तमिलनाडु में अब इस कैटिगरी को 52 की उम्र तक मिले सकेगी सरकारी नौकरी! CM विजय का ऐतिहासिक फैसला

तमिलनाडु में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने राज्य की सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा पांच साल बढ़ाने का आदेश दिया है। इस फैसले से उन हजारों उम्मीदवारों को राहत मिलेगी जो पहले निर्धारित उम्र सीमा के करीब पहुंच चुके थे या उसे पार कर चुके थे।

सीएम के इस फैसले के तहत अलग-अलग पदों और आरक्षण श्रेणियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा में बदलाव किया गया है। सबसे खास बात यह है कि कुछ श्रेणियों में दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी में आवेदन करने की अधिकतम उम्र अब 52 साल तक हो गई है। वहीं ग्रुप-I के पदों पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवार अब 37 साल और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार 42 साल की उम्र तक आवेदन कर सकेंगे।

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक उम्र सीमा में यह बढ़ोतरी पहले से लागू आयु सीमा के अतिरिक्त होगी। इसका मतलब है कि आरक्षित वर्गों और दिव्यांग उम्मीदवारों को पहले से मिल रही आयु छूट भी जारी रहेगी। नई व्यवस्था 30 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई है और अगले पांच साल तक प्रभावी रहेगी।

CM विजय के फैसले से किन उम्मीदवारों को मिलेगा फायदा?

तमिलनाडु सरकार ने सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा पांच साल बढ़ाई है। यह फैसला सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों के बाद लिया गया है। इसका लाभ सामान्य वर्ग के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग (BC), पिछड़ा वर्ग मुस्लिम (BC-M), अति पिछड़ा वर्ग (MBC), विमुक्त समुदाय (DNC), अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और निराश्रित विधवा श्रेणी की उम्मीदवारों को भी मिलेगा। इसके अलावा दिव्यांग उम्मीदवारों (Persons with Disabilities यानी PwD) के लिए भी नई उम्र सीमा तय की गई है। हालांकि अलग-अलग समूहों और श्रेणियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा अलग-अलग होगी।

सरकार के मुताबिक इस फैसले का मकसद उन उम्मीदवारों को सरकारी भर्ती प्रक्रिया में दोबारा अवसर देना है जो मौजूदा उम्र सीमा के कारण प्रतियोगिता से बाहर होने की स्थिति में पहुंच गए थे।

ग्रुप-I की सरकारी नौकरियों में अब कितनी होगी उम्र सीमा?

तमिलनाडु में ग्रुप-I के पदों को राज्य की प्रमुख प्रशासनिक और अन्य उच्च स्तरीय सरकारी नौकरियों में गिना जाता है। इन पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए उम्र सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी की गई है। नई व्यवस्था के मुताबिक सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 32 साल से बढ़ाकर 37 साल कर दी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 37 साल से बढ़ाकर 42 साल कर दी गई है। सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 42 साल से बढ़ाकर 47 साल कर दी गई है। आरक्षित वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 47 साल से बढ़ाकर 52 साल कर दी गई है। यानी ग्रुप-I की सीधी भर्ती में आरक्षित वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों को अब 52 साल की उम्र तक आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

ग्रुप-II और ग्रुप-II-A की भर्ती में क्या बदला?

ग्रुप-II और ग्रुप-II-A की सरकारी नौकरियों के लिए भी अधिकतम उम्र सीमा में बदलाव किया गया है। इन पदों पर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 30 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दी गई है। वहीं, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए सामान्य तौर पर अधिकतम उम्र सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए भी अलग-अलग नियम लागू किए गए हैं। सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल से बढ़ाकर 45 साल कर दी गई है। आरक्षित वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह ग्रुप-II और ग्रुप-II-A की भर्ती में आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को उम्र के मामले में बड़ी राहत दी गई है।

ग्रुप-IV की सरकारी नौकरियों में किसे मिलेगी सबसे ज्यादा राहत?

ग्रुप-IV की भर्ती के लिए भी राज्य सरकार ने उम्र सीमा में बदलाव किया है। इस श्रेणी में उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र सीमा का कोई प्रतिबंध नहीं होगा। हालांकि जिन उम्मीदवारों के पास उच्च शैक्षणिक योग्यता नहीं है, उनके लिए अलग-अलग वर्गों के हिसाब से नई उम्र सीमा तय की गई है। इसके मुताबिक सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 30 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दी गई है। BC, BC(M), MBC और DNC वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 32 साल से बढ़ाकर 37 साल कर दी गई है।

सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 40 साल से बढ़ाकर 45 साल कर दी गई है। आरक्षित वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 42 साल से बढ़ाकर 47 साल कर दी गई है। SC, ST और निराश्रित विधवा श्रेणी के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 35 साल से बढ़ाकर 40 साल कर दी गई है। इन श्रेणियों के दिव्यांग उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 45 साल से बढ़ाकर 50 साल कर दी गई है। इस तरह ग्रुप-IV की भर्ती में भी अलग-अलग श्रेणियों के उम्मीदवारों को पांच साल की अतिरिक्त राहत मिलेगी।

30 अक्टूबर 2026 से लागू होगा नया नियम, पांच साल तक मिलेगा फायदा

तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, उम्र सीमा में बदलाव 30 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गया है। यह व्यवस्था अगले पांच साल तक लागू रहेगी। इसका मतलब है कि 30 अक्टूबर 2026 से अगले पांच वर्षों के दौरान होने वाली संबंधित सीधी भर्ती प्रक्रियाओं में उम्मीदवारों को संशोधित उम्र सीमा का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से राज्य के हजारों नौकरी अभ्यर्थियों को फायदा होगा। खासतौर पर उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे थे, लेकिन मौजूदा उम्र सीमा पार होने के कारण नौकरी पाने की दौड़ से बाहर होने का खतरा झेल रहे थे।

क्यों अहम है तमिलनाडु सरकार का यह फैसला?

सरकारी नौकरियों की तैयारी में कई उम्मीदवारों के कई साल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भर्ती प्रक्रिया के इंतजार में निकल जाते हैं। ऐसे में निर्धारित उम्र सीमा पार होने पर उन्हें आवेदन का अवसर भी नहीं मिल पाता। तमिलनाडु सरकार का पांच साल की अतिरिक्त आयु छूट देने का फैसला इसी समस्या को ध्यान में रखकर लिया गया है। इससे सामान्य वर्ग, आरक्षित वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों को अलग-अलग स्तर पर फायदा मिलेगा।