Gold Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों पर अगले हफ्ते भी दबाव रह सकता है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई की चिंता बढ़ गई है। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से बुलियन की अगली चाल तय हो सकती है। बाजार की नजर 27-28 अक्टूबर की फेड बैठक और चेयरमैन के बयान पर रहेगी।
MCX पर सोना ₹5,768 और चांदी ₹15,087 टूटी
घरेलू वायदा बाजार में पिछले हफ्ते दोनों कीमती धातुओं में तेज गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹5,768 यानी करीब 4% टूटकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
चांदी की गिरावट इससे भी ज्यादा रही। इसका भाव ₹15,087 यानी 7.14% गिरकर ₹1.96 लाख प्रति किलो पर आ गया। इस दौरान चांदी ₹2 लाख के स्तर से नीचे फिसल गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुख रहा। कॉमेक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 4.14% गिरकर 4,007.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। शुक्रवार को भाव कुछ समय के लिए 3,989 डॉलर तक गिर गया था। वहीं, चांदी करीब 6% टूटकर 53.95 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
कच्चे तेल और डॉलर से बढ़ा दबाव
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती से सोने की कीमतों को सहारा नहीं मिल पा रहा है। फेड के फैसले से यह साफ होगा कि कीमतें मौजूदा स्तर पर संभलेंगी या गिरावट जारी रहेगी।
JM Financial Services के प्रणव मेर ने कहा कि औद्योगिक धातुओं में कमजोरी है। साथ ही चांदी की ऊंची कीमतों के कारण मांग में नरमी ने भी दबाव बढ़ाया है।
ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। तेल महंगा रहने से महंगाई बढ़ने की आशंका है। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रख सकते हैं।
फेड का फैसला क्यों है अहम?
अगले हफ्ते अमेरिकी फेड के अलावा यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के फैसलों पर भी नजर रहेगी। अमेरिका के महंगाई आंकड़े, तीसरी तिमाही की GDP और उपभोक्ता विश्वास से जुड़े आंकड़े भी बाजार की दिशा प्रभावित कर सकते हैं।
अगर फेड का रुख सख्त रहा, तो डॉलर और बॉन्ड यील्ड में तेजी आ सकती है। इससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ सकता है। इसके उलट, नरम रुख से कीमतों को कुछ राहत मिल सकती है।
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