
चुनाव आते ही राजनीतिक दलों मे हलचल मचने लगती है नेतागण अपने स्वार्थ सिद्ध करने न के लिए अपना झंडा व दल बदलने की फिराक मे लगे रहते हैं। हिन्दू देवी-देवताओं व सनातन धर्म पर अभद्र टिप्पणी से हमेशा चर्चा मे रहने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य की सपा व इंडिया गठबंधन में एंट्री नहीं होने जा रही है। सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी सपा के गठबंधन में शामिल नहीं हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामी प्रसाद मौर्य सपा के गठबंधन में शामिल नहीं हैं। लखनऊ में जब मीडियाकर्मियों ने मौर्य के गठबंधन में शामिल होने को लेकर सवाल किया तो वे नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि मौर्य हमारी सीटों में शामिल नहीं हो सकते। अवॉइड करो, इग्नोर करो।
मौर्य ने सपा पर लगाया था आरोप
दरअसल, स्वामी प्रसाद मौर्य ने तीन अक्टूबर को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल होने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि सीटों को लेकर बाद में चर्चा की जाएगी। मौर्य ने राहुल को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा भी जताई थी। इससे पहले मौर्य ने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व पर समाजवादी विचारधारा से भटकने और उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था।
उल्लेखनीय है कि रामचरितमानस और अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर दिए गए उनके बयानों के बाद सपा में विरोध हुआ था। स्वामी प्रसाद मौर्य का आरोप था कि पार्टी नेताओं के हमलों और विरोध के दौरान नेतृत्व ने उनका बचाव नहीं किया।


