
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा विवादों में आ गई है। दशहरे से उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा पर निकले दिग्विजय सिंह यात्रा में बच्चों से नारे लगवाने का आरोप है। बच्चों से नारे लगवाने के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। मामले में आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
दिग्विजय सिंह की यात्रा के दौरान बच्चों से नारे लगवाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि बच्चों को पैसे का लालच देकर यात्रा में शामिल किया गया और उनसे नारे लगवाए गए। मामले को बच्चों के अधिकारों और उनके संभावित इस्तेमाल से जोड़कर देखा जा रहा है।
वीडियो के वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया है। आयोग ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर मामले की जांच कराने और दो सप्ताह के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आय़ोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठक ने संरक्षण मानवाधिकार अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत पूरे मामले का संज्ञान लिया। इसके साथ ही आयोग ने आरोपों को प्रथम दृष्टया बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन प्रतीत होना बताया है।
मानवाधिकार आयोग को की गई शिकायत में शिकायकर्ता ने आरोप लगाया है कि दिग्विजय सिंह की यात्रा में राजनीतिक नारे लगवाए गए। साथ ही इस बात की आंशका जाहिर की गई है कि बच्चों को पैंसे देकर यात्रा में बुलवाया गया। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर आयोजकों और जिम्मेदारों के खिलाफ कानून कार्रवाई की मांग की है।


