जैसे यह सिर्फ भारत में होता है कि सत्तापक्ष के लोग विपक्ष के ऊपर आरोप लगाते हैं वैसे ही यह भी सिर्फ भारत में होता है कि विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सत्तापक्ष भी प्रदर्शन करता है। सोचें, यह कैसा विरोधाभास है कि दिवाली और दूसरे त्योहारों के समय कांग्रेस का प्रदर्शन करना कितना खराब है यह दिखाने के लिए भाजपा प्रदर्शन कर रही है। वह कह रही है कि कांग्रेस के प्रदर्शन से अराजकता फैला रही है और इससे कारोबारियों का धंधा चौपट हो रहा है और यह बताने के लिए वह प्रदर्शन कर रही है।
सोचें, विपक्ष के खिलाफ सरकार के प्रदर्शन के बारे में! भाजपा ने कहा कि कांग्रेस के प्रदर्शन से हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। यह कहने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लाल किले के सामने आधा किलोमीटर का मार्च किया। उस प्रदर्शन के लिए सारे रास्ते बंद कर दिए गए और चांदनी चौक से लेकर क्लॉथ मार्केट तक के कारोबारियों को उनकी दुकान तक जाने से रोका गया। यही कहानी रविवार, एक नंवबर को दोहराई गई। कांग्रेस ने सिर्फ एक जगह दिल्ली में रैली की लेकिन भाजपा ने पूरे देश में रैली करके कांग्रेस की रैली का विरोध किया। कांग्रेस का प्रोटेस्ट तो रैली के साथ ही बंद हो गया लेकिन भाजपा का अब भी जारी है।

