Gold Price Today: तीन दिनों में ₹3600 सस्ता हुआ गोल्ड, 10 दिनों में ₹15000 गिरी चांदी, चेक करें लेटेस्ट भाव

Gold Rate Today in India: कच्चे तेल के उबाल में सोना-चांदी पिघलता ही जा रहा है। पहले गोल्ड की बात करें तो लगातार तीन दिनों में 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹3610 और 22 कैरट वाला ₹3301 सस्ता हुआ। इसमें से आज 24 कैरट वाला 10 ग्राम गोल्ड ₹10 और 22 कैरट वाला ₹10 नीचे आया है। अब चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड की सुस्ती से लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद लगातार तीन दिनों में यह ₹10100 नीचे आई है।

सिटीवाइज गोल्ड के भाव

देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं…

शहर 24 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 22 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव 18 कैरट 10 ग्राम गोल्ड भाव
दिल्ली₹1,42,620₹1,30,740₹1,06,850
मुंबई₹1,42,470₹1,30,590₹1,06,850
कोलकाता₹1,42,470₹1,30,590₹1,06,850
चेन्नई₹1,42,470₹1,30,590₹1,06,890
बेंगलुरू₹1,42,470₹1,30,590₹1,06,850
हैदराबाद₹1,42,470₹1,30,590₹1,06,850
लखनऊ₹1,42,620₹1,30,740₹1,06,850
पटना₹1,42,420₹1,30,640₹1,06,850
जयपुर₹1,42,620₹1,30,740₹1,06,850
अहमदाबाद₹1,42,420₹1,30,640₹1,06,850

छह दिनों की स्थिरता के बाद फिसली चांदी

चांदी लगातार छह दिनों की स्थिरता के बाद लगातार तीसरे दिन आज सस्ती हुई है। इन तीन दिनों में यह ₹10100 नीचे आई है और छह दिनों की स्थिरता से पहले 15 अक्टूबर को यह ₹5000 नीचे आई थी यानी कि 10 दिनों में एक किलो चांदी ₹15100 सस्ती हुई है। अब आज की बात करें तो आज दिल्ली में एक किलो चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,19,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों में मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है। वहीं चेन्नई में एक किलो चांदी ₹2,24,900 के भाव में बिक रही है यानी कि चारों महानगरों में सबसे महंगी चांदी चेन्नई में ही है।

क्यों टूट रहा सोना-चांदी, आगे किस बात पर रहेगी नजर

लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक कच्चे तेल के उबाल ने सोने-चांदी पर दबाव बनाया है। ब्रेंट क्रूड के प्रति बैरल $112 के पार जाने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और इस बात के आसार बढ़ गए हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें सोने और चांदी पर दबाव डाल सकती हैं, क्योंकि इनसे कोई ब्याज नहीं मिलता है तो ब्याज देने वाले अन्य एसेट्स की तुलना में सोने-चांदी का क्रेज कम हो सकता है।

गौरव के मुताबिक निवेशकों की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्टूबर को होने वाली बैठक पर है, जिसमें ब्याज दरों के भविष्य को लेकर संकेत मिल सकता है। उनका कहना है कि कच्चे तेल में उबाल पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रा पर हमले के चलते वैश्विक सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं पर आया है।

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