सोमवार को भारतीय बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी के मजबूत शुरुआत करने के आसार हैं। एशियाई बाजारों में कमजोरी के बावजूद, गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty) अच्छी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। ईरान के साथ तनाव कम करने के लिए अमेरिका की नई राजनयिक कोशिशों की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे बाजार का मूड सुधर सकता है। हालांकि,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश के मौजूदा उछाल के टिकाऊपन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं,जिसका असर ग्लोबल टेक्नोलॉजी शेयरों पर पड़ रहा है।
सुबह करीब 8:10 बजे GIFT निफ्टी 183 अंक या 0.79 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,269 पर कारोबार कर रहा था। इससे बाजार में अच्छी शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। उधर शुक्रवार को भारतीय बाजारों में लगातार दूसरे सत्र में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 308.49 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,459.53 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 23,053.10 पर पहुंच गया था।
शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,598 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 817 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे उनकी लगातार दो सत्रों से जारी खरीदारी का सिलसिला टूट गया।
एशियाई बाजारों में गिरावट
AI निवेश को लेकर बनी चिंताओं के बीच एशियाई बाजारों में गिरावट आई है। अमेरिकी टेक कंपनियों के निराशाजनक नतीजों के बाद,निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे भारी-भरकम निवेश कितने टिकाऊ हैं। जापान का निक्केई 0.5 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.8 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। अक्टूबर में 16 प्रतिशत की गिरावट के बाद,इनमें कमजोरी का सिलसिला कायम है। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों का MSCI का ब्रॉडर इंडेक्स 0.4 प्रतिशत फिसल गया है।
शुक्रवार को आई भारी गिरावट के बाद,अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स ने कुछ हद तक रिकवरी की। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.4 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स 0.6 प्रतिशत ऊपर चढ़े।
वॉल स्ट्रीट में गिरावट,नैस्डैक करीब 3 प्रतिशत लुढ़का
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। इंटेल और अमेज़न के निराशाजनक तिमाही नतीजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों द्वारा किए जा रहे भारी खर्च को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
नैस्डैक कंपोजिट 747.73 अंक या 2.86 प्रतिशत गिरकर 25,437 पर आ गया जो 5 जून के बाद से एक दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी प्रतिशत गिरावट है। S&P 500 में 140.32 अंक या 1.82 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,580.07 पर आ गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 572.25 अंक या 1.09 प्रतिशत गिरकर 51,770.31 पर आ गया।
अमेरिका-ईरान की बीच बनी उम्मीदों के बीच ब्रेंट $112 के नीचे आया
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। एक रिपोर्ट के अनुसार,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य हमले फिर से शुरू करने का फैसला लेने से पहले, कूटनीतिक प्रयासों के लिए और समय देने पर विचार कर रहे हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.5 प्रतिशत गिरकर 111.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। जबकि US क्रूड फ्यूचर्स 1.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 102.37 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अक्टूबर में एनर्जी की कीमतों में आई भारी तेजी के बाद, इस गिरावट से कुछ राहत मिली है। हालांकि, सोमवार को आई इस गिरावट के बावजूद, क्रूड की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच राजनयिक कोशिशों से भारतीय बाजारों को मिल सकता है सपोर्ट
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि अमेरिका-ईरान विवाद को कम करने की दिशा में कोई भी ठोस प्रगति कच्चे तेल की कीमतों में मौजूद ‘जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम’ को घटाने में मदद कर सकती है। इससे भारतीय शेयर बाजारों को भी निकट भविष्य में सहारा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक तेल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी, तब तक घरेलू बाजार मिडिल ईस्ट में होने वाली घटनाओं से काफी हद तक जुड़े रहेंगे।
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