
Congress Attack PM Modi: भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर के खुलासे के बाद कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देश की सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय संप्रभुता को लेकर ऐसे सनसनीखेज आरोप लगाए हैं, जिन्होंने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
कांग्रेस का सीधा और तीखा आरोप है कि मोदी सरकार ने बॉर्डर मैनेजमेंट के मोर्चे पर चीन के सामने पूरी तरह से ‘सरेंडर’ कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ से लेकर पूर्वी लद्दाख की पुरानी स्थिति (Status Quo Ante) तक विपक्षी दल ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल दागा है कि आखिर बीजिंग से लगातार हो रही मुलाकातों का भारत को क्या हासिल हुआ?
कांग्रेस ने दावा किया है कि सरकार अब ‘पुराने स्टेटस को’ को भूलकर चीन द्वारा थोपे गए ‘न्यू स्टेटस को’ को चुपचाप स्वीकार कर रही है, जिससे सिलीगुड़ी कॉरिडोर, गलवान और डोकलाम जैसे अति-संवेदनशील इलाके अधर में लटकने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। ALSO READ: अरुणाचल में कई जगह भारत और चीन के बीच झड़पें जारीं, ITBP DG शत्रुजीत कपूर का बड़ा खुलासा
क्या हैं कांग्रेस के सरकार से सवाल?
- क्या अरुणाचल प्रदेश में शेरा-5 प्वाइंट तक हम पेट्रोलिंग कर पा रहे हैं या नहीं?
- क्या असाफिला, माजा और तस्किन में चीन ने 7 किलोमीटर अंदर आकर अपने टेंट गाड़ रखे हैं?
- क्या पूर्वी लद्दाख में साल 2020 से पहले वाली यथास्थिति बहाल हुई है? अगर नहीं हुई, तो कब होगी?
- चीन के साथ बार-बार मुलाकातें होती हैं, लेकिन भारत को उन मुलाकातों से आखिर क्या मिला?
- चीन से लगातार मुकाबला करना पड़ रहा है, फिर भी सरकार ने चीन पर आर्थिक निर्भरता क्यों बढ़ा दी?
- भारत सरकार ने चीनी निवेश और PLA से जुड़ी कंपनियों के लिए रास्ते आसान क्यों बनाए?
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि चीन का सच सबके सामने आ रहा है और अब ITBP के DG शत्रुजीत कपूर भी इस मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं। लेकिन, DG के बयान के बाद तुरंत सूत्रों के हवाले से खबर चलाई जाने लगी कि इस मुद्दे पर ITBP जल्द ही आधिकारिक बयान जारी करेगी। उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि मोदी सरकार की क्या हालत है? जब प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया को मैसेज देने का मंच मिलता है तो वहां ‘लाल आंख’ दिखाने के बजाए विपक्ष को बुरा-भला कहते हैं। ALSO READ: क्या अरुणाचल में हो रही है चीनी घुसपैठ? क्या है स्थानीय लोगों की चिंता
आखिर मोदी को किस बात का डर है?
खेड़ा ने सवाल किया कि आखिर नरेंद्र मोदी को किस बात का डर है? चीन के पास मोदी का ऐसा कौन सा राज है, जो ये बिछ जाते हैं? मोदी की चीन के साथ कई मुलाकातें हुई, इसके बावजूद उन्होंने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे संवेदनशील मुद्दों को क्यों नहीं उठाया? उन्होंने कहा कि हम ITBP समेत सभी बहादुर सैनिकों को सलाम करते हैं, क्योंकि वे विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर मुकाबला कर रहे हैं। ALSO READ: क्या अरुणाचल में चीन ने बना लिया कैंप? घुसपैठ की खबरों पर भारतीय सेना का बड़ा बयान
क्योंकि देश में एक ऐसी सरकार है, जो न शहादत को सलामी देती है, न बहादुरी को शाबाशी। हालांकि, ये पहली बार नहीं है। साल 2020 में गलवान में हमारे 20 बहादुर जवान शहीद हुए, लेकिन तब मोदी ने चीन को क्लीन चिट देते हुए कहा- न कोई घुसा है, न कोई घुसा हुआ है। DGs की कॉन्फ्रेंस हुई तो उसमें भी यह बात कही गई थी कि 65 में से 26 पेट्रोलिंग पॉइंट पर अब भारत का कंट्रोल नहीं रहा। मोदी की क्लीन चिट की वजह से ही लद्दाख से लेकर अरुणाचल तक चीन दुस्साहस दिखा रहा है और फिर से साबित हो गया है कि नाम नरेंदर, काम सरेंडर।
बॉर्डर मैनेजमेंट में भी सरेंडर
खेड़ा ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमारे देश में एक 56 इंच का चीनी खिलौना है, जिसकी चाभी कई देशों के पास है। चीन को लेकर जो खबर आ रही है, उसे मोदी सरकार ने लगातार छिपाने की कोशिश की। लेकिन अब ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने कंफर्म किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना के साथ हमारे सैनिकों की झड़प लगातार जारी है। मोदी सरकार ने बॉर्डर मैनेजमेंट में भी सरेंडर कर दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ‘Status Quo Ante’ शब्द इस्तेमाल करना ही बंद कर दिया और अब सरकार इसे ‘New Status Quo’ कहने लगी है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के प्रेस स्टेटमेंट में आजकल ‘Early Harvest’ शब्द बहुत आता है- लेकिन इसका मतलब क्या है, वो समझिए। ‘Early Harvest’ का मतलब है कि बातचीत में चीन जो कहे, उसे एक बार में ही स्वीकार कर Boundry Dispute, Status Quo Ante और patrolling point से जुड़े मुद्दे भुला दिए जाएं। ऐसे में सिलीगुड़ी कॉरिडोर, गलवान, डोकलाम – ये सब Unresolved रह जाएंगे, क्योंकि मोदी सरकार ने ‘New Status Quo’ स्वीकार कर लिया है।
हम चीन के सामने झुकते जा रहे हैं
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि 70% टनल बोरिंग मशीन चीन में बनाई जाती है। हिंदुस्तान को यह मशीन जर्मनी से खरीदनी थी, लेकिन चीन ने उस मशीन को अपनी फैक्ट्री से भारत भेजने पर ही रोक लगा दी। पहले इसे Unofficially रोका गया। फिर, इस रोक को Official दर्जा दे दिया गया। इसी तरह Rare earth materials और फर्टिलाइजर एक्सपोर्ट को भी पहले Unofficial तरीके से, फिर Official तौर पर रोक दिया गया। 70 से 80% दवाइयों का API चीन में बनता है। भारत को सताने के लिए चीन बीच-बीच में उस पर भी रोक लगा देता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि कभी चीन हिंदुस्तान के गांवों के नाम बदल देता है, कभी बांध बना देता है, लेकिन नरेंद्र मोदी चुप्पी साधकर सरेंडर कर जाते हैं, लेकिन इसकी कीमत हिंदुस्तान नहीं चुकाएगा। खेड़ा ने कहा कि हम चीन की शर्तें मानते गए, सजा भी पाते गए और हमले भी झेलते रहे। ट्रेड का Deficit बढ़कर 99 बिलियन से 112 बिलियन डॉलर पर चला गया है। हम उनके सामने झुकते चले जा रहे हैं, उनके लिए Travel restrictions को दूर कर दिया, Visa बढ़ा दिए। Press note-3 को भी अमेंड कर दिया क्योंकि चीन चाहता था कि उस पर जो restrictions थे उसे दूर किया जाए, लेकिन इसके एवज में हमें चीन से कुछ नहीं मिला।


