K. Annamalai Vs BJP: ‘हर किसी को विदेशी एजेंट बताना बंद करो…’ अन्नामलाई का भाजपा पर तीखा हमला, मचा बवाल!

K. Annamalai Vs BJP: 'हर किसी को विदेशी एजेंट बताना बंद करो...' अन्नामलाई का भाजपा पर तीखा हमला, मचा बवाल!

K Annamalai on BJP

कर्नाटक कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने एक बार फिर अपनी पूर्व पार्टी (भाजपा) के खिलाफ तीखा रुख अख्तियार किया है। केंद्र सरकार के खिलाफ उठने वाली हर आवाज और विरोध प्रदर्शन को “राष्ट्रविरोधी” या “विदेशी ताकतों द्वारा प्रायोजित” बताने की रणनीति पर सवाल उठाते हुए अन्नामलाई ने इसे “ईमानदारी से बेहद थकाऊ और उबाऊ” करार दिया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस द्वारा CJP नेताओं की हिरासत की वैधानिकता पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद भाजपा समर्थकों और तमिलनाडु भाजपा के नेताओं ने अन्नामलाई को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें “राष्ट्रविरोधी” बताया और आरोप लगाया कि वे सीजेपी का समर्थन कर देश विरोधी गतिविधियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

12 साल से सत्ता में हैं, फिर भी दुश्मन ढूंढना दयनीय : अन्नामलाई

अन्नामलाई ने भाजपा के इस रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार शायद यह भूल चुकी है कि वह 12 से अधिक वर्षों से देश की सत्ता संभाल रही है।

अन्नामलाई ने प्रशासनिक मशीनरी की कमियों को उजागर करते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि किसी को भी अनिश्चितकाल के लिए हिरासत या जेल में रखा जा सकता है, जमानत याचिकाएं खारिज हो जाती हैं और एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट निवारक बांड मामलों के नाम पर नागरिकों को घुमाता रहता है।

PM Modi का 2011 का बयान याद दिलाया

भाजपा के आरोपों का जवाब देने के लिए अन्नामलाई ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2011 के एक बयान का जिक्र किया।

उन्होंने याद दिलाया कि 2011 में जब अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चल रहा था, तब नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अगर उनके हाथ नहीं बंधे होते, तो वे खुद दिल्ली जाकर केंद्र सरकार (तत्कालीन यूपीए) के खिलाफ आंदोलन में शामिल हो जाते।

अन्नामलाई ने कहा, “मेरी नजर में माननीय प्रधानमंत्री ने तब जो कहा था वह बिल्कुल सही था और उसमें कुछ भी गलत नहीं था। जब विपक्ष में रहकर प्रदर्शन करना जायज था, तो आज उठने वाली आवाजों को राष्ट्रविरोधी कैसे कहा जा सकता है?”

“क्या BJP खुद सीजेपी की पीआर टीम बन गई है?”

अन्नामलाई ने भाजपा की रणनीतिक समझ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा वास्तव में सीजेपी का विरोध कर रही है या अपनी हरकतों से उसे ‘फ्री पब्लिसिटी‘ दे रही है?

अन्नामलाई ने तंज कसते हुए कहा, “क्या भाजपा सीजेपी को एक बड़ा खिलाड़ी बनाकर विपक्ष के वोटों को बांटना चाहती है? इस गति से तो सीजेपी पैसे देकर भी इससे बेहतर पीआर टीम (PR Team) हायर नहीं कर सकती थी।”
उन्होंने याद दिलाया कि विदेशों से मिलने वाले फंड (FCRA) का नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास है, देश की जांच एजेंसियां पर्याप्त सक्षम हैं और विदेश में स्थित भारतीय दूतावास किसी भी संदिग्ध नागरिक का पता लगाने में सक्षम हैं। ऐसे में बात-बात पर ‘राष्ट्रविरोधी’ का रोना बंद होना चाहिए।

जून में छोड़ी थी BJP, ‘वी द लीडर्स‘ से ठोंकेंगे चुनावी ताल

उल्लेखनीय है कि के. अन्नामलाई ने जून में भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। उनका मानना था कि तमिलनाडु में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के लिए कोई जमीनी जगह नहीं है।

  • नया संगठन : वर्तमान में वे ‘वी द लीडर्स‘ (We The Leaders – WTL) संगठन के मुख्य संरक्षक हैं और जल्द ही इसे एक पूर्ण राजनीतिक दल में बदलकर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।
  • NEET परीक्षा पर विरोध : वे नीट (NEET) और पेपर लीक के मुद्दों पर भी लगातार केंद्र सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं।

अन्नामलाई ने कहा कि नीट विरोध प्रदर्शनों के दौरान जब उन्होंने सरकार से छात्रों से बात करने का आग्रह किया था, तब से ही उन पर भाजपा समर्थकों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा, “एक तरह से मैंने इस ट्रोलिंग का आनंद लिया, क्योंकि इसने जल्दी ही मेरे ऊपर से ‘भाजपा की बी-टीम‘ का टैग हटा दिया।”
अन्नामलाई का यह ताजा बयान तमिलनाडु की राजनीति और केंद्र के खिलाफ विपक्षी गोलबंदी में एक नए सियासी तूफान का संकेत दे रहा है।